-कोरोना महामारी के खात्मे को हवन भी किया
गुडग़ांव 14 मई 2021: अखिल भारत वर्षीय श्री चौरासिया ब्राह्मण महासभा सेक्टर 15 पार्ट-2 के प्रांगण में ब्राहमण वेलफेयर एसोसिएशन व ब्राह्मण एकता मंच द्वारा भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर हवन यज्ञ किया गया। इस अवसर पर पूर्व इंस्पेक्टर विजय शर्मा द्वारा गीता ग्रंथ भेंट की गई। जितेंद्र अत्री द्वारा जरूरतमंदों को दवाइयां भी वितरित की गई।
उत्तर भारत के विद्वान पंडित एसडी शास्त्री द्वारा हवन यज्ञ कराया गया। इस अवसर पर कोरोना गाइडलाइन का विशेष रूप से पालन किया गया। गुडग़ांव गांव ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष टीपी शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर हम सभी भगवान से प्रार्थना करते हैं कि जल्द से जल्द कोरोना नामक बीमारी हिंदुस्तान से खत्म हो जाए। पूर्व इंस्पेक्टर विजय शर्मा ने इस अवसर पर सभी को गीता ग्रंथ भेंट किए। ब्राह्मण एकता मंच के महासचिव सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि इस कोरोना काल में जितनी मानव सेवा की जाए उतनी ही कम है। सभी को मिलकर इस बिमारी में एक दूसरे के काम आना चाहिए। नगर निगम के पूर्व सफाई अधिकारी अंबिका प्रसाद शर्मा ने कहा कि बीमारियों से हमें निजात तभी मिलेगी, जब हम अपने आसपास सफाई रखेंगे। वरिष्ठ ब्राह्मण नेता सुरेंद्र शर्मा गाड़ौली ने कहा कि इस बीमारी से लडऩे के लिए हमें एक दूसरे की मदद करनी चाहिए। श्री राम सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज पाठक ने कहा कि ब्राह्मण सदैव दूसरों के लिए समर्पित है। समाजसेवी विनोद शर्मा मीनू ने कहा कि सामाजिक संस्थाएं सभी के सहयोग से चलती है। जिला अध्यक्ष कमल शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण समाज इस बीमारी को जड़ से खत्म करके रहेगा।
ब्राह्मण वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष अजय शर्मा ने कहा कि हम सभी को भगवान परशुराम जी के दिखाए हुए मार्ग पर चलना चाहिए। भगवान परशुराम जी ने सदैव मानव की भलाई की है। भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव पर वातावरण को शुद्ध करने के लिए एक हवन यज्ञ किया गया। जिसमें सरकार की गाइडलाइन का पूर्णतया पालन किया गया। भारत भाग्य विधाता अस्पताल निदेशक सत्य प्रताप शर्मा ने कहा कि बीमारी को हम छोटी ना समझे। अगर कोई हमें तकलीफ है तो तुरंत डॉक्टरों की सलाह ले। इस अवसर पर सुरेंद्र शर्मा महासचिव ब्राह्मण एकता मंच, पंकज पाठक अध्यक्ष श्रीराम सोसाइटी, एसडी शास्त्री, कमल शर्मा गुडग़ांव जिला अध्यक्ष, अरविंद शर्मा व वरिष्ठ ब्राह्मण नेता सुरेंद्र शर्मा गाडौली मौजूद थे।























