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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

5.5 लाख की एटीएम ठगी के आरोपी गिरफ्तार, 2 साल बाद चढ़े क्राइम ब्रांच के हत्थे।  

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5.5 लाख की एटीएम ठगी के आरोपी गिरफ्तार, 2 साल बाद चढ़े क्राइम ब्रांच के हत्थे।
एंटी एटीएम फ्रॉड सेल ने आरोपियों से बरामद किए 2 लाख 34 हज़ार रूपए।  

चंडीगढ़ 2 मई – एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को स्टेट क्राइम ब्रांच की एंटी एटीएम फ्रॉड सेल, फरीदाबाद ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने 2 लाख 34 हज़ार रूपए बरामद किए है। आरोपी मदद करने के बहाने एटीएम बदल देते थे और बाद में एटीएम से शॉपिंग व पीओएस मशीन के द्वारा पैसे निकाल लेते थे। घटना का खुलासा करते हुए पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि 2 साल पुराने इस केस का खुलासा एंटी एटीएम फ्रॉड सेल, फरीदाबाद टीम ने किया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

फरीदाबाद निवासी महिला से की थी ठगी, बैंक कॉपी में एंट्री करवाई तो हुआ ठगी का खुलासा।
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया फरीदबाद निवासी महिला दिसंबर 2020 में रूपए निकलवाने के लिए सेक्टर 23 फरीदाबाद के एटीएम में गयी थी जहाँ पैसे निकालने के दौरान एटीएम कार्ड फंस गया था। इसी दौरान तीन लड़के मदद करने के बहाने आये और बातचीत के दौरान एटीएम कार्ड बदल दिया। पीड़िता को इस दौरान कुछ पता नहीं चला। शिकायत में बताया गया कि जनवरी महीने में जब महिला बैंक में कॉपी में एंट्री करवाने गई तो पता चला की उसके खाते से तक़रीबन 5 लाख 55 हज़ार 684 रूपए धोखाधड़ी में निकाले गए है। ठगी का पता चलने पर स्थानीय पुलिस द्वारा थाना मुजेसर, फरीदाबाद में केस दर्ज किया गया। हालांकि स्थानीय पुलिस के प्रयासों के बावजूद भी किसी प्रकार की ख़ास सफलता ना मिलने के कारण केस को मार्च 2021 में अनट्रेस घोषित कर दिया गया।

जुलाई में फाइल आई क्राइम ब्रांच के पास, बैंक डिटेल्स से फंसे एटीएम ठग
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि स्टेट क्राइम ब्रांच चीफ ओ पी सिंह, आईपीएस अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के आदेशों के बाद उक्त केस की ज़िम्मेदारी स्टेट क्राइम ब्रांच की एंटी फ्रॉड एटीएम इन्वेस्टीगेशन सेल फरीदाबाद यूनिट को दी गई। अनुसन्धान अधिकारी एएसआई शीतल शर्मा ने उक्त केस में कार्रवाई करते हुए पहले शिकायतकर्ता से बातचीत की और केस के अलग अलग पहलुओं को समझा।  इसके बाद पॉइंट ऑफ़ सेल से जहाँ जहाँ पैसे गए है वहां से बैंक द्वारा जानकारी पता करवाई गई। सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के आधार पर  आरोपी गोवर्धन निवासी जिला पलवल को गिरफ्तार किया गया। आरोपी गोवर्धन ने पूछताछ में अपने दो साथियों , क्रमशः कृष्ण और लक्ष्मण का नाम बताया और कहा की ठगी करने के बाद उन्होंने एटीएम कार्ड नष्ट कर दिया था। आरोपी गोवर्धन से पुलिस द्वारा 92500 रु बरामद किए गए। टीम द्वारा अन्य आरोपियों, कृष्ण पुत्र योगेंद्र और लक्ष्मण उर्फ़ लच्छी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी कृष्ण ने बताया कि उसने अपने हिस्से के 1.70 लाख में से डेढ़ लाख घरेलु सामान में खर्च कर दिए थे।  पुलिस द्वारा आरोपी कृष्ण से 17500 और आरोपी लक्ष्मण से  24500 रुपयों की बरामदगी की गई। इसके अलावा कोर्ट से ज़मानत के समय स्टेट क्राइम ब्रांच द्वारा ऑब्जेक्शन लगाने के कारण कोर्ट आदेशों से आरोपियों को 1 लाख रूपए बरामदगी कि गई। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया गया है। टीम में एएसआई शीतल, एएसआई मनमोहन, मुख्य सिपाही अमित व सिपाही महेंद्र शामिल रहे।

