
- मॉल मैनेजमेंट ने किया मना, कहा-बंद के टाइम का 50 परसेंट किराया देना होगा
दैनिक भास्कर
Jun 10, 2020, 08:17 AM IST
चंडीगढ़. लॉकडाउन का असर चंडीगढ़ व आसपास के रीजन के सबसे बड़े एलांते मॉल पर भी पड़ा है। मॉल में कुल 231 शोरूम हैं, जिनमें से 140 अभी तक बंद पड़े हैं। कारण दुकानदारों और मॉल मैनेजमेंट के बीच किराए को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। मॉल मैनेजमेंट चाहता है कि जब मॉल बंद रहा तो भी शोरूम्स चलाने वाले को 50 परसेंट किराया देना होगा और 8 जून से 30 सितंबर तक 75 परसेंट किराया देना होगा। इसके बाद किराया पहले की तरह पूरा देना होगा।
वहीं, शोरूम चलाने वाले चाहते हैं कि मॉल मैनेजमेंट प्रॉफिट में अपना हिस्सा ले और कम से कम 31 दिसंबर तक किराया न मांगे। अब दोनों पक्ष अपनी बात पर अड़े हैं, इसलिए शोरूम खुले नहीं हैं। इसी बीच ‘सोशल रेस्टोरेंट’ ने मॉल से अपनी विदाई की घोषणा कर दी है। मॉल को लिख दिया है कि वह यहां से छोड़ रहे हैं। इस पूरे मामले में मॉल मैनेजमेंट से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने पूरी तरह से चुप्पी साध ली है।
किराया या प्रॉफिट शेयरिंग का एग्रीमेंट: एलांते मॉल में जब शोरूम किराए पर लिए गए थे तो मॉल मैनेजमेंट और किराएदार के बीच एक एग्रीमेंट साइन हुआ था। एग्रीमेंट के तहत रेंट या शोरूम की सेल को आपस में कम्पेयर करके जो भी ज्यादा होगा, वह किराएदार को देना होगा।
मिसाल के तौर पर अगर शोरूम का रेंट 5 लाख रुपए महीना है, लेकिन उसकी सेल 80 लाख रुपए महीना है तो उसे रेंट नहीं देना बल्कि 80 परसेंट सेल का 10 या 12 परसेंट जमा करवाना है। इसका मतलब हुआ कि ऐसी स्थिति में रेंट नहीं देना होगा और प्रॉफिट शेयरिंग पर काम होगा, लेकिन अगर प्रॉफिट कम होता है तो रेंट देना होगा।
क्या करें, अब सेल ही नहीं है
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के चंडीगढ़ व पंजाब चैप्टर के हेड और एलांते मॉल में चलने वाले पिरामिड रेस्टोरेंट के सीईओ सनवीर सोंधी ने बताया कि हम सभी 140 किराएदार एकसाथ हैं और मॉल के रेंट जमा करवाने के फैसले के खिलाफ हैं। जब तक यह फैसला नहीं हो जाता, तब तक हम शोरूम नहीं खोलेंगे। सनवीर ने कहा कि हमने मॉल मैनेजमेंट के आगे एक प्रस्ताव रखा था, जिसमें यह कहा कि हम पहले की तरह प्रॉफिट शेयरिंग पर काम करने को तैयार हैं।
31 दिसंबर 2020 तक हमारी जो भी सेल होगी, उसका 10 या 12 परसेंट हम मॉल को देने के लिए तैयार हैं। हम पहले भी ऐसा करते थे लेकिन फर्क यह है कि तब मॉल में हमारी दुकानों पर सेल थी इसलिए मॉल मैनेजमेंट प्रॉफिट में शेयर आसानी से ले लेते थे लेकिन अब सेल नहीं है, इसलिए प्रॉफिट शेयरिंग नहीं करना चाहते।
लिकर सर्व किए बिना नहीं चल सकते रेस्टोरेंट
फूड एंड बेवरेजिस को सबसे ज्यादा नुकसान है। सनवीर सोंधी ने कहा कि जितने रेस्टोरेंट हैं उनका 90 परसेंट बिजनेस रात को ही होता था। अब रात को 8:15 मिनट पर मॉल में सभी को बाहर निकालने का काम शुरू हो जाता है। ऐसे में कोई डिनर करने कब आएगा। दोपहर को लंच करने पहले भी सिर्फ 10 परसेंट लोग आते थे।
ऊपर से वे शराब नहीं सर्व कर सकते तो फिर रेस्टोरेंट का बिजनेस तो आज के दौर में चल ही नहीं पाएगा। सोशल रेस्टोरेंट के ओनर रंजन ने कहा कि हमने मॉल को लिख दिया है कि हम अब दुकान नहीं खोलेंगे और यहां से छोड़कर जा रहे हैं।
कुछ बड़े ब्रैंड्स जो अभी तक नहीं खुले
हश पपीज, कैल्विन क्लीन, लैकॉस्टा, पार्क एवेन्यू, बाटा, एलन सोली, यूएस पोलो, लीवाइस, एंड, फ्लाइंग मशीन, लुई फिलिप, न्यूमेरो ऊनो, रीबॉक, एडीडास, लैंसकार्ट, क्रॉक्स, गिनी जॉनी, मैकडॉनल्ड्स, नैंडोज, पीरामिड, स्वागत, ओवन फ्रेश, पाइरेट्स ऑफ द ग्रिल।



















