- नूंह, गुड़गांव, फरीदाबाद, पलवल, करनाल व अम्बाला रेड जोन में, यहां ढील संभव नहीं
- गुड़गांव में कोरोना संक्रमित ठीक होने वालों की संख्या प्रदेश में सबसे ज्यादा 17 हुई
दैनिक भास्कर
Apr 16, 2020, 07:00 AM IST
पानीपत. (मनोज कुमार) गृहमंत्रालय की गाइडलाइंस जारी करने के साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने हरियाणा के छह जिलों गुड़गांव, फरीदाबाद, पलवल, नूंह करनाल व अम्बाला को रेड जाेन में शामिल किया है। 12 जिलों को नॉन हॉट स्पॉट यानी ऑरेंज और चार जिलों को ग्रीन जोन में शामिल किया गया है। केंद्र सरकार की जारी गाइड लाइन को हरियाणा सरकार पूरी तरह लागू करेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल और गृह मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों बैठक बुलाई है। इसमें गाइड लाइन और राज्य की स्थिति पर मंथन हाेगा। राज्य सरकार हरियाणा में जिला व ब्लॉक स्तर पर समीक्षा के आधार पर ही छूट देगी।
प्रदेश में छह नए कोरोना पॉजिटिव मिले
माना जा रहा है कि रेड जोन और कंटेनमेंट-बफर जोन को इसमें छूट मिलना मुश्किल है। जहां केस नहीं हैं या कम हैं, उन जिलों को गाइड लाइन के अनुसार लॉकडाउन में बीस अप्रैल के बाद छूट मिलेगी। उधर, प्रदेश में छह नए कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें तीन नूंह के रहने वाले के हैं। जबकि सोनीपत, पंचकूला और पलवल में भी एक-एक मरीज में कोरोना की पुष्टि हुई है। नूंह में पॉजिटिव मरीजों की संख्या प्रदेश में सबसे ज्यादा 48 पर पहुंच गई है।
जबकि राज्य में दो लोग ठीक भी हुए हैं। इनमें एक फतेहाबाद और दूसरा गुड़गांव का रहने वाला है। फतेहाबाद भी इस मरीज के ठीक होने के बाद कोरोनामुक्त हुआ है। अब वहां एक भी केस नहीं है। जबकि गुड़गांव में इस एक मरीज के साथ ठीक होने वालों की संख्या प्रदेश में सबसे ज्यादा 17 हो गई है।
जानिए, केंद्र सरकार ने किए आधार पर बनाए जोन
- रेड जोन: गुड़गांव, फरीदाबाद, पलवल व नूंह उन हॉट स्पॉट जिलों में हैं, जहां आउट ब्रेक ज्यादा है। यानी लगातार केस आ रहे हैं। करनाल व अम्बाला भी हॉटस्पॉट की श्रेणी में हैं, क्योंकि उक्त चार जिलों के बाद सबसे ज्यादा केस यहीं हैं।
- ऑरेंज जोन: पंचकूला, पानीपत, सिरसा, सोनीपत, भिवानी, कैथल, चरखी दादरी, फतेहाबाद, हिसार, जींद, रोहतक व कुरुक्षेत्र को ऑरेंज जोन में रखा है। यहां मरीज कम हैं।
- ग्रीन जोन: रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, झज्जर में एक भी कोरोना पॉजिटिव केस सामने नहीं आया। जबकि यमुनानगर में तीन केस सामने आए थे, लेकिन उन्हें काफी दिन हो चुके हैं।
राज्य में सबसे अधिक नूंह में 140 कंटेनमेंट-बफर जोन बने
कंटेनमेंट और बफर जोन नूंह में 140 बनाए गए हैं। पलवल में 52, सोनीपत में 3, करनाल में 3, फरीदाबाद 13, भिवानी में 2, चरखी दादरी में 7, गुड़गांव में 9, जींद में 7, फतेहाबाद में 2, पानीपत में 2, कैथल, हिसार व झज्जर में एक-एक, पंचकूला में 23, सिरसा मेंे 5, यमुनानगर में 4 और कुरुक्षेत्र में 7 जोन कंटेंनमेंट और बफर जोन हैं।
इधर, सिरसा में शर्मसार करने वाली घटना सामने आई
गांव रोड़ी में स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए जा रहे डोर-टू-डोर सर्वे के दौरान शर्मसार करने वाली घटना आई सामने है। ग्रामीणों ने टीम की महिला सदस्यों पर फब्तियां कसी। पत्थर भी बरसाए। पत्थरबाजी में स्टाफ नर्स को चोटें आईं हैं। इसकी शिकायत पुलिस से की गई है। मामले की जांच की जा रही है। सिरसा के सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन ने कहा कि गांव में सर्वे चल रहा है।
सर्वे के दौरान के केवल कुछ ग्रामीणों ने नर्सों पर फब्तियां कसीं और पत्थरबाजी भी कर दी। इससे नर्स को चोटें भी आई हैं। ग्रामीण जांच में सहयाेग नहीं कर रहे हैं। सिरसा के एसपी डॉ अरुण नेहरा ने कहा कि मामले में शिकायतकर्ता खुद ही राजीनामा चाह रहे थे। इस वजह से केस दर्ज करने में देरी हुई हैl मैंने कह दिया है कि जब एमएलआर कट चुकी है तो केस दर्ज किया जाए। इसलिए केस दर्ज किया जाएगा। एसएचओ को मैंने आदेश दे दिया हैं।
राज्य के किस जिले में कितने मरीज मिले
| जिला मरीज | मिले | ठीक हुए |
| नूंह | 48 | 0 |
| गुड़गांव | 32 | 17 |
| फरीदाबाद | 33 | 8 |
| पलवल | 30 | 1 |
| अम्बाला | 8 | 2 |
| करनाल | 6 | 3 |
| पंचकूला | 6 | 2 |
| सोनीपत | 5 | 1 |
| पानीपत | 5 | 4 |
| सिरसा | 4 | 2 |
| यमुनानगर | 3 | 0 |
| हिसार | 2 | 1 |
| भिवानी | 2 | 1 |
| जींद | 2 | 0 |
| कैथल | 2 | 0 |
| कुरुक्षेत्र | 2 | 0 |
| रोहतक | 1 | 0 |
| चरखी दादरी | 1 | 0 |
| फतेहाबाद | 1 | 1 |
नोट: इनमें अम्बाला, रोहतक और करनाल में 1-1 मरीज की मौत हुई है।



















