हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने वित्तीय प्रबंधन और भ्रष्टाचार को लेकर हरियाणा सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। कुमारी सैलजा ने कहा कि अभी हाल ही में कैग ने वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कई अनियमितताएँ उजागर की हैं। प्रदेश पर कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है। हजारों करोड़ रुपये ब्याज चुकाने में ही जा रहे हैं। एक तरफ भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार प्रदेश को कर्ज में डुबो रही है, वहीं दूसरी तरफ घोटालों और भ्रष्टाचार को अंजाम देकर जमकर लूट की जा रही है।
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि अभी हाल ही में मानसून सत्र में आई कैग रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे हुए हैं। हरियाणा सरकार ने चीनी मिलों को नियम तोड़कर करोड़ों रुपये का कर्ज दिया। चीनी मिलों से पुराना कर्ज वसूलें बिना ही नया कर्ज नियमों को ताक पर रखकर दे दिया गया। प्रदेश में 87 बोर्ड-निगम और सरकारी कंपनियां वित्तीय लेखे जोखे का हिसाब-किताब ही नहीं दे रहीं हैं। सरकारी कंपनियों के कुल 166 वार्षिक लेखे बकाया हैं। 75 मामलों में गैर कानूनी तरीके से पैसे निकाले गए, लेकिन सरकार द्वारा आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे हरियाणा में व्याप्त भ्रष्टाचार का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह भी बड़े गंभीर सवाल खड़े करता है कि सरकार द्वारा आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे साफ प्रतीत होता है कि सरकार आरोपियों को बचाना चाहती है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कैग ने बताया है कि 2018-19 के दौरान 11 हजार 270 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा था। जो यह दर्शाता है कि राजस्व प्राप्तियां ख़र्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं थी। उधार लिए गए पैसे का इस्तेमाल पूंजीगत सृजन की बजाय मौजूदा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए किया गया। स्थिति यह हो चुकी है कि ऋणों का भुगतान करने के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि इस सरकार ने पिछले छह वर्षों में हरियाणा पर कर्ज 60 हजार करोड़ रुपये से 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया। इस सरकार की नाकामी के कारण प्रदेश का कर्ज आज 2 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। वर्ष 1966 से लेकर 2014 तक 48 वर्षों में प्रदेश पर जो कर्जा 60 हजार करोड़ रुपये था, वह इस सरकार के 6 वर्षों में 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। एक वर्ष में 11 हजार 988 करोड़ रुपये ब्याज चुकाने में जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्ज, ब्याज व भ्रष्टाचार के तले दबे हरियाणा का विकास कैसे होगा?
कुमारी सैलजा ने कहा कि एक तरफ हरियाणा सरकार कर्ज पर कर्ज ले रही है, वहीं दूसरी तरफ हरियाणा प्रदेश में घोटालों और भ्रष्टाचार को अंजाम देकर जमकर लूट की जा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश की गिनती पहले समृद्ध राज्यों में होती थी मगर अब कर्जवान राज्यों में हो रही है।
























