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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

CM सुक्खू और नीरज भारती के बीच जुबानी जंग तेज, डोप टेस्ट कराने की चुनौती तक पहुंचा विवाद

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हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) और कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष नीरज भारती के बयानों पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। रविवार को सचिवालय में एक बैठक के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीरज भारती कोई मुद्दा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई नशेड़ी व्यक्ति कोई बयान देता है तो उसे गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद नीरज भारती ने वीडियो जारी कर पलटवार किया और सीएम सुक्खू को डोप टेस्ट कराने की खुली चुनौती दे डाली। नीरज भारती ने दावा किया कि उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री को विधानसभा के भीतर ‘पत्ताछाप खैनी’ रगड़ते और खाते हुए देखा है। उन्होंने कहा कि वह अपने बेटे को घुमाने गए थे और यदि वह रात में वीडियो बनाते हैं तो उसे नशे की हालत में बनाया गया वीडियो बताना गलत है। नीरज भारती ने कहा कि सुक्खू प्रदेश की सर्वोच्च कुर्सी पर बैठे हैं, लेकिन उनकी “टुच्चों वाली हरकतें” अभी भी खत्म नहीं हुई हैं।

नीरज भारती ने यह भी कहा कि वह पहले शराब का सेवन करते थे और मुख्यमंत्री सुक्खू उनके साथ पैग भी लगा चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि जब जी.एस. बाली मंत्री थे और विधानसभा सत्र के दौरान डिनर आयोजित किया जाता था, तब उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ शराब पी थी। भारती ने कहा कि वह सिगरेट भी पीते थे और विधानसभा परिसर के आसपास इसके लिए जगह तलाशते थे।उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विधानसभा के अंदर खैनी खाते थे और थूकने के लिए बाहर नहीं जा पाते थे, इसलिए उसे निगल लेते थे, जिससे उन्हें पेट संबंधी दिक्कतें हुईं। भारती ने कहा कि वह पहले शराब पीते थे, लेकिन अब उन्होंने सभी प्रकार के नशे छोड़ दिए हैं।

नीरज भारती ने यह भी दावा किया कि डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री को शराब पीने से सख्त मना किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू को चंडीगढ़ में डोप टेस्ट कराने की चुनौती देते हुए कहा कि हिमाचल में डोप टेस्ट नहीं कराया जाना चाहिए, क्योंकि वहां का पूरा तंत्र मुख्यमंत्री के अधीन है।