चंडीगढ़, सुनीता शास्त्री। 2020निसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन, हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने आज दिनांक 19 जनवरी 2021 को चंडीगढ़ में एक प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार तुरंत प्रभाव से 2003 से पूर्व चल रहे स्कूलों की लंबित सूची जारी करी व प्राइमरी एवं मिडिल स्कूलो की निदेशालय के पास लम्बित सूची को तुरंत जारी करें।उन्होने कहा कि प्रदेश में अधिकांश संख्या प्राइमरी व मिडिल स्कूलों की है, जो मार्च से ही बंद पड़े है, जिससे इनमे पडऩे वाले 14 वर्ष तक के बच्चों के शिक्षा के अधिकार का हनन हो रहा है, उन्होंने कहा कि विशेष कर बजट स्कूल्स के विद्द्यार्थी जिनके पास लैपटॉप और स्मार्ट फोन नहीं है स्कूल बंद होने के कारण अत्यधिक प्रभाव उनकी शिक्षा पर पढ़ रहा है।अगर प्राइमरी और मिडिल स्कूल नही खोले गए तो इनकी शिक्षा में होने वाली क्षति को पूर्ण करना बहुत मुश्किल होगा। फेडरेशन के गुरुग्राम के महासचिव पंकज सेठी ने कहा कि अगर प्राइमरी और मिडिल स्कूल तुरंत नही खोले जाते है तो प्रदेश के 30 प्रतिशत स्कूल बंद हो जाएंगे और उनमें पकाने वाले शिक्षक भी बेरोजगार हो जाएंगे। कुलभूषण शर्मा ने कहा वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार अभी तक स्कूल बंद होने के कारण जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई के लिए लगभग 400 बिलियन डॉलर का खर्च आएगा। इसलिए कुलभुषण शर्मा ने सरकार से अपील की है कि जब पंजाब सरकार स्कूल खोल सकती है तो हरियाणा सरकार भी प्रदेश में प्राइमरी और मिडिल स्कूल खोले।फेडरेशन की प्रवक्ता निशा शर्मा और पिंकी शर्मा ने कहा कि सरकार 2003 से पूर्व चलने वाले स्कूलों को भूमि के मानकों में राहत प्रदान करने जा रही है जो स्वागत योग्य कदम है और हम सरकार का इसके लिए धन्यवाद करती है, साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार के पास एग्जिस्टिंग स्कूलो की सूची लम्बित पड़ी हुई है उसे तुरंत जारी कर ताकि सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली छूट का लाभ ऐसे 600 से अधिक स्कूलों को मिल सके।
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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020


















