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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने शिक्षाविदों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ.साथ स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार कौशल शिक्षा में पारंगत करें ।

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चण्डीगढ़  19 अक्टूबर- हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने शिक्षाविदों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ.साथ स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार कौशल शिक्षा में पारंगत करें । उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि युवाओं के पास कौशल और निपुणता होगी तो उन्हें रोजगार की समस्या नहीं रहेगी ।
उन्होंने यह बात मंगलवार को इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, रेवाड़ी में आजादी के अमृत महोत्सव का शुभारंभ करने के उपरांत शिक्षकों व विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। राज्यपाल एवं कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय का विश्वविद्यालय में पहुंचने पर कुलपति प्रो एस के गक्खड़, दक्षिणी रेंज के आईजी डा0 एम रविकिरण, उपायुक्त यशेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल व कुलसचिव प्रो प्रमोद कुमार ने स्वागत किया।
राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थी इस परिसर से शिक्षा प्राप्त कर अपने आगामी जीवन में प्रवेश करेंगे। शिक्षा का उद्देश्य नौकरी हासिल करना नहीं बल्कि अपने कौशल से नए आइडिया पर काम करते हुए क्षेत्र व देश के विकास में योगदान देना है । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इसी उद्देश्य को लेकर स्टार्ट अप इंडिया, मेक इन इंडिया व स्किल इंडिया जैसे कार्यक्रम आरंभ किए। युवाओं को खुले मन व विचार से जीवन में आगे बढऩा चाहिए और नए.नए विषयों का यहां से ज्ञान प्राप्त कर अपने संस्थान के प्रति जीवन भर कृतज्ञ रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वाधीनता आंदोलन में अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देने वाले शहीदों के प्रति सदैव ऋणी होना चाहिए। उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए स्वतंत्रता प्राप्ति के 75 वर्ष के अवसर पर यह संकल्प भी धारण करना चाहिए कि जब 2047 में आजादी हासिल करने का शताब्दी वर्ष मनाया जाएगा तब हमारा देश दुनिया की महाशक्ति बने। वर्तमान समय रिफॉर्म और परफार्म करने का दौर है। अगले 25 वर्ष तक हम सबको इसी संकल्प पर खेल, विज्ञान, उद्योग, कृषि आदि सभी क्षेत्रों में इसी उद्देश्य से आगे बढऩा होगा। उन्होंने विश्वविद्यालय का दौरा करते हुए कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि इस विश्वविद्यालय में फारवर्ड लुकिंग एप्रोच के साथ यहां शिक्षा प्रदान की जा रही है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने योग, माइम, देशभक्ति गीत सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। राज्यपाल ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को अदभुत व दिल को छूने वाला प्रदर्शन बताया। उन्होंने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया।
राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण किया और जल घर की आधारशिला रखी। इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारतरत्न स्वण् अटल बिहारी वाजपेजी लाइब्रेरी गेट व उनके चित्र का अनावरण किया तथा नवनिॢमत विक्रम साराभाई वीडियो कांफ्रेंस कक्ष का शुभारंभ राष्ट्रीय ध्वज स्थल पर नेता जी सुभाष चंद्र बोस के चित्र व फार्मास्युटिकल विभाग के सेमिनार हाल में डिजिटल बोर्ड का अनावरण किया। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के कुलपति  प्रो एस के गक्खड़   ने कार्यक्रम में पहुंचने पर कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर पदमश्री डा एसएस यादव, हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष पारीशा शर्मा, डीन ऑफ स्टूडेंट वैलफेयर, विजय अरोड़ा, प्रोण् ममता कामरा व एसडीएम रविंद्र यादव सहित अन्य अधिकारीगण, शिक्षकगण व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण करते हुए लाइब्रेरी में रिसर्च स्कॉलर व फार्मास्युटिकल विभाग के विद्यार्थियों से भी संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली साथ ही फार्मा विद्यार्थियों को थ्योरी के साथ.साथ क्षेत्र की बड़ी कंपनियों का दौरा करने के भी सलाह दी। साथ ही फार्मा क्षेत्र में नए इनोवेटिव आइडिया पर काम कर अपने क्षेत्र व देश के विकास में योगदान की बात कही।
विश्वविद्यालय के  विभागाध्यक्षों की बैठक को किया संबोधित
राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के रूप में सभी विभागाध्यक्षों के साथ विश्वविद्यालय की प्रगति व भविष्य से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विभागाध्यक्षों को समय समय पर नवीनतम टैक्नॉलाजी से अपडेट रहने को कहा। आप अपडेट रहेंगे तभी विद्यार्थियों को भी इनका ज्ञान मिलेगा। शिक्षकों की प्रेरणा से जीवन में आवश्यक परिवर्तन आते हैं। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद विश्वविद्यालय की प्रगति पर प्रसन्नता भी जाहिर की। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ.साथ खेलों के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोण् एसण्केण् गक्खड़ ने संस्थान की प्रगति व मांग के संबंध में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया।