Mirror 365 - NEWS THAT MATTERS

Dear Friends, Mirror365 launches new logo animation for its web identity. Please view, LIKE and share. Best Regards www.mirror365.com

Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

अग्निपथ योजना का विरोध करना विपक्ष की साज़िश : कर्नल राजेंद्र सोहाग

0
351

अग्निपथ योजना का विरोध करना विपक्ष की साज़िश : कर्नल राजेंद्र सोहाग

यह जो मोदी सरकार है वह सेना और राष्ट्र समर्थित राष्ट्रीय भक्त सरकार है: कर्नल राजेंद्र सोहाग

दुनिया में कोई भी ऐसा देश नहीं है जो साढ़े 17 साल में किसी को नौकरी दे पाए।यह प्रधानमंत्री मोदी जी की ही सोच है जिसकी वजह से भारत यह मुमकिन हुआ: कर्नल राजेंद्र सोहाग

पंचकूला 29 जून: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सेवानिवृत्त कर्नल राजेंद्र सोहाग ने अग्निपथ योजना का विरोध करने वालों पर कड़ा प्रहार करते हुए उसे विपक्ष की साज़िश बताया है। उन्होंने कहा यह जो मोदी सरकार है वह सेना और राष्ट्र समर्थित राष्ट्रीय भक्त सरकार।कर्नल राजेंद्र सोहाग आज अग्निपथ योजना को लेकर भाजपा कार्यालय पंचकूला में रखी गई संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता शिरकत करने पहुंचे थे। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, जिला अध्यक्ष अजय शर्मा, करनाल प्रभारी दीपक शर्मा, महामंत्री वीरेंद्र राणा व परमजीत कौर, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बनतो कटारिया, प्रदेश सह संयोजक सुरेश कुमार व कर्नल रोहित मित्तल विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
कर्नल राजेंदर सुहाग ने संगोष्ठी के बाद प्रेस वार्ता में बोलते हुए कहा केंद्र में मोदी सरकार द्वारा लाई गई अग्निपथ योजना एक ऐतिहासिक योजना है। इस ऐतिहासिक अग्निपथ योजना से देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। मैं इस के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी का आभार प्रकट करना चाहूंगा। उन्होंने कहा लेकिन विपक्षी पार्टियों ने मोदी जी का विरोध करना है इसलिए तमाम तरह के भ्रामक प्रचार किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश हित के लिए लाई गई प्रत्येक योजना का विपक्षी पार्टियों ने हमेशा विरोध किया है।
कर्नल राजेंदर सुहाग ने कहा अग्निपथ योजना राष्ट्रहित व अग्निवीरों के हित में है। उन्होंने कहा दुनिया में कोई भी ऐसा देश नहीं है जो साढ़े 17 साल में किसी को नौकरी दे पाए।यह प्रधानमंत्री मोदी जी की ही सोच है जिसकी वजह से भारत में साढ़े 17 वर्ष की उम्र में किसी को नौकरी दी जा रही है। उन्होंने कहा साढ़े 17 साल से 23 वर्ष तक आयु में अग्निवीर बनने पर चार वर्ष देश सेवा का अवसर तो मिलेगा ही और जब युवा 21 साल के बाद बाहर आएगा तो उसके पास प्रशिक्षण सर्टिफिकेट और तकरीबन 23 लाख रुपए की कमाई भी होगी। उन्होंने बताया अग्निपथ सेवा में आने वाले अग्निवीरों को 12वीं का प्रमाणपत्र प्रदान करने के लिए एक विशेष प्रोग्राम तैयार किया जा रहा है। इसके तहत अग्निवीरों के लिए विशेष रूप से तैयार कोर्स शुरू किए जाएंगे जो उनके सेवा क्षेत्र के हिसाब से प्रासंगिक होगा। 12वीं का यह प्रमाणपत्र सिर्फ रोजगार के लिए ही नहीं बल्कि आगे की शिक्षा के लिए भी पूरे देश में मान्य होगा।अग्निपथ योजना के अंतर्गत अग्निवीर में से 25% जवानों को नियमित किया जाएगा तथा बाकी युवा जो प्रशिक्षित होकर निकलेंगे उन्हें चार साल बाद रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध होंगे जिस की गारंटी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी ने भी दी है। उन्होंने बताया अग्निवीर रिटायर नहीं होंगे जिस बात का विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है।इन युवाओं के लिए सी ए पी एफ में जहां 8 डिपार्टमेंट है में 10% की नौकरी रिजर्व रहेगी। इसके साथ ही मिनिस्ट्री ओफ़ डिफ़ेंस में 16 डिपार्टमेंट्स हैं जिसमें हर वर्ष लगभग 20 हजार के करीब भर्ती होती है उसमें भी इन्हें रिजर्वेशन दिया जाएगा।

विपक्ष पर कड़ा प्रहार:

कर्नल राजेंदर सुहाग ने बिना नाम लेते हुए कड़ा प्रहार करते हुए कहा एक राजनीतिक पार्टियां ऐसी हैं जो अपना अस्तित्व खो चुकी हैं। उनके कार्यकाल में सन 62 की लड़ाई से पहले उस समय के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से कहा गया कि आर्मी को थोड़ा माडर्नाइज़ किया जाए इसका इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया जाए। उस समय उन्होंने जवाब दिया की क्या जरूरत है हम तो शांति प्रिय देश हैं “ हिंदी चीनी भाई भाई” का नारा लगाया जिसका परिणाम यह हुआ कि 62 की लड़ाई में हमें करारी हार का सामना करना पड़ा। उस समय हमारी सेना के पास बर्फीले इलाक़े में लड़ने के लिए ना गर्म कपड़े थे ना जूते। हमारे सैनिक कैनवस के जूते पहनकर लड़ाई लड़ रहे थे और बहुत अच्छे लड़े मगर वह लड़ाई हम बुरी तरह हार गए। इसके साथ ही 71 की लड़ाई में हमारे सैनिकों ने पाकिस्तानी सैनिकों के 93 हजार सैनिकों को बंदी बनाया। अगर कोई खेल में या युद्ध में जीतता है तो वह इनाम का हकदार होता है।मगर उस समय की इंदिरा सरकार ने 35 से 40 साल तक की उम्र में नौकरी करने वालों को बेसिक तनख़्वाह के साथ 70% तक की पेंशन मिलती थी जिसे घटाकर 30% कर दिया और सिविलियंस को जो 30% मिलता था उसे बढ़ाकर 50% कर दिया।

कर्नल राजेंदर सुहाग ने कहा पूर्व की सरकारों के रहते हुए ना तो सैनिकों के पास बुलेट प्रूफ़ जैकेट थी और आज हम वही बुलेट प्रूफ जैकेट दूसरे देशों को भेजते हैं।इसके साथ ही 100 अन्य फौज की आइटम हैं जिन्हें हम अन्य देशों को भेजते हैं। उन्होंने कहा मोदी सरकार आने के बाद अब हमारे पास राफेल भी है मॉडर्न हथियार भी हैं और आगे भी सेना मॉडर्नाइज होती जा रही है। दुनिया में बहुत सारे देशों द्वारा अपनाई जा रही डिजिटल युद्ध प्रणाली को देखते हुए भारत को भी अपनी सेना को आधुनिक तकनीक से लैस करने की आवश्यकता थी। दुश्मन के इरादों को भांपते हुए आक्रमण का त्वरित व ठोस जवाबी कार्रवाई के लिए युवा फौज समय की बड़ी जरूरत थी। मोदी जी की सोच के साथ भारत सरकार व तीनों सेनाओं ने काफी सोच समझकर अग्निपथ योजना तैयार की है।