चंडीगढ़,सुनीता शास्त्री। राष्ट्रीय स्तर क ा पेन लैस अत्याधुनिक डेंटल क्लीनिक -डॉ. कोचर्स हाउस ऑफ स्माइल्स क्लीनिक को प्रतिष्ठित एनएबीएच (नेशनल एके्रडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स) एक्रेडिटेशन मिला है। जो अंतर्राष्ट्रीय क्वालिटी और रोगी सुरक्षा की एक सर्वोच्च राष्ट्रीय मान्यता है। डॉ. कोचर्स हाउस ऑफ़ स्माइल्स चंडीगढ़ का पहला डेंटल क्लीनिक है, जिसे यह मान्यता मिली है। डॉ. पराग कोचर, सीईओ व प्रिंसिपल डेंटिस्ट और डॉ. मनीषा कोचर, मालिक, डॉ. कोचर्स हाउस ऑफ़ स्माइल्स तथा प्रबंधन के वरिष्ठ सदस्यों ने क्लीनिक परिसर में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि एनएबीएच क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया से जुड़ा एक बोर्ड है, जो स्वास्थ्य संगठनों के लिए मान्यता कार्यक्रम स्थापित करने और संचालित करने के लिए बनाया गया है। इस अवसर पर डॉ. पराग कोचर ने कहा, हम शहर के पहले एनएबीएच मान्यता प्राप्त दंत चिकित्सा क्लीनिक बनने पर गर्व महसूस कर रहे हैं। यह हमारे लिए बहुत चुनौतीपूर्ण यात्रा थी, लेकिन स्टाफ के सदस्यों की कड़ी मेहनत और प्रयासों ने इस सपने को सच कर दिया है। यह एक बहुत कठिन प्रक्रिया थी, क्योंकि हमें मान्यता प्रणाली के सभी मानकों और नीतियों पर खरा उतरना था।’उन्होंने आगे कहा, हमें जिन मापदंडों को पूरा करना था, वे थे। सीई प्रमाणित सामग्री का उपयोग, विभिन्न चिकित्सा और गैर-चिकित्सा आपात स्थितियों के लिए सैल्फ-ट्रेनिंग, बीएआर के साथ एक्स-रे मशीन रजिस्ट्रेशन, नियमित रूप से हवा और पानी की गुणवत्ता की जांच व रखरखाव और बिजली का 24 घंटे का बैकअप।’क्लीनिक ने मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करने के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण और बैठकें आयोजित कीं, यहां तक कि हाउसकीपिंग स्टाफ को फायर मॉक ड्रिल और बीएलएस मॉक ड्रिल के माध्यम से जीवन रक्षा के लिए प्रशिक्षित किया गया। डॉ. पराग कोचर ने कहा एक माह के लिए सभी दंत चिकित्सा उपचारों पर 25 प्रतिशत की रियायत मिलेगी।
डॉ. मनीषा कोचर ने कहा यहॉ सीाी ट्रीटमेट पेनलैस होते रोगी को कोई कष्ट नहीं होने देते। हमारे क्लीनिक में पहले से ही मौजूद अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम प्रेक्टिसं ने हमारे लिए मान्यता को सहज कर दिया। हम सख्त गुणवत्ता मानकों का पालन करते रहे हैं। हमारे पास एक स्वच्छ वातावरण है, और हम हर सर्जिकल उपचार से पहले और बाद में हवा और पानी की गुणवत्ता की जांच करते हैं। संक्रमण की संभावना को कम करने के लिए प्रयोगशालाओं को रासायनिक रूप से स्वच्छ किया जाता है और हम केवल सीई प्रमाणित सामग्री का उपयोग करते हैं।’विशेषज्ञों ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैसे एनएबीएच जैसी प्रतिष्ठित मान्यता रोगियों को इलाज के लिए सही क्लीनिक चुनने में मदद करती है।डॉ. मनीषा ने बताया, एनएबीएच एक एके्रडिटेशन है, जो एक क्लीनिक या अस्पताल को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में गुणवत्ता के उच्च मानकों का प्रमाण होता है। क्लीनिक में हमारे पास मान्यता प्राप्त करने का उच्च स्तर था जिससे हमें यह एक्रेडिटेशन पाने में मदद मिली। हमारी यूएसपी बी श्रेणी का आटोक्लेव है, जिससे हम अपने उपकरणों को क्लीन करते हैं। इस वजह से सभी प्रोसीजर सुरक्षित हैं और संक्रमण का डर नहीं है।शहर में पहली बार, नवीनतम और अनूठी तकनीकों का भी प्रदर्शन किया गया। इनमें माउथ टूअर शामिल था। मुंह के वीडियो टूअर के लिए जिन चीजों का उपयोग किया गया, उनमें शामिल था एक इंट्रा-ओरल कैमरा, जे मोरिटो एंडोमोटर- एक हैंड-पीस जिसके माध्यम से दंत चिकित्सक सूक्ष्म और संवेदनशील तरीके से काम कर सकता है और शेप स्कैनर, जो आकार और रंग को रिकॉर्ड करताहै, ताकि बाद में कभी किसी को डेंचर की जरूरत पड़े तो सही आकार का डेंचर मिल सके। एनएबीएच मान्यता प्राप्त करने के लिए क्लीनिक के वातावरण ने भी मदद की। सफेद सजावट क्लीनिक के अंदरूनी हिस्से को सुखदायक बनाती है। यहां तक कि स्वागत कक्ष में एक मेडिटेशन रूम भी है। रोगी यहां आराम के लिए मालिश, ताजा पेय और आईपैड आदि की मांग कर सकते हैं।





















