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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

चंडीगढ़, 25 अक्टूबर 2026: “वोट चोरी गणराज्य पर सीधा हमला है”: रजनी पाटिल ने भाजपा और चुनाव आयोग पर बोला तीखा हमला एआईसीसी प्रभारी ने एसआईआर के तहत बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे जाने का लगाया आरोप; मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जवाबदेही की मांग

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चंडीगढ़: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की इंचार्ज रजनी पाटिल ने आज भाजपा और भारत निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर मतदाता सूचियों में सुनियोजित हेरफेर भारतीय लोकतंत्र के सामने आजादी के बाद के सबसे गंभीर खतरों में से एक है।
चंडीगढ़ के सेक्टर-35 स्थित कांग्रेस भवन में कांग्रेस पार्टी के देशव्यापी “वोट बचाओ, देश बचाओ” अभियान के तहत आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पाटिल ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग आम नागरिकों के मतदान के अधिकार को खतरे में डालकर गणराज्य की बुनियाद को कमजोर कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि आयोग ने 13.39 करोड़ मतदाताओं के नाम काट दिए, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के दौरान चिन्हित किए गए एक भी घुसपैठिए के संबंध में विश्वसनीय जानकारी देने में विफल रहा है।
पाटिल ने कहा, “देश के सामने सवाल बिल्कुल स्पष्ट है—क्या निर्वाचन आयोग भारतीय नागरिकों के मतदान के अधिकारों की रक्षा कर रहा है या वह भाजपा को लाभ पहुंचाने वाली राजनीतिक कवायद में मदद कर रहा है? लाखों मतदाताओं को किसी प्रशासनिक प्रक्रिया के महज आंकड़ों के रूप में नहीं देखा जा सकता। मतदाता सूची में दर्ज हर नाम एक नागरिक, एक परिवार और एक संवैधानिक अधिकार का प्रतिनिधित्व करता है। यदि उचित सुरक्षा उपायों के बिना वास्तविक मतदाताओं के नाम काटे जाते हैं, तो इसका नुकसान केवल चुनाव तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह हमारे गणराज्य की आत्मा पर चोट करता है।”
उन्होंने कहा कि यदि चुनावी प्रक्रिया ही संदेह के घेरे में आ जाए, तो कोई भी सरकार अपनी लोकतांत्रिक वैधता का दावा नहीं कर सकती। निर्वाचन आयोग को संविधान के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, न कि इस बात को लेकर अनिश्चितता पैदा करने की कि कौन मतदान कर सकता है और कौन नहीं।
उन्होंने कहा, “जब किसी नागरिक का वोट चोरी होता है, तो उसके साथ देश में उसकी आवाज भी छीन ली जाती है। जो सरकार मतदाताओं को अपनी सरकार चुनने देने के बजाय खुद अपने मतदाता चुनना चाहती है, वह लोकतंत्र को उलटकर रख रही है। वोट चोरी केवल चुनावी अनियमितता नहीं है, बल्कि यह संविधान, जनता के जनादेश और भारत की लोकतांत्रिक आत्मा पर सीधा हमला है।”
राहुल गांधी ने वोट चोरी का मुद्दा उजागर किया; कांग्रेस इसे दबने नहीं देगी
पाटिल ने कहा कि राहुल गांधी पिछले एक वर्ष से अधिक समय से कथित वोट हेरफेर का मुद्दा लगातार उठा रहे हैं और उन्होंने देश की चुनावी निष्पक्षता को राजनीतिक सुविधा की भेंट नहीं चढ़ने दिया है।
उन्होंने याद दिलाया कि अगस्त 2025 में राहुल गांधी ने कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से अधिक वोटों से संबंधित कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। इसके बाद उन्होंने बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के माध्यम से इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाया और बाद में हरियाणा की मतदाता सूचियों में लगभग 25 लाख प्रविष्टियों को लेकर सवाल उठाए।
पाटिल के अनुसार, इन प्रयासों ने उन मुद्दों को, जिन्हें भाजपा अलग-थलग शिकायतें बताकर खारिज करना चाहती थी, चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ी देशव्यापी बहस में बदल दिया है।
उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने आम मतदाता के अधिकारों के लिए आवाज उठाई है, जबकि सत्ता में बैठे लोग इन सवालों को खत्म कर देना चाहते हैं। कांग्रेस को न तो डराया जा सकता है, न उसका ध्यान भटकाया जा सकता है और न ही उसकी आवाज दबाई जा सकती है। हम इस लड़ाई को हर राज्य, हर विधानसभा क्षेत्र, हर वार्ड और हर घर तक लेकर जाएंगे, क्योंकि मतदान का अधिकार जनता का है, किसी राजनीतिक दल या सरकार का नहीं।”
