Mirror 365 - NEWS THAT MATTERS

Dear Friends, Mirror365 launches new logo animation for its web identity. Please view, LIKE and share. Best Regards www.mirror365.com

Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

आपकी आवाज़। आपका शहर। आपका घोषणा-पत्र।”: सेक्टर 48 से 51 के निवासियों ने तय किया चंडीगढ़ कांग्रेस का एजेंडा| राजीव शर्मा ने नगर निगम में “कमीशन राज” खत्म करने और शहर को उसके हक़ का पैसा देने की मांग उठाई

0
4

 

सेक्टर 48, 49, 50 और 51 की कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटियों के दर्जनों निवासियों ने आज कम्युनिटी सेंटर, निर्वाणा सोसाइटी, सेक्टर 49-बी में चंडीगढ़ कांग्रेस की घोषणा-पत्र समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा के साथ सार्थक और खुलकर बातचीत की। यह बैठक नगर निगम चुनावों के लिए पार्टी का घोषणा-पत्र सीधे शहरवासियों की आवाज़ से तैयार करने की पहल का हिस्सा थी।

चर्चा की शुरुआत करते हुए राजीव शर्मा ने कहा, “पिछले 11 वर्षों से चंडीगढ़ दोहरी मार झेल रहा है। एक ओर केंद्र सरकार शहर को उसकी ज़रूरतों के अनुसार फंड नहीं देती, तो दूसरी ओर नगर निगम में हर स्तर पर भ्रष्टाचार फैला हुआ है। इन दोनों के बीच सबसे ज़्यादा नुकसान आम नागरिक का हुआ है।”

स्थानीय निवासियों ने भी यही चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केंद्रीय और राज्य करों के रूप में चंडीगढ़ से भारत की संचित निधि में जितना पैसा जाता है, उसकी तुलना में केंद्र सरकार इस केंद्र शासित प्रदेश को बहुत कम राशि देती है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे चंडीगढ़ प्रशासन और केंद्रीय गृह मंत्रालय पर दबाव बनाएँ, ताकि शहर के बजट का 30 प्रतिशत हिस्सा नगर निगम को मिले। शर्मा ने कहा, “जब तक नगर निगम को उसके हक़ का पैसा नहीं मिलेगा, तब तक वह लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाएगा।”

निवासियों ने कहा कि जो थोड़ा-बहुत पैसा नगर निगम तक पहुँचता भी है, वह वहाँ फैले कमीशन राज और भारी-भरकम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। उन्होंने इस भ्रष्टाचार पर गहरी पीड़ा व्यक्त की और इसे रोकने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। बैठक में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए ठोस कदमों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिनमें टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता, कामों और खर्च का सार्वजनिक ब्योरा, और देरी के लिए जवाबदेही तय करना शामिल है।

इस उपेक्षा और भ्रष्टाचार का असर शहर में चारों ओर दिखाई देता है। निवासियों ने पूरे चंडीगढ़ में सड़कों की बदहाल स्थिति और रोज़ाना लगने वाले ट्रैफ़िक जाम और पार्किंग की समस्या पर गंभीर चिंता जताई, जिसकी वजह से आना-जाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने ज़ोरदार मांग की कि कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटियों के भीतर अंदरूनी सड़कों, सीवरेज व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट के रखरखाव का खर्च सोसाइटियाँ नहीं, बल्कि नगर निगम उठाए। शर्मा ने कहा, “सोसाइटियों में रहने वाले लोग भी बाकी सबकी तरह ही टैक्स देते हैं। इसलिए यह पूरी तरह उचित है कि उनके परिसर के भीतर इन बुनियादी नागरिक सुविधाओं का खर्च नगर निगम वहन करे।”

निवासियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के लिए उन्हें बधाई देते हुए शर्मा ने कहा, “आज शाम आगे आए हर निवासी का मैं आभारी हूँ। आपकी चिंताएँ सच्ची थीं, आपके सुझाव व्यावहारिक थे, और इस शहर के प्रति आपका प्रेम साफ़ झलक रहा था। जनता का घोषणा-पत्र ठीक इसी तरह लिखा जाना चाहिए।”

पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ कभी देश का गौरव था और पूरी दुनिया में “सिटी ब्यूटीफ़ुल” के नाम से जाना जाता था। उन्होंने दुख जताया कि आज यहाँ के निवासी खुद को उपेक्षित और अनसुना महसूस करते हैं।

लोगों की भावनाओं से सहमति जताते हुए शर्मा ने कहा, “लोग नगर निगम में कमीशन राज का अंत चाहते हैं, और हम भी यही चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ कांग्रेस शहर का खोया हुआ गौरव लौटाने और इसकी लंबे समय से लंबित समस्याओं का ठोस और स्थायी समाधान खोजने के लिए पूरी ईमानदारी से प्रतिबद्ध है। उन्होंने निवासियों को भरोसा दिलाया कि आज मिले हर सुझाव को शहर के एजेंडे में जगह दी जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में पूरे चंडीगढ़ में इसी तरह के संवाद आयोजित किए जाएँगे, ताकि शहर के हर वर्ग को उसका भविष्य तय करने में अपनी बात रखने का मौका मिले।

इस संवाद में भाग लेने वालों में मीनाक्षी तिवारी, जे.जे. सिंह, अनिल वशिष्ठ, परवेज़ ख़ान, आर.एस. ठाकुर, आर.एस. थापर, विजय चांदला, के.एस. धारीवाल, भाग सिंह, एम.पी. सिंह, एस.के. अरोड़ा, एस.पी.एस. ढींगरा, निर्मल सिंह, अजिंदर सिंह और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी शामिल थे।