एंकर,,,,शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सोमवार को आंगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राज्यव्यापी एक दिवसीय हड़ताल करते हुए सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश भर से पहुंची सैकड़ों महिलाएं टालैंड में एकत्रित हुईं और वहां से जुलूस की शक्ल में सचिवालय तक पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने मध्य प्रदेश की तर्ज पर मानदेय बढ़ाने, सेवानिवृत्ति लाभ देने, न्यूनतम वेतन लागू करने तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को क्लास-3 एवं क्लास-4 कर्मचारियों का दर्जा देने की मांग उठाई। इसके अलावा पंजाब की तर्ज पर अवकाश सुविधा, स्पेशल मेडिकल लीव और ईएसआई (ESI) की सुविधा प्रदान करने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई।
बाइट,,, ऊषा रानी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की राष्ट्रीय महासचिव।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की राष्ट्रीय महासचिव ऊषा रानी ने कहा कि प्रदेश में आज एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की गई है। यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 11 जुलाई को पूरे हिमाचल प्रदेश में काला दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्री-स्कूल शिक्षा से जुड़े कार्यों के अलावा सरकार द्वारा सौंपे जाने वाले अनेक अतिरिक्त कार्य भी करती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मात्र 10 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को मोबाइल फोन भी स्वयं खरीदना पड़ता है और रिचार्ज के लिए मिलने वाली 155 रुपये की राशि बेहद अपर्याप्त है। संगठन का कहना है कि मौजूदा महंगाई के दौर में इतनी कम राशि में घर चलाना कठिन हो गया है और सरकार को उनके मानदेय एवं सुविधाओं में बढ़ोतरी करनी चाहिए।
























