
- पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल ने पारदर्शिता लाने के दिए निर्देश
- रिकॉर्ड में 150 के करीब ऐसे पुलिसवाले है जिन पर दर्ज हैं गंभीर मामले
Dainik Bhaskar
Feb 24, 2020, 09:04 AM IST
लुधियाना. आपराधिक मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले पुलिसवाले अब पब्लिक डीलिंग का काम नहीं करेंगे। पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल ने सख्ती दिखाते हुए विभाग में निर्देश जारी किए हैं और सभी को हिदायत दी है कि इसे फाॅलो करें। ऐसे करने से सिस्टम में पारदर्शिता आएगी और लोगों को इंसाफ मिलेगा।
आंकड़ों की बात करें तो पुलिस के रिकॉर्ड में 150 के करीब ऐसे पुलिसवाले हैं, जिन पर नशा तस्करी, करप्शन, मारपीट और अन्य मामले दर्ज हैं। कुछ जेल जाकर जमानत पर बाहर हैं और ड्यूटी ज्वाइन कर चुके हैं। क्योंकि उक्त मामलों की पड़ताल चल रही है। ऐसे पुलिसवालों को पब्लिक डीलिंग से दूर रखा जाएगा।
ऑफिशियल वेबसाइट पर नजर आएगी पुलिस की कार्रवाई
करप्शन करने वाले पुलिसवालों के लिए अधिकारी ज्यादा सख्ती करने के मूड में हैं। उनकी सर्विस बुक में तो इसे लिखा ही जाएगा, साथ ही भ्रष्टाचार करने वाले पुलिसवालों का अपडेट आफिशियल वेबसाइट पर डाला जाएगा। असके साथ ही पुलिस ने उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की, उसे भी वहां लिखा जाएगा। ताकि लोगों को लगे कि सिस्टम पारदर्शी है।
दागी पुलिसवालों पर इंटरनल विजिलेंस रखेगी नजर
आपराधिक मामलों में संलिप्त पुलिसवाले कानूनी दाव-पेच से ड्यूटी पर तो आ जाएंगे। लेकिन उनकी निगरानी के लिए भी इंटरनल विजिलेंस टीम बनाई गई है, जोकि उनपर नजर रखेंगे। इसके बारे में दागियों को पता नहीं चलेगा, लेकिन उसका रिकार्ड रोज अधिकारियों तक पहुंचेगा।
दागी पुलिसवालों को ढूंढ़ने में लगा महकमा
कुछ दागी पुलिसवालों का रिकाॅर्ड तो पुलिस के पास है, लेकिन कुछ के बारे में उन्हें नहीं पता। इन दिनों हर थाना अपने-अपने लेवल पर दागी पुलिसवालों का रिकाॅर्ड तैयार कर भेजने के लिए कहा गया है। जिसमें वो बताएं कि किस पुलिसवाले पर, किस धारा के तहत पर्चा दर्ज हुआ था। इस समय वो थाने में क्या काम कर रहा है। अगर पब्लिक डीलिंग है तो उसे तुरंत वहां से हटाया जाए। उक्त पुलिसवाले को पुलिस लाइन या फिर इंटरनल काम के लिए रखा जाए।



















