Mirror 365 - NEWS THAT MATTERS

Dear Friends, Mirror365 launches new logo animation for its web identity. Please view, LIKE and share. Best Regards www.mirror365.com

Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

गिद्दड़बाहा में कुत्ते के मुंह में लटकता मिला तीन माह का भ्रूण, महिला ने छुड़ाया, पुलिस जांच में जुटी

0
269

भास्कर न्यूज|गिद्दड़बाहा/मुक्तसर

शहर के भारू चौक में बुधवार सुबह तीन चार माह का भ्रूण (लड़के) मिलने का मामला सामने आया है। भारू चौक में बनी झुग्गी झोपड़ी में रहती एक महिला ने सुबह करीब सात बजे एक कुत्ते को मुंह में पकड़कर ले जाते भ्रूण को देखा तो ईंट मारकर भ्रूण को छुड़ाया। जिसके बाद इसकी सूचना गिद्दड़बाहा पुलिस को दी गई। दूसरी ओर शहर की सामाजिक संस्था सहारा क्लब के प्रधान पवन बांसल ने पुलिस व सिविल प्रशासन की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनकी ओर से क्षेत्र में अनाधिकारित खुले जच्चा बच्चा केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई। खास बात यह है कि गत दिनों ही सिविल अस्पताल गिद्दड़बाहा की ओर से क्षेत्र में घरों में डिलीवरी का काम करने वाली दाइयों की जांच कर भ्रूण हत्या का मामला नहीं होने का दावा भी जताया जा रहा है। शहर के भारू चौक में बनी झुग्गी झोपड़ी में रहती महिला शोभा देवी प|ी दलीप मंडल ने बताया कि बुधवार सुबह करीब सात बजे वह पानी भरने जा रही थी कि इस दौरान पास से गुजरते एक आवारा कुत्ते को देखा, जिसके मुंह में भ्रूण लटक रहा था। जिसके बाद उसकी ओर से पास ही पड़े ईंट को उठाकर कुत्ते से उसे छुड़ाया। इस घटना के बाद इसकी सूचना गिद्दड़बाहा पुलिस को दी गई। जिसके बाद शहर की सामाजिक संस्था विवेक आश्रम की एंबुलेंस के ड्राइवर मंगा सिंह ने घटनास्थल पर पहुंच उक्त भ्रूण को सिविल अस्पताल गिद्दड़बाहा पहुंचाया। इस संबंध में एसएमओ डॉ.प्रदीप सचदेवा ने बताया कि उनकी जांच दौरान पता चला कि उक्त भ्रूण तीन-चार माह का मृत है। जिसे फिलहाल सिविल अस्पताल की माेर्चरी में रखा गया है। उनकी ओर से गत दिनों ही सिविल अस्पताल की टीम क्षेत्र में भेज कर घरों में दाई का काम करने वाली कुछ दाइयों की जांच करके किसी किस्म का भ्रूण हत्या का मामला सामने नहीं आने का दावा भी किया है। दूसरी ओर गिद्दड़बाहा थाने के एएसआई चमकौर सिंह व कांस्टेबल बलदेव सिंह ने बताया कि पुलिस की ओर से फिलहाल मामले की जांच कर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

सिविल व पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सामाजिक संस्थाएं उठा रहीं सवाल

पुलिस कर्मी कानूनी कार्रवाई करते हुए।



शहर में इससे पहले भी 8 भ्रूण मिल चुके हैं। इनमें एक गुरू गोबिंद सिंह पार्क में और दूसरा भ्रूण कोटली रोड में सूए में मिला था। इसके बाद शहर के गोनियाना रोड पर सूए से भी एक भ्रूण मिला था। इसी तरह अबोहर रोड पर पनबस कार्यालय के नजदीक कुछ समय पहले भ्रूण मिला था। इसी तरह गवर्नमेंट कॉलेज के पीछे रजबाहे में एक लड़की का भ्रूण मिला था। इसी तरह मुक्तसर की निहंगा वाली छावनी के पास एक लड़के का भ्रूण मिला था। इसी तरह 8 मार्च 2019 को महिला दिवस वाले दिन गिद्दड़बाहा के गांव मधीर में रजबाहे में से एक नव जन्मी बच्ची का भ्रूण मिला था। 25 मई को गिद्दड़बाहा के रेलवे प्लेटफार्म नंबर 2 के समीप सफेदों में से एक 10-12 सप्ताह का भ्रूण मिला था। जिला प्रशासन को इस मामले पर गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए, ताकि सामाजिक बुराई को रोका जा सके। जिले के सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भी कड़ी निगरानी रखने की जरूरत है।

एक्सपर्ट व्यू|आईपीसी धारा 313 के तहत भ्रूण हत्या करने का जुर्म साबित होने पर दोषी व्यक्ति को 10 साल से उम्र कैद तक की सजा हो सकती है। यह एक्ट भ्रूण के माता-पिता व लिंग की जांच करने वाले डॉक्टर पर लागू होता है। -एडवोकेट जसपाल औलख



समाज सेवी सुदर्शन सिडाना का कहना है कि भ्रूण हत्या समाज के लिए अभिशाप है। सरकार को ऐसे कार्य करने वालों को सख्त सजा देनी चाहिए। इसके साथ ही हमें समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलानी चाहिए ताकि ऐसे भ्रूण हत्या रोका जा सके। समाज में लड़कियों की अहमियत समझते हुए उन्हें बचाने कर हर संभव प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रूण हत्या में शामिल डॉक्टर को भी सख्त सजा मिलनी चाहिए।