
- चार सेंटर्स ने टाइम मांगा, कहा- एनओसी के लिए किया है अप्लाई
Dainik Bhaskar
Aug 03, 2019, 07:10 AM IST
चंडीगढ़. सूरत के कोचिंग सेंटर में आग लगने से 22 स्टूडेंट्स की मौत हो गई थी, क्योंकि उन्हें बाहर निकलने का रास्ता ही नहीं मिला था। चंडीगढ़ के कोचिंग सेंटर्स में भी कुछ ऐसा ही हाल है। प्रशासन ने सभी सेंटर्स को
नोटिस दिए थे कि फायर सेफ्टी को लेकर प्राॅपर इंतजाम करें। लेकिन अभी भी कई सेंटरों ने फायर सेफ्टी इंतजामों को लेकर सब डिविजनल मजिस्ट्रेट से एनओसी नहीं ली है। मतलब इंतजाम किए ही नहीं। इसके चलते एडीएम सेंट्रल नाजुक कुमार के निर्देशों पर शुक्रवार को सेक्टर-15 में तीन कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया। चार कोचिंग सेंटरों ने टाइम मांगा कि उन्होंने एनओसी के लिए एप्लाई किया हुआ।
एसडीएम की तरफ से कहा गया है कि जिन भी कोचिंग सेंटरों ने नोटिस भेजे जाने के बावजूद न तो एनओसी के लिए एप्लाई किया और न ही प्राॅपर इंतजाम किए, उन पर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले सेक्टर-24 में एक कोचिंग सेंटर सील किया जा चुका है। सेक्टर-15 में सुबह करीब 8:30 बजे इस्टेट आॅफिस की टीम ने एससीओ नंबर-2, 80-81 और 72-73 में चल रहे कोचिंग सेंटरों को सील किया। इनमें आईबीएस प्रमुख है।
फायर सेफ्टी के इंतजाम न होने के चलते कार्रवाई :
एसडीएम सेंट्रल नाजुक कुमार ने अपने एरिया में आते सभी कोचिंग सेंटरों की खुद इंस्पेक्शन की थी। इनमें कई तरह की वाॅयलेशन जैसे एंट्री के एरिया में इलेक्ट्रिसिटी वायर और मीटर लगे हैं। कोचिंग सेंटरों में क्लास रूम बनाने के लिए एेसी लकड़ी को यूज किया गया है, जो आग तेजी से पकड़ती है। सेंटरों के एग्जिट पॉइंट पर भी वाॅयलेशन थी। इसके बाद एसडीएम ने कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी कर एक महीने का टाइम दिया था। कहा कि सभी वाॅयलेशन हटाकर फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज से नो आॅब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेकर एसडीएम आॅफिस में सब्मिट करना है। लेकिन अब तक कोचिंग सेंटरों ने न तो वाॅयलेशन हटाई न ही एनओसी के लिए एप्लाई किया।
करीब 400 से ज्यादा सेंटर्स में मिली थी वाॅयलेशन :
चंडीगढ़ में डिप्टी कमिश्नर मनदीप सिंह बराड़ ने एसडीएम और एमसी को सभी कोचिंग सेंटर्स में वाॅयलेशन चेक करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद फायर एंड इमरसेंजी सर्विस की तरफ से सभी सेंटरों में की चेकिंग की गई। इनमें से करीब 400 से ज्यादा सेंटर्स में वाॅयलेशन पाई गई थी। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने को लेकर निर्देश दिए गए थे। इन सेंटरों को पहले वाॅयलेशन हटाने और फायर सेफ्टी को लेकर प्राॅपर इंतजाम किए जाने को लेकर टाइम भी दिया गया था।



















