चंडीगढ़ : आचार्य कुल, चंडीगढ़ की ओर से आज जालंधर से पधारे वरिष्ठ साहित्यकार सुरेश सेठ की 52वीं पुस्तक “फटे बटुओं में बंद हिमालय” का विमोचन और चर्चा का आयोजन कम्युनिटी सेंटर सेक्टर 43 में हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. सुरजीत पथेजा, निदेशक देश भगत यूनिवर्सिटी और विशिष्ट अतिथि चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. अनीश गर्ग और अध्यक्षता पार्षद प्रेम लता ने की। मंच संचालन डॉ. संगीता शर्मा कुंद्रा ‘गीत’ और सरस्वती वंदना प्रो. पल्लवी रामपाल ने प्रस्तुत की। गायक नैन्सी ने पिता पर गीत पेश किया।
आचार्य कुल संस्था के अध्यक्ष के के शारदा ने आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया। पुस्तक पर बोलते हुए साहित्यकार प्रेम विज ने कहा कि हास्य जहांँ गुदगुदाता है व्यंग्य वहीं सोचने के लिए मजबूर करता है। पुस्तक में समाज की विसंगतियों, विडंबनाओं और मानवीय कमजोरी पर गहरी चोट की गई है। पुस्तक पर प्रपत्र पढ़ते हुए साहित्यकार अरुण नैथानी ने कहा,”चर्चित व्यंग्यकार सुरेश सेठ अपने नये व्यंग्य संग्रह ’फटे बटुओं में बंद हिमालय’ में वक्त की विडंबनाओं और विसंगतियों पर गहरा तंज करते हैं।”वशिष्ठ अतिथि के रूप में बोलते हुए डॉ. अनीश गर्ग ने कहा सुरेश सेठ की पुस्तक एक प्रभावशाली व्यंग्य-संग्रह है। शीर्षक ही अपने आप में एक गहरा प्रतीक है।पुस्तक के लेखक सुरेश सेठ ने अपनी पुस्तक के बारे में बोलते हुए कहा कि मैंने समाज और राजनीति में जो कुछ विसंगतियों को देखा उसी को अपनी लेखनी में व्यक्त किया है। इसके अतिरिक्त पटियाला से पधारे डॉ. महेश गौतम और ऊना से आए कुलदीप शर्मा और पटियाला से पहुंँचे शायर सागर सूद, राजेश राय, अध्यक्ष आर डब्ल्यू ए राजेश राय, अवतार सिंह भवरा, सहायक निदेशक मीडिया, देश भगत यूनिवर्सिटी के साथ सुरेश सेठ की बहु रानी ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर हिंदी पंजाबी उर्दू के लगभग 50 साहित्यकारों ने भाग लिया। शायर अशोक नादिर भंडारी ने अंत में सबका धन्यवाद किया।






























