- चंडीगढ़ पुलिस ने 9 जुलाई को भेजा था एससी बीसी वेलफेयर डिपार्टमेंट के निदेशक को पत्र, अभी नहीं दिया जवाब
Dainik Bhaskar
Jul 18, 2019, 06:42 AM IST
चंडीगढ़. एससी बीसी वेलफेयर डिपार्टमेंट में हुए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले में चंडीगढ़ पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। मई में मामले की शिकायत दिए जाने के बाद पुलिस ने करीब तीन करोड़ के घोटाले में एफआईआर तो दर्ज कर ली लेकिन डिपार्टमेंट की ओर से पुलिस को रिकॉर्ड या सूचनाएं नहीं दी जा रही है।
जबकि इसके बाद डिपार्टमेंट में 14.93 करोड़ रुपए का नया घोटाला भी सामने आ चुका है, जिसकी एफआईआर के लिए भी चंडीगढ़ पुलिस को लिखा गया था, लेकिन इस नए घोटाले पर पुलिस यह निर्णय नहीं ले सकी है कि इसके लिए नई एफआईआर दर्ज की जाए या पुरानी एफआईआर से यह मामला जोड़ा जाए।
चंडीगढ़ पुलिस की ओर से 9 जुलाई को डिपार्टमेंट के निदेशक को पत्र लिखकर दस बिंदुओं पर सूचना और रिकॉर्ड मांगा था, जोकि अभी तक नहीं दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि विभाग के कुछ अधिकारी इस मामले को दबाने की भी कोशिश कर रहे हैं। क्योंकि इसमें कई कर्मचारी पहले नप चुके हैं। यदि मामले की पूरी पड़ताल होती है तो कहीं न कहीं आंच उन तक भी पहुंच सकती है।
चंडीगढ़ पुलिस के जांच ऑफिसर एवं डीएसपी सुखराज कटेवा हमने निदेशक को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है, लेकिन अभी तक कोई भी रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही जांच आगे बढ़ सकती है। 14.93 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े के मामले में अभी एफआईआर को लेकर कानूनी सलाह ले रहे हैं।
चंडीगढ़ पुलिस ने यह मांगी है जानकारी
- आधार नंबर बदलने वाली संबंधित ब्रांच में कंप्यूटर कौन ऑपरेट करता है और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
- डिपार्टमें की एकाउंट ब्रांच और ट्रेनिंग ब्रांच को जोन आईडी व पासवर्ड और जो आईपी एड्रेस दिया हुआ है, वह मुहैया कराया जाए।
- मेल आईडी पासवर्ड और आईपी का इस्तेमाल करने के लिए जारी की गई गाइड लाइन या ऑर्डर बताया जाए।
- जिस कंप्यूटर में आधार नंबर बदलकर फ्रॉड किया गया है, उसका सीपीयू दिया जाए।
- ट्रेनिंग और एकाउंट ब्रांच की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाला मेल आईडी और पासवर्ड दिया जाए। साथ ही, इसका संचालित करने वाले अफसर का नाम और पद बताएं।
- ट्रैनिंग और एकाउंट ब्रांच में कंप्यूटर ऑपरेट करने से संबंधित ड्यूटी रोस्टर या ऑर्डर बताए जाएं।
- यह बताया जाए कि जो ऑन लाइन डाटा है वह एनआईसी या अन्य कहीं सेव हैं।
- 27 मार्च को जो मीटिंग हुई, उसकी प्रोसिडिंग दी जाए।
- सोनीपत के एकाउंटेंट सुरेंद्र कुमार की ओर से क्या कोई गलती की अंडरटेकिंग दी गई। यदि ऐसा है तो उसकी कॉपी भेजी जाए।
- डीडब्ल्यूओ और एचओडी की ओर से ट्रेजरी या बैंक मे जो डाटा भेजा गया, उसमें डाटा मैच हो रहा है या नहीं। इसकी जानकारी दी जाए।



















