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राज्य में थोड़ी राहत की उम्मीद, सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी रहेगी
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प्लाइवुड, फूड प्रोसेसिंग, बॉटलिंग प्लांट और लघु उद्योगों को राहत संभव
राज्य में थोड़ी राहत की उम्मीद, सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी रहेगी
प्लाइवुड, फूड प्रोसेसिंग, बॉटलिंग प्लांट और लघु उद्योगों को राहत संभव
दैनिक भास्कर
Apr 14, 2020, 06:39 AM IST
हिसार. (मनोज कुमार) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित किए गए 21 दिन के लॉकडाउन का आखिरी दिन मंगलवार है। वे सुबह फिर देश को संबोधित करेंगे। हालांकि पिछले दिनों उनकी ओर से जान भी जहान भी का नारा दिया था। ऐसे में माना जा रहा है कि अगले दो सप्ताह के लॉकडाउन में इंडस्ट्री समेत कुछ अन्य गतिविधियों को धीरे-धीरे शुरू किया जा सकता है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उनके कार्यालय के आफसर दिन भर इसी में लगे रहे। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों से उनकी प्रदेश भर में स्थिति की रिपोर्ट मांगी, जिस पर देर रात तक मंथन चलता रहा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर जिले की वर्तमान स्थिति बताते हुए संभावित मरीजों को लेकर भी रिपोर्ट सीएमओ को भेजी है।
प्रदेश में धारा 144 लागू रहेगी
सूत्रों का कहना है कि सरकार अपने सभी सरकारी दफ्तर खोलेगी। हालांकि, इनमें ग्रुप-ए और बी के सभी अधिकारियों को बुलाए जाने के साथ ग्रुप-सी और डी के 30 फीसदी कर्मचारियों काे रोस्टर प्रणाली के तहत कार्यालय में बुलाया जा सकता है। लेकिन प्रदेश में धारा-144 लागू रहेगी। प्रदेश में मास्क या कपड़े से चेहरे को ढकना अनिवार्य रहेगा। हॉट स्पॉट घोषित गुड़गांव, पलवल, नूंह और फरीदाबाद को रेड जोन में रखा जाएगा। रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ ग्रीन जोन में आएंगे, क्योंकि यहां अभी तक एक भी केस नहीं आए हैं। जबकि बाकी 16 जिले ऑरेेंज जोन में रखे जाएंगे। सीएम मनोहर लाल ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से औद्योगिक व आर्थिक गतिविधियां शुरू होंगी।
राज्य में ये इंडस्ट्री शुरू हो सकती हैं
प्लाइवुड, फूड प्रोसेसिंग, डिस्टलरी, बॉटलिंग प्लांट व आवश्क उपकरण से संबंधित इंडस्ट्री व लघु उद्योगों को भी शुरू होने की छूट मिलने की संभावना है। सीएम ने कहा था कि जिन लघु उद्योगों में श्रमिकों के खाने व ठहरने का प्रबंध होगा, उन्हें खोला जा सकेगा।
सोशल डिस्टेंसिंग के लिए जिले से गांव स्तर तक बनेंगी कमेटियां
सोशल डिस्टेंसिंग में कहीं कोई राहत नहीं दी जाएगी। हर जिला, ब्लाक, शहर, गांव स्तर पर प्लानिंग एवं मॉनीटरिंग कमेटियां गठित की जाएंगी, जो औद्योगिक व अन्य आर्थिक गतिविधियां चालू करने के लिए प्रमाणपत्र जारी करेंगी। ऐसे उद्योग पहले खोल जा सकते हैं, जहां पर श्रमिकों की संख्या को कम हो। उद्योगों, निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों के लिए डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा जाएगा। कच्चे और पक्के माल की आवाजाही की अनुमति दी जाएगी।



















