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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

सिद्धू पर कार्रवाई तो हाेगी, फैसला चुनाव परिणाम आने के बाद लेंगे: आशा कुमारी

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  • रंधावा, बाजवा और पंजाब प्रभारी भी नवजोत से खफा 
  • बोलीं- पार्टी की छवि खराब की, सुनील जाखड़ से मांगी है रिपोर्ट

चंडीगढ़. कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के बयानों से कांग्रेस के ज्यादातर मंत्री, उनके खिलाफ हो गए हैं। पंजाब मामलों की प्रभारी आशा कुमारी भी सिद्धू से खफा हैं। उन्होंने कहा, प्रधान सुनील जाखड़ से रिपोर्ट मांगी गई है। पार्टी की छवि खराब हुई है। मामला राहुल गांधी के ध्यान में भी है। मामले में कार्रवाई तो होगी लेकिन फैसला लोस चुनावों के नतीजे आने के बाद करेंगे।

सूबे के कई कैबिनेट मंत्रियों ने भी सिद्धू पर कार्रवाई की मांग की है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। सोमवार को कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, साधू सिंह धर्मसोत ने भी सिद्धू की बयानबाजी को बेतुकी और गैरवाजिब बताया। अगर उन्हें कोई नाराजगी है तो उन्हें इस बारे में कैबिनेट मीटिंग में बात करनी चाहिए न कि सार्वजनिक रूप से बयानबाजी करनी चाहिए।

उधर, नवजोत सिद्धू का कहना है कि उन्होंने जो कहा आत्मा से कहा है। गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पंजाब की आत्मा पर चोट है। इससे सारी सिख कौम आहत है। सिद्धू के कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का नाम लिए बिना उनकी तरफ इशारा करते हुए कहा- ठोक दो उन लोगों को, जो लोग मिलीभगत कर कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंपते हैं।

अपने 3 मंत्रियों समेत दूसरे दलों के निशाने पर भी आए सिद्धू… 
रंधावा बोले- जब बेअदबी हुई तब इस्तीफा दिया नहीं, अब कार्रवाई हो रही तो बोल रहे इस्तीफा देंगे 
कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा है कि अब जबकि कैप्टन सरकार इस मामले में कार्रवाई कर रही है। एसआईटी आरोपी पुलिस अफसरों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन सिद्धू बिना कारण आरोपियों को सजा दिलाने की सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं। रंधावा ने कहा सिद्धू ने 2015 में उस समय इस्तीफा क्यों नहीं दिया, जब गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई थी। तब सिद्धू भाजपा में थे और उनकी पत्नी भी एमएलए थी। सिद्धू ने चुनावों के बीच बयानबाजी की, जो गलत है। 

जाखड़ पिछली बार भी चुप, इस बार फिर साधी चुप्पी 
सिद्धू मामले में सूबा प्रधान सुनील जाखड़ ने चुप्पी साध ली है। उन्होंने अपना कोई विरोध नहीं जताया। पिछली बार भी सिद्धू के कैप्टन पर बोलने को लेकर तब भी जाखड़ ने खुद को इस मामले में दूर रखा था। 
विज बोले- इमरान की पार्टी में जाए सिद्धू… हरियाणा सरकार के मंत्री अनिल विज ने कहा, सिद्धू को उनके ही नेता बाहर का रास्ता दिखाने की वकालत कर रहे हैं। सिद्धू के इमरान से अच्छे संबंध हैं वह पाक जाकर इमरान की पार्टी तहरीक ए इंसाफ में शामिल हो जाएं। 

इस्तीफा दें सिद्धू: धर्मसोत 
वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने कहा अगर सिद्धू कैप्टन के साथ काम नहीं कर सकते हैं, तो उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। 

बाजवा बोले- दायरे में रहें सिद्धू 
ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा, सिद्धू को दायरे में रहकर बोलना चाहिए। इससे पार्टी का अक्स धुंधला हुआ है। सिद्धू को अपने मतभेदों, नाराजगियो को सही समय पर उठाना चाहिए था, न कि चुनाव के बीच में। सरकार में हर मंत्री को अपने विचार-शिकायतें रखने का हक है, लेकिन पार्टी की छवि को ध्यान में रखते हुए मर्यादा और दायरे में रहकर करना चाहिए। 

कैप्टन-बादल परिवार के संबंध छिपाने के लिए विरोध: खैहरा 
खैहरा ने ट्वीट में सिद्धू से पंजाब को बेअदबी मामले में कैप्टन-बादल परिवारों के बीच गहरे नेक्सस को उजागर करने व सच सामने लाने की अपील की है। खैहरा ने सिद्दू पर आरोप लगाने को उनकी आवाज को दबाने की कोशिश बताया है।