चण्डीगढ़, 28 अक्तूबर- हरियाणा और अफ्रीका व्यापार व विकास के मामले में आपसी सहयोग कर भारत-अफ्रीका के सम्बन्धों को और मजबूत बनाने में एक नया अध्याय लिखेंगे। यह बात हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने शुक्रवार को आयोजित यहां हरियाणा-अफ्रीका कॉन्क्लेव सीरीज-1 कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए कही।
इस काॅन्कलेव में हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला, केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री श्री वी. मूरलीधरन, विदेश सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव, श्री योगन्द्र चैधरी तथा विभाग के महानिदेशक श्री प्रेमनाथ पाण्डे सहित एक दर्जन से भी अधिक अफ्रीकी देशों के राजदूत उपस्थित थे। इन देशों में मेडागास्कर, तंजानिया, मॉरीशस, केन्या, युगांडा, दक्षिण अफ्रीका, जाम्बिया, मोजाम्बिक, घाना, बोत्सवाना, नाइजीरिया, मोरक्को, सेनेगल के राजदूत उपस्थित थे।
श्री दत्तात्रेय ने कहा यह कि काॅन्कलेव भारत-अफ्रीका के सम्बन्धों को और घनिष्ट बनाने तथा अफ्रीकी देशों को व्यापार वाणिज्य और पर्यटन के क्षेत्र में हरियाणा के साथ जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय राज्यों को विदेशों और विशेष रूप से अफ्रीकी देशों के साथ व्यापार, वाणिज्य और पर्यटन को बढ़ाने का अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि भारत और अफ्रीका के प्राकृतिक सम्बन्ध हैं और दोनो एक दूसरे के लिए बने हैं।
राज्यपाल श्री दत्तात्रेय ने कहा कि अफ्रीका और हरियाणा के बीच सहयोग की अपार सम्भावनाएं हैं, यह सम्बन्ध सभी स्तरों पर सतत और विकास के रूप में स्थापित हुए है। उच्च शिक्षा से लेकर कौशल विकास तक, आईटी सक्षम सेवाओं से लेकर खाद्यान्न विकास तक, हरियाणा अफ्रीका के साथ साझेदारी करने के लिए हर स्थिति में काम करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि कृषि और खनन अफ्रीकी अर्थव्यवस्था के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। हरियाणा इन दोनों क्षेत्रों के साथ-साथ आॅटोमोबाईल, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी उत्पाद में अफ्रीकी देशों की मदद करने में आगे बढ़कर कार्य करेगा। इससे बिचैलिया व्यवस्था पर अंकुश लगेगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में व्यापार के क्षेत्र में भारत अफ्रीका का तीसरा सबसे बड़ा साझेदार है। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़कर अब 77 अरब अमेरिकी डाॅलर से भी अधिक हो गया है। इस प्रकार से भारत अफ्रीका में निवेश करने वाला पांचवा सबसे बड़ा देश भी है। इसमें हरियाणा का महत्वपूर्ण योगदान है।
राज्यपाल श्री दत्तात्रेय ने कहा कि हमें क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण, ई-कॉमर्स, वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य, तकनीकी शिक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आदि क्षेत्रों सहित आपसी जुड़ाव के लिए नए क्षेत्रों की खोज में कार्य करना है जिससे हम अपने मित्र देशों को और अधिक सशक्त बनाने में कामयाब होंगे।
उन्होंने कहा कि कृषि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा कौशल विकास में हरियाणा के उच्च शिक्षा संस्थानों ने नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी कॉलेज ने देश का पहला इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर विकसित किया है। यह नवाचार और अनुसंधान की शक्ति को दर्शाता है, हमारे विश्वविद्यालयों के पास प्रचुर मात्रा में प्रतिभा और टेक्नोलॉजी है।
इस कार्यक्रम में हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चैटाला ने कहा कि हरियाणा का क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी तीन ओर से जुड़ा हुआ है और यहां यातायात की बेहतर सुविधाएं हैं। इसके साथ-साथ खेल, स्वास्थ्य, कृषि, डेयरी, मत्सय पालन, आॅटोमोबाईल, सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश का प्रथम राज्य है। इन सभी क्षेत्रों में हरियाणा अफ्रीकी देशों के लिए मद्दगार साबित होगा।
Mirror 365 - NEWS THAT MATTERSDear Friends, Mirror365 launches new logo animation for its web identity. Please view, LIKE and share. Best Regards www.mirror365.com
Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020



















