पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि लालमणि ने निजी आश्रम में रहते हुए ही अपनी पढाई पूरी की और एनटीटी कोर्स बतौर शिक्षक काम कर रही है। अनुसन्धान अधिकारी एएसआई राजेश ने परिवार को ढूँढना शुरू किया। लालमणि से दिन में कई बार काउंसलिंग की गई जिसमें बारीक से बारीक जानकारी पूछी जाती थी। इसके अलावा लालमणि को अलग अलग राज्यों की वीडियो दिखाई गई ताकि लालमणि को कुछ याद आ सके। निजी सूत्रों से राजेश कुमार को झारखंड का लिंक मिला। इसी तफ्तीश को आगे बढ़ाते हुए झारखण्ड पुलिस संपर्क किया गया और पता किया गया कि ऐसे लोग कहां कहां रहते हैं, जहाँ से जानकारी मिली कि इस प्रकार के लोग और लोहार जाति के लोग गुमला जिला या खूंटी जिला में हो सकते है। इसके अतिरिक्त यह भी जानकारी मिली कि लालमणि का सम्बन्ध लोहे का कार्य करने वाले परिवार से हो सकता है , जिस आधार पर पता चला कि डुमरी प्रखंड गांव के मुखिया का संपर्क नंबर किया गया। वहां बातचीत से पता चला कि उनके गाँव डूंगरी से एक लड़की 2005 में अपनी माँ के साथ दिल्ली गई थी और वहां गुम हो गई थी। उक्त सूचना के आधार पर स्टेट क्राइम ब्रांच पंचकूला ने फोन के माध्यम से लालमणि के भाई से संपर्क किया और लालमणि के परिवार की पुष्टि कर परिवार को दिल्ली बुलवाया और लड़की को परिवार से मिलवाया गया।
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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020



