पाटिल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की कार्रवाइयां उसकी स्वतंत्रता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वे ऐसी चुनावी प्रक्रिया से राजनीतिक लाभ उठा रहे हैं, जिसकी निष्पक्षता पर विपक्ष सवाल उठा रहा है।
उन्होंने निर्वाचन आयोग से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते हुए चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बहाल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से प्रत्येक नाम हटाने की कार्रवाई पारदर्शी, उचित कारणों पर आधारित और जांच के लिए खुली होनी चाहिए।
आर.एस. बाली: भाजपा संवैधानिक संस्था को राजनीतिक हथियार बना रही है
विधायक आर.एस. बाली ने आरोप लगाया कि भाजपा ने एक संवैधानिक संस्था को ऐसे साधन में बदल दिया है, जिससे उसकी विभाजनकारी राजनीति का विरोध करने वाले नागरिकों की आवाज दबने का खतरा पैदा हो गया है।
बाली ने कहा, “निर्वाचन आयोग को याद रखना चाहिए कि उसका संवैधानिक दायित्व प्रत्येक पात्र मतदाता के अधिकारों की रक्षा करना है, न कि सत्ता में बैठे लोगों के हितों की सेवा करना। किसी गरीब मजदूर, किसान, महिला, पहली बार मतदान करने वाले युवा या वरिष्ठ नागरिक के वोट का संवैधानिक महत्व उतना ही है, जितना किसी प्रभावशाली राजनेता के वोट का। किसी भी सरकार को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि किसकी आवाज मायने रखेगी और किसकी आवाज मिटा दी जाएगी।”
उन्होंने चेतावनी दी कि चुनावी व्यवस्था से जनता का विश्वास कमजोर होने के परिणाम किसी एक चुनाव तक सीमित नहीं रहेंगे। उन्होंने प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की।
एच.एस. लक्की: चंडीगढ़ कांग्रेस इस लड़ाई को हर वार्ड और हर घर तक ले जाएगी
चंडीगढ़ टेरिटोरियल कांग्रेस कमेटी (सीटीसीसी) के अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने कहा कि चंडीगढ़ कांग्रेस “वोट बचाओ, देश बचाओ” अभियान को शहर के सभी 35 नगर निगम वार्डों में और तेज करेगी तथा इस मुद्दे को हर घर तक पहुंचाएगी।
लक्की ने कहा, “लोकतंत्र केवल भाषणों और नारों के सहारे कायम नहीं रह सकता। लोकतंत्र तभी जीवित रहता है, जब प्रत्येक पात्र नागरिक बिना किसी भय के स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल कर सके। यदि किसी एक भी वास्तविक मतदाता का नाम गलत तरीके से काटा जाता है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। यदि हजारों नागरिकों के मतदान के अधिकार पर अनिश्चितता पैदा होती है, तो पूरी प्रक्रिया की जांच और जवाबदेही जरूरी हो जाती है।”
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ कांग्रेस के कार्यकर्ता सतर्क रहेंगे, नागरिकों को लामबंद करेंगे और जहां भी आवश्यक होगा, पात्र मतदाताओं को आपत्तियां दर्ज कराने तथा मतदाता सूची में सुधार करवाने में सहायता करेंगे।
लक्की ने कहा, “भाजपा को समझ लेना चाहिए कि भारत की जनता अपने संवैधानिक अधिकारों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। किसी भी चुनाव को वास्तविक अर्थों में लोकतांत्रिक नहीं कहा जा सकता, जब तक प्रत्येक पात्र मतदाता को उसमें भाग लेने का निष्पक्ष अवसर न मिले। हम इस अभियान को चंडीगढ़ के हर वार्ड, हर बूथ और हर घर तक लेकर जाएंगे। हमारी लड़ाई केवल राजनीतिक सत्ता के लिए नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय को देश के भविष्य के निर्धारण में समान आवाज दिलाने के लिए है। जब तक चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती तथा जनता का विश्वास बहाल नहीं होता, चंडीगढ़ कांग्रेस जनता के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस को एआईसीसी के सचिव विदित चौधरी तथा सीटीसीसी के महासचिव एवं मुख्य प्रवक्ता राजीव शर्मा ने भी संबोधित किया। उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा करने और प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार को सुरक्षित रखने की कांग्रेस पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि “वोट बचाओ, देश बचाओ” आंदोलन मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों से अपनी मतदाता पंजीकरण स्थिति की जांच करने तथा किसी भी विसंगति की जानकारी मिलने पर संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष उचित माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की अपील की।