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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

बुधवार को हरियाणा राजभवन में युवा चेतना के तत्वाधान में स्वामी सदानंद सरस्वती वेदांती जी महाराज की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया।

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चंडीगढ़, 22 दिसंबर-  बुधवार को हरियाणा राजभवन में युवा चेतना के तत्वाधान में स्वामी सदानंद सरस्वती वेदांती जी महाराज की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में मुख्यातिथि के रूप में हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने शिरकत की और स्वामी अभिषेक ब्रहमचारी जी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा चेतना के कन्वीनर श्री रोहित कुमार सिंह ने की।
राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय, स्वामी अभिषेक ब्रहम्चारी, पंजाब मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन जस्टिस इकबाल अहमद अंसारी व अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए कहा कि सनातन अतिपुरातन होते हुए भी आज के संदर्भ में नव्यनुतन है। सनातन में सभी धर्मों को सम्मान होता है। यह धर्म कास्ट, करीड और रिलीजन से उपर उठकर सभी धर्मों को जोड़ने की शिक्षा देता है। इसलिए इसे मानव धर्म माना गया है। इसी धर्म को आगे बढ़ाने में स्वामी सदानंद सरस्वती वेदांती जी महाराज ने आगे बढ़कर काम किया।
श्री दत्तात्रेय ने कहा कि स्वामी सदानंद सरस्वती वेदांती जी महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हुआ था। स्वामी वेदांती जी धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के शिष्य थे। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने हेतु अद्भुत काम किया था। श्री दत्तात्रेय ने कहा कि धर्म के ऐसे पुरोधा को वे कोटि-कोटि नमन करते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि आज के इस कार्यक्रम में जस्टिस इकबाल अहमद अंसारी जी ने शामिल होकर स्वामी जी के बताए मार्ग पर चलकर मजहब में मिठास घोलने का कार्य किया है। यह समाज के लिए एक अच्छा संदेश है।
समारोह में स्वामी सदानंद सरस्वती वेदांती जी महाराज के शिष्य स्वामी अभिषेक ब्रहम्चारी जी ने अपने सम्बोधन में स्वामी वेदांती जी के साथ बिताए पलों व उनकी शिक्षाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि वेदांती जी महाराज सनातन धर्म के विकास और विस्तार के सूर्य थे। साथ ही स्वामी जी ने सदैव गरीब व वंचित व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास और देश गौ रक्षा के लिए अदभुत कार्य किया।
इस अवसर पर जस्टिस इकबाल अहमद अंसारी ने कहा कि सनातन धर्म में सदैव समाज व देश में शांति, अमन व साम्प्रदायी भाईचारे की शिक्षाओं को आगे बढ़ाया है। यही सनातन की आत्मा है। इसी आत्मा को मजबूत करने के लिए स्वामी वेदांती जी महाराज ने जीवन पर्यन्त कार्य किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए युवा चेतना के कन्वीनर श्री रोहित कुमार ने कहा कि वेदांती जी महाराज ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जन्म लेकर वाराणसी व वैशाली सहित पूरे देश को अपना कार्य क्षेत्र बनाया और उन्होंने गरीब, वंचित व गौ रक्षा के लिए राजनीति में पदार्पण किया और रामराज्य परिषद् से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा। उन्होंने कहा कि वेदांती जी महाराज ने जिस प्रकार से राष्ट्रीय एकता और समाज कल्याण में सनातन का विस्तार किया उसी प्रकार से आज जरूरत है युवा पीढ़ी उनके बताए मार्ग पर चलकर उनके सपनों को आगे बढ़ाए यही स्वामी वेदांती जी महाराज को सच्ची श्रद्धंजलि होगी।
इस अवसर पर पंजाब के वित्त विभाग के प्रधान सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने स्वामी सदानंद सरस्वती वेदांती जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए गुरू-शिष्य और शिष्य-गुरु के महत्व के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।
इस कार्यक्रम में श्री अरविंद सेठ जी, एडवोकेट, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट, श्री गगनप्रीत सिंह, श्री नीरज गर्ग, श्री मोहनदीप सिंह, श्री अंकुर जुनेजा व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कैप्शन-1- हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय बुधवार को राजभवन में स्वामी सदानंद सरस्वती वेदांती जी महाराज की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि समारोह में दीप प्रज्जवलित कर नमन करते हुए। इस अवसर पर, स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी, पंजाब मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन जस्टिस इकबाल अहमद अंसारी, युवा चेतना के राष्ट्रीय कन्वीनर रोहित कुमार सिंह व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।