
- शिमला, मनाली और धर्मशाला में होटलों के करीब 30 हजार कमरों मेंं 90 फीसदी ऑक्यूपेंसी
- शिमला के आसपास बल्देयां, नालदेहरा, कुफरी और चायल के होटलों में भी10 फीसदी कमरे खाली
Dainik Bhaskar
Dec 31, 2019, 08:22 AM IST
शिमला/कुल्लू/धर्मशाला. कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद से हालात काफी खराब हैं। इस वजह से वहां जाने वाला टूरिस्ट हिमाचल का रुख कर रहा है। इसी वजह से 31 दिसंबर के लिए यहां आमद 35-40 % बढ़ गई है। प्रदेश के तीनों बड़े टूरिस्ट डेस्टिनेशन, शिमला, मनाली और धर्मशाला में होटलों के करीब 30 हजार कमरों मेंं 90 फीसदी ऑक्यूपेंसी है। और जो 10% बचे हैं उनके मंगलवार दोपहर तक फुल होने की संभावना है।
शिमला सिटी में तो 4 जनवरी तक सभी हाेटल बुक हो चुके हैं। पर्यटकाें के लिए एडवाइजरी जार की गई है कि वे इंतजाम कर ही इन तीनों जगह जाएं। अन्यथा आसपास के डेस्टिनेशन पर न्यू ईयर सेलिब्रेट करें। शिमला से 20 से 35 किमी दूर बल्देयां, नालदेहरा, कुफरी और चायल के होटलों में भी 10 फीसदी कमरे ही खाली बचे हैं। शिमला होटल एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट अश्वनी सूद कहते हैं कि अब जो भी पर्यटक शिमला आने के लिए फोन कर रहे हैं तो उन्हें आसपास के उपनगरों के होम स्टे या दूसरे हिल स्टेशंस की जानकारी दे रहे हैं। मौसम विभाग ने नए साल पर बर्फबारी की संभावना भी जताई है। इस वजह से भी फुटफॉल बढ़ा है।
आज दोपहर तीन बजे से पहले पहुंचे शिमला
पर्यटकाें काे अगर नए साल पर शिमला आना है ताे 31 दिसंबर को दोपहर तीन बजे से पहले पहुंच जाना चाहिए। तीन बजे के बाद गाड़ियों को टूटीकंडी क्रासिंग से खलीनी होकर संजाैली और लक्कड़ बाजार भेजा जाएगा। इस वजह से इन एरिया के होटलों में आने वालों को सात से 15 किमी का सफर तय करना होगा।
इमरजेंसी में करें काॅल
1077 नंबर पर फाेन करके पर्यटक काेई भी मदद ले सकते हैं। प्रशासन ने शहर काे सात जाेन में बांटा है। हर जाेन के लिए एक अधिकारी की नियुक्ति की गई है। यह अपने जाेन बर्फबारी या अन्य सुविधाओं के लिए जिम्मेवार है। पर्यटकाें काे पूरी मदद मिल सकेगी।
इन नंबरों पर लें जानकारी
एचपीटीडीसी ने पूछताछ या जानकारी के लिए मेल आईडी और फाेन नंबर जारी किए हैं। पर्यटक इंक्वायरी के लिए E-mail: [email protected], www.hptdc.nic.in और फाेन: (0177) 2652561, 2658302 पर संपर्क कर सकते हैं। यहां पर एचपीटीडीसी के हाेटलाें की ऑक्यूपेंसी, पैकेज और ऑफर के बारे में भी पूरी जानकारी मिलेगी। वाहनाें की पार्किंग के बारे में भी पता चल जाएगा।



















