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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

लगभग तीन सौ किसान शहीद हो चुके हैं।

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देश भर के किसान पिछले तीन महीनों से भी ज्यादा समय से केन्द्र सरकार के तीन काले कानून के खिलाफ दिल्ली-हरियाणा की सीमा पर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। इस आंदोलन में अब तक लगभग तीन सौ किसान शहीद हो चुके हैं। परंतु यह बड़े खेद की बात है कि मोदी सरकार और हरियाणा की खट्टर सरकार अपनी हिटलरशाही व हठधर्मिता के चलते किसानों की जायज मांगे मानने के बजाए इन आंदोलनरत किसानों को आतंकवादी और देशद्रोही बताने पर तुली हुई है और इस अहिंसक आंदोलन को दबाने के तमाम हथकंडे अपना रही है।
यह बातें हरियाणा में पार्टी मामलों के प्रभारी श्री विवेक बंसल ने चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने मोदी सरकार के तानाशाहीपूर्ण रवैये की भत्र्सना करते हुए कहा कि मोदी सरकार को अहम छोड़ कर किसानों की बात सुननी चाहिए और तुरंत प्रभाव से कृषि विरोधी तीन काले कानूनों को रद्द कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अपने कुछेक बड़े उद्योगपतियों को नाजायज फायदा पहुंचाने के लिए देश को बेचने का काम कर रही है। हरियाणा विधान सभा में भाजपा-जजपा के मंत्रियों व विधायकों द्वारा कांग्रेस पार्टी पर लगाये जा रहे अनर्गल आरोपों का जवाब देते हुए श्री बंसल ने कहा कि किसान किसी के बहकावे में आने वाला नहीं है वह अपने नफे-नुकसान को भलीभांति समझता है। उन्होंने कहा कि जब तक मोदी सरकार तीन काले कानून निरस्त नहीं कर देती तब तक कांग्रेस पार्टी किसानों की आवाज बुलंद करती रहेगी। उन्होंने पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस की कीमतों में हो रही बेतहाशा वृद्धि पर बोलते हुए कहा कि पैट्रोलियम पद्यार्थों की कीमतें तुरंत प्रभाव से घटाई जायें ताकि देश की जनता पर और अधिक आर्थिक बोझ न पड़े।
कांग्रेस पार्टी द्वारा हरियाणा विधान सभा में लाये गये अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए श्री विवेक बंसल ने कहा कि चाहे यह अवश्विास प्रस्ताव गिर गया हो परंतु इससे वे विधायक बेनकाब हो गए हैं जो किसान हितैषी होने का दावा करते थे। जजपा पार्टी ने तो अपने विधायकों को दलबदल विरोधी कानून का डर दिखा कर उनसे विधान सभा में बोलने का अधिकार तक छीन लिया। आज देश की जनता के सामने किसान-विरोधी पार्टियों व तथाकथित नेताओं का पर्दाफाश हो गया है।
श्री विवेक बंसल ने कहा कि हरियाणा में बेरोजगारी चरम सीमा पर है। भाजपा-जजपा के नेता चुनावों के समय रोजगार देने की बातें करते नहीं थकते थे परंतु सत्ताधारी गठबंधन पिछले वर्ष मुहैया कराये गए रोजगारों का ब्योरा तक नहीं दे पा रहा है। हाल ही में पेश किए गए बजट में भी बेरोजगारी को दूर करने की कोई ठोस नीति दिखाई नहीं देती। आज प्रदेश आर्थिक संकट से जूझ रहा है, कानून-व्यवस्था की स्थिति चरमरा चुकी है, किसान, मजदूर व अन्य सरकारी कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर सडक़ों पर है, परंतु खट्टर सरकार कुंभकर्णी नींद सो रही है। भाजपा-जजपा के मंत्रियों व विधायकों में आपसी कलह चरम पर है। पुलिस विभाग के मुखिया को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री व गृह मंत्री की अनबन जग जाहिर है जिसका खमियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। श्री बंसल ने कहा कि जब किसी भी विभाग के मुखिया को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा होती है तो उस विभाग के दल-बल का मनोबल गिरना भी स्वाभाविक है और यही कारण है कि आज हरियाणा में मर्डर, बलात्कार, डकैती, फिरौती आदि की घटनायें आम हो गई हैं, अपराधियों में पुलिस का भय तक नहीं है।
श्री विवेक बंसल ने कहा कि भाजपा सरकार बदले की भावना से राजनीति कर रही है। आज विपक्षी दल का कोई भी नेता अथवा अन्य कोई भी व्यक्ति सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसके घर पर ईडी अथवा सीबीआई का छापा मरवा कर उसे मानसिक तौर पर प्रताडि़त किया जाता है। अनुराग कश्यप, तापसी पन्नू तथा कांग्रेस के विधायक धर्मसिंह छौक्कर भाजपा की बदले की राजनीति के ताजा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कालका से कांग्रेस विधायक प्रदीप चौधरी की सदस्यता को भी सरकारी अवकाश वाले दिन आनन-फानन में निरस्त कर दिया गया, जबकि उचित यह रहता कि उन्हें शीर्ष अदालत में जाने का समय दिया जाता और उसके बाद कोई निर्णय लिया जाता। आज भाजपा सरकार की हिटलरशाही के चलते देश में अघोषित अपातकाल की स्थिति बनी हुई है, किसी को भी बोलने तक का अधिकार नहीं है।
संगठन के बारे में पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए श्री विवेक बंसल ने कहा कि प्रदेश के पार्टी नेताओं व कार्यकत्र्ताओं से सघन विचार-विमर्श किया जा रहा है और शीघ्र ही प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी गठित कर दी जायेगी।
इस अवसर पर विधायक श्री शमशेर सिंह गोगी व श्रीमती शैली चौधरी, पूर्व संसदीय सचिव चौ. रामकिशन गुज्जर, कोषाध्यक्ष रोहित जैन, महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्षा श्रीमती सुधा भारद्वाज, एआईसीसी सदस्य चक्रवर्ती शर्मा, मीडिया समन्वयक निलय सैनी, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रमेश बामल, बालमुकुंद शर्मा, संजीव भारद्वाज, कार्यक्रम निगरानी इंचार्ज रणधीर राणा भी उपस्थित थे।