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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

गरीबों से शिक्षा का अधिकार छीनना चाहती है सरकार : कुमारी सैलजा

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गरीबों से शिक्षा का अधिकार छीनना चाहती है सरकार : कुमारी सैलजा

– शैक्षणिक सत्र शुरू हुए 9 महीने बीते, लेकिन दाखिले अभी तक नहीं

– मार्केटिंग पर खर्च करने को हजारों करोड़, शिक्षा के लिए सैकड़ों करोड़ भी नहीं

चंडीगढ़ 24, दिसंबर

हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने गरीबों को जो-जो अधिकार दिए थे, उन्हें प्रदेश की भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार धीरे-धीरे छीनने की कोशिश में लगी हुई है। गरीब परिवारों के बच्चों को भी कॉन्वेंट स्कूलों में दाखिला मिले, ऐसे इंतजाम कांग्रेस पार्टी ने किए थे। लेकिन, प्रदेश की सरकार गरीब परिवारों व उनके बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित रखने के कदम उठाने में जुटी है।

मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो चुका है। इसे शुरु हुए 9 महीने बीत चुके हैं, लेकिन आज तक प्राइवेट स्कूलों में गरीब परिवारों के बच्चों के दाखिले नहीं हुए हैं। अगर इन बच्चों के अगले कुछ दिनों में दाखिले हो भी गए तो फिर ये तीन महीने के अंदर किस तरह से अपने सिलेबस को पूरा कर पाएंगे, यह समझ से परे है। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष ने कहा कि गरीब परिवारों को शिक्षा से वंचित रखने के लिए एक सोची-समझी साजिश के तहत उनके बच्चों के दाखिले नहीं होने दिए जा रहे। प्रदेश सरकार की मंशा है कि ये बच्चे पढ़-लिख कर आगे न बढ़ें। इसलिए सिर्फ दाखिला कराना या न कराना का निर्णय लेने में ही आधे से ज्यादा शैक्षणिक सत्र निकाल दिया। अब तीन महीने में एक भी बच्चा किसी भी विषय की इतनी पढ़ाई नहीं कर पाएगा कि वह पास होने जितना सिलेबस भी कर सके। इन्हें दाखिले न देने की यह साजिश इन्हें कंपीटिशन में न पहुंचने देने की प्लानिंग का हिस्सा है। क्योंकि, गरीबों के बच्चे पढ़-लिख जाएंगे तो फिर न तो इनका शोषण हो सकेगा और न ही इन्हें दबाया जा सकेगा।

कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा एजुकेशन नियम 134ए के तहत जिन स्कूलों का भी सरकार की तरफ बकाया है, उनका भुगतान प्रदेश सरकार को तुरंत करना चाहिए। सरकार के पास पैसा नहीं है, यह कहना गलत होगा। क्योंकि, मौजूदा प्रदेश सरकार अपनी और अपने नेताओं की ब्रॉन्डिंग और मार्केटिंग पर हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रही है। ऐसे में महज 700 करोड़ रुपये की राशि न जारी करने के पीछे का षड्यंत्र कुछ और ही नजर आ रहा है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि जिन बच्चों के नाम 134ए के तहत दाखिला पाने वालों की सूची में आ गए हैं, उनमें से कुछ के परिजनों ने पुराने स्कूल से उनके एसएलसी कटवा लिए हैं, लेकिन अब नया अलॉट स्कूल उन्हें दाखिला नहीं दे रहे। ऐसे में इनके सामने तो दोहरी परेशानी भी शुरू हो गई है। इन बच्चों को अगर अब दाखिला नहीं मिला तो इनका साल ही बर्बाद हो जाएगा। कुमारी सैलजा ने कहा कि गरीब बच्चों को दाखिला न देने वाले स्कूल संचालकों को भाजपा व जजपा नेताओं की शह बताई जा रही है। अगर प्रदेश सरकार ने जल्द ही इन दाखिलों को मुकम्मल नहीं करवाया तो कांग्रेस इस मामले में सड़कों पर उतरने में देर नहीं लगाएगी।