अमर शहीद राजगुरु जी के जन्म दिवस पर दी पुष्पांजलि: खोसला
भीम ब्रिगेड के संयोजक सुशील खन्ना जी वा अध्यक्ष राजीव जोली खोसला की अध्यक्षता में भगत सिंह जी के साथी अमर शहीद शिवराम हरि राजगुरु जी के 114 वें जन्मदिन पर पुष्पांजलि दी और कहां की 1908में पुणे जिला के खेडा गाँव में हुआ था। 6वर्ष की आयु में पिता का निधन हो जाने से बहुत छोटी उम्र में ही ये वाराणसी विद्याध्ययन करने एवं संस्कृत सीखने आ गये थे। इन्होंने हिन्दू धर्म-ग्रंन्थों तथा वेदो का अध्ययन तो किया ही लघु सिद्धान्त कौमुदी जैसा क्लिष्ट ग्रन्थ बहुत कम आयु में कण्ठस्थ कर लिया था। इन्हें कसरत (व्यायाम) का बेहद शौक था और छत्रपति शिवाजी की छापामार युद्ध-शैली के बड़े प्रशंसक थे।
वाराणसी में विद्याध्ययन करते हुए राजगुरु का सम्पर्क अनेक क्रान्तिकारियों से हुआ। चन्द्रशेखर आजाद से इतने अधिक प्रभावित हुए कि उनकी पार्टी हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी से तत्काल जुड़ गये। आजाद की पार्टी के अन्दर इन्हें रघुनाथ के छद्म-नाम से जाना जाता था; राजगुरु के नाम से नहीं। पण्डित चन्द्रशेखर आज़ाद, सरदार भगत सिंह और यतीन्द्रनाथ दास आदि क्रान्तिकारी इनके अभिन्न मित्र थे। राजगुरु एक अच्छे निशानेबाज भी थे। साण्डर्स का वध करने में इन्होंने भगत सिंह तथा सुखदेव का पूरा साथ दिया था जबकि चन्द्रशेखर आज़ाद ने छाया की भाँति इन तीनों को सामरिक सुरक्षा प्रदान की थी।
23 मार्च 1931को इन्होंने भगत सिंह तथा सुखदेव के साथ लाहौर सेण्ट्रल जेल में फाँसी के तख्ते पर झूल कर अपने नाम को हिन्दुस्तान के अमर शहीदों की सूची में अहमियत के साथ दर्ज करा दिया। सुशील खन्ना जी की अध्यक्षता में 4 अगस्त से28 सितंबर भगत सिंह जी के जन्मदिवस पर नशा मुक्ति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है जिसकी शुरुआत 4 अगस्त राजीव जोली खोसला के जन्मदिवस पर हुई थी व समापन 28 सितंबर शहीदे आजम भगत सिंह जी के जन्मदिवस पर होगी आज जरूरत है भारत को गरम दल क्रांतिकारी वीरों की सोच जैसे राष्ट्र प्रेमियों की भीम ब्रिगेड सभी से निवेदन करता है कि क्रांतिकारी वीरों के विचारों को पढ़ें वा भारत की एकता ,अखंडता स्वाभिमान के लिए धर्म से बढ़कर राष्ट्र को सर्वोपरि माने

