48 हज़ार की ठगी में 2 एटीएम ठग गिरफ्तार, पीड़ित करता था राजमिस्त्री का काम।

पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि ऐसे ही एक अन्य केस में ओमप्रकाश निवासी यूपी, जो की वर्तमान में फरीदाबाद जिले में रह रहा है और एक राजमिस्त्री का काम करता है।  13.01.2022 को वह अपने भाई का एटीएम लेकर पैसे निकलवाने गया लेकिन मशीन से पैसे नहीं निकले। इसी दौरान एक 26 वर्षीय युवक ने मदद करने के बहाने उसका एटीएम बदल दिया। घर आकर पीड़ित ने जैसे ही फ़ोन देखा तो पता चला कि उसके खाते से 58000 रूपए निकाले गए है। पीड़ित ने उपरोक्त बाबत अपनी शिकायत सूरजकुंड थाने, फरीदाबाद में दी जहाँ पर स्थानीय पुलिस ने केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू की। स्थानीय पुलिस द्वारा उक्त केस में सीसीटीवी फुटेज और बैंक स्टेटमेंट प्राप्त की गई लेकिन किसी प्रकार का सुराग न मिलने पर केस में अनट्रेस रिपोर्ट लिखी गई। उच्चाधिकारियों के आदेशों से जुलाई 2022 में केस को स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंपा गया जहाँ केस की ज़िम्मेदारी अनुसन्धान अधिकारी एएसआई शीतल को दी गई। अनुसन्धान अधिकारी ने 2017 से अब तक एटीएम ठगी में शामिल रहे आरोपियों की फोटो व जानकारी जुटानी शुरू कर दी। इसी दौरान  बैंक द्वारा जानकारी प्राप्त की गई जहाँ से एक आरोपी संदीप तोमर निवासी उत्तर प्रदेश की जानकरी मिली। पता चला की आरोपी संदीप ने पेटीएम बैंक की स्वैप मशीन ली हुई थी जहाँ से पीड़ित के एटीएम से पैसे ट्रांसफर कर धोखधड़ी को अंजाम दिया गया है।

संदीप ने मशीन खरीदकर दी थी शाहिद को, किया गिरफ्तार।
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस द्वारा सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी संदीप को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी संदीप ने बताया कि उसने मशीन खरीदकर एक अन्य साथ मोहम्मद सहजाद उर्फ़ शाहिद निवासी दिल्ली को दे दी थी। जानकारी मिलने पर टीम द्वारा प्रोडक्शन वारंट जारी कर आरोपी सहजाद को गिरफतार किया गया। आरोपी से 3000 रूपए की बरामदगी भी की गई। पूछताछ में मोहमद सहजाद उर्फ़ शाहिद ने बताया कि उसने , संदीप और एक अन्य साथी मोहम्मद सहजाद उर्फ़ आहिल निवासी गाज़ियाबाद यूपी के साथ मिलाकर पेटीएम बैंक कि कार्ड स्वैप मशीन खरीद कर इस ठगी को अंजाम दिया। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए उन्होंने एटीएम कार्ड को भी नष्ट कर दिया था। पूछताछ में आरोपी संदीप ने बताया कि उसने मशीन खरीदकर दूसरे आरोपी आहिल को दी थी। हालांकि आरोपी आहिल फरार चल रहा है वहीँ संदीप तोमर व मोहम्मद सहजाद उर्फ़ शाहिद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आरोपी संदीप से तक़रीबन 1500 रूपए बरामद किए गए है।