नयी दिल्ली, 14 जून को जेएनयू के एलुमनाई एसोसिएशन के चुनाव के नतीजें आ गए है।नतीज़ों विश्वविद्यालय सहित समूचे देश को चौंका दिया है। भारी जीत के बाद नई कार्यकारिणी गठित हुई। कहते है एक सकारात्मक सोच ही किसी विश्वविद्यालय और राष्ट्र को आगे लेकर जाती हैं। इसकी बानगी जवाहलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के एल्युमनी एसोसिएशन ऑफ़ जेएनयू (AAJ) की नयी कार्यकारिणी के लिए हुए चुनाव के दौरान जे एन यू के वर्तमान और पूर्व विद्यार्थियों, प्राध्यापकों ने एक नए पैनल को नया आकार देकर साबित किया। विस्वा पैनल ने भारी मतों से जीत दर्ज की। देश की जानी मानी पत्रकार और लेखिका डॉ दर्शनी प्रिय ने संयुक्त सचिव पद पर निर्विरोध जीत दर्ज की। डॉ दर्शनी लंबे समय से जेएनयू के छात्रों के अधिकारों के लिए एक समर्पित एक कार्यकर्ता रही है। साल 2018 में जेएनयू से पीएचडी धारक डॉ दर्शनी ने लेखिका और पत्रकार के रूप में अपना करियर शुरू किया और जेएनयू की ज्ञान, सेवा और संघर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाया। चाहे छात्रों के जनकल्याण का मुद्दा हो, या एलुमिनाई सदस्यों के कल्याण का विषय हो, परिसर में छात्रों को सुविधाएं देने की बात हो या सदस्यों को एकजुट करने का विषय हो डॉक्टर दर्शनी ने प्रत्येक मोर्चे पर एक निर्णायक भूमिका निभाई। यही वजह है कि अल्युमिनियम संगठन के संयुक्त सचिव पद पर उन्हें निर्विरोध चुन लिया गया। यह एक बड़ी ऐतिहासिक घटना है। यह उनके सरल,समर्पित और संयमित व्यक्तित्व का ही परिचय है कि उन्हें जेएनयू के एलुमनाई का स्नेह और सम्मान एकमत से मिला। नई कार्यकारिणी में एक संयुक्त सचिव के रूप में निश्चित ही वह सदस्यों के जनकल्याण से जुड़े कार्यों को नया विस्तार देंगी, ऐसी अपेक्षा है। उनके उज्जवल भविष्य की वर्तमान की तैयारी है। यह निर्णायक जनादेश सुधार, पारदर्शिता और पूरी तरह से एकजुट जेएनयू समुदाय के पक्ष में एक ऐतिहासिक वोट है। इसके साथ ही रचनात्मक संस्थागत विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है ।
सार्वजनिक विचारकों के वैश्विक नेटवर्क का
नया नेतृत्व एक ऐतिहासिक मोड़ पर ‘आज’ (AAJ) की कमान संभाल रहा है। यह एसोसिएशन दुनिया भर में फैले 80,000 से अधिक पूर्व छात्रों के एक बेहद शक्तिशाली नेटवर्क का प्रतिनिधित्व करता है। सार्वजनिक विचारकों के रूप में व्यापक पहचान रखने वाले इस संगठन के सदस्यों में नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी, वैश्विक प्रधान मंत्री और दो प्रमुख केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों के साथ-साथ दुनिया भर के थिंक टैंक, शिक्षा जगत, पत्रकारिता और सिविल ब्यूरोक्रेसी के हजारों शीर्ष नेतृत्वकर्ता शामिल हैं।
नवनिर्वाचित कार्यकारी समिति ने इस संगठन को आगे बढ़ाने के लिए एक स्पष्ट और एकजुट जनादेश देने के लिए दुनिया भर में फैले अपने सभी पूर्व छात्रों का आभार व्यक्त किया।
कल संपन्न हुई वैश्विक ऑनलाइन मतदान प्रक्रिया के बाद, ‘विश्व’ (ViSHVa) पैनल ने चारों शीर्ष नेतृत्व पदों पर निर्णायक जीत हासिल की। इसके साथ ही पैनल के सात कार्यकारी सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं।एकेडमिक उत्कृष्टता और पेशेवर नेतृत्व के अनूठे मेल के साथ ‘आज’ (AAJ) की कमान संभालने वाले नवनिर्वाचित शीर्ष अधिकारियों में
अध्यक्ष पद पर डी.पी. वाजपेयी (प्रसिद्ध शिक्षाविद्, सामाजिक उद्यमी और डीआईएएस इंडिया ग्रुप के निदेशक),उपाध्यक्ष पद हेतु हिमांशु शेखर (प्रतिष्ठित पेशेवर और मीडिया जगत की जानी-मानी हस्ती),
महासचिव पद के लिए डॉ. संदेशा रायपा (जेएनयू की प्रसिद्ध शिक्षाविद्) और संयुक्त सचिव पद हेतु डॉ दर्शनी प्रिय (जेएनयू से उतीर्ण प्रसिद्ध लेखिका और पत्रकार),कोषाध्यक्ष: डॉ. एन. विजय कुमार (दिल्ली विश्वविद्यालय के सम्मानित शिक्षाविद्)।
इसके अतिरिक्त सात अन्य पदों पर निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुये। डॉ हरीश चन्द्र, डॉ मेदिनी प्रसाद राय, डॉ राजीव कुमार, डॉ अजय कुमार , इरफ़ान अहमद तथा शीतांशु धर द्विवेदी आदि कार्य कारिणी सदस्य हेतु निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए।
यह समूह पूर्व छात्रों के एक बेहद शक्तिशाली नेटवर्क का प्रतिनिधित्व करता है। सार्वजनिक विचारकों के रूप में व्यापक पहचान रखने वाले इस संगठन के सदस्यों में नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी, वैश्विक प्रधान मंत्री और दो प्रमुख केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों के साथ-साथ दुनिया भर के थिंक टैंक, शिक्षा जगत, पत्रकारिता और सिविल ब्यूरोक्रेसी के हजारों शीर्ष नेतृत्वकर्ता शामिल हैं।
नवनिर्वाचित कार्यकारी समिति ने इस संगठन को आगे बढ़ाने के लिए एक स्पष्ट और एकजुट जनादेश देने के लिए दुनिया भर में फैले अपने सभी पूर्व छात्रों का आभार व्यक्त किया है।

























