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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

मजिस्ट्रेट है न्याय प्रणाली की नींव: जस्टिस हरिपाल वर्मा

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अकादमी में न्यायिक अधिकारियों का प्रशिक्षण संपन्न

चंडीगढ़-22 अप्रैल 2021- हरियाणा पुलिस अकादमी में नवनियुक्त न्यायिक अधिकारियों के लिए तीन सप्ताह का विशेष पुलिस प्रशिक्षण आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। न्यायिक अकादमी चण्डीगढ़ के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 15 महिला न्यायिक अधिकारियों व 5 पुरुष न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। समापन अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस हरिपाल वर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। हरियाणा पुलिस अकादमी के निदेशक व एडीजीपी डॉ सीएस राव की ओर से अकादमी के डीआइजी डॉ अरूण सिंह ने मुख्य अतिथि को स्मृतिचिन्ह भेंट किया तथा आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम 1 अप्रैल को आरम्भ हुआ था।
मुख्य अतिथि जस्टिस हरिपाल वर्मा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि निचली अदालतों में नियुक्त मैजिस्ट्रेट अपराधिक न्याय प्रणाली की नींव होते हैं। न्याय उपलब्ध करानेे में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए मैजिस्ट्रेट को अपना कर्तव्य न्याय के प्रति सचैत और संवेदनशील रहते हुए निभाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने कर्तव्य पालन में गरीब फरियादी का ध्यान रखें क्योंकि यह संभव है कि वह अनुभवी वकील करने में संक्षम न हो, इस बात का भी ध्यान रखें कि अनुभवी वकील को अपेक्षाकृत कानूनी बारीकियों की अधिक जानकारी होती है। उन्होंने कहा कि मामले के सभी पहलुओं का अध्ययन करें तथा स्वयं निर्णय आदेश लिखने को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि न्यायालय एक इकाई के रूप में है जहां पर मैजिस्ट्रेट के साथ वादी-प्रतिवादी पक्ष के वकील, प्रशासनिक स्टाफ, पुलिसकर्मी कार्य करते हैं। इकाई के इन सभी अंगों को साथ लेकर चलने वाले मैजिस्ट्रेट न्यायपालिका के उद्देश्यों को पूरा करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्य अतिथि जस्टिस वर्मा ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए।
इससे पूर्व अकादमी के पुलिस अधीक्षक राजेश कालिया ने अकादमी की ओर से मुख्य अतिथि व प्रतिभागियों का स्वागत किया। अकादमी के जिला न्यायवादी अशोक कुमार बागड़ी व डीडीए अनिता मान ने प्रशिक्षण कार्यक्रम से अवगत कराते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियोंं को साइबर अपराध, फोरेंसिक विज्ञान, बच्चों, महिलाओं जुड़े विशेष कानून, व्यक्तित्व विकास, पेशेवर शिष्टाचार व नैतिकता, दीवानी मामलों, आतंक विरोधी मामलों में कानूनी प्रक्रिया संबंधी जानकारी दी गई है। प्रतिभागी न्यायिक अधिकारियों की ओर से गन्नौर उपमण्डल अदालत में नियुक्त महिला न्यायिक अधिकारी जपजी सिंह ने प्रशिक्षण संबंधी अनुभवों से अवगत कराया।