चंडीगढ़। भाजपा के वरिष्ठ नेता व बॉलीवुड अभिनेता शत्रुघन सिन्हा शुक्रवार को चंडीगढ़ पहुंचे और पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री हरमोहन धवन से मुलाकात की। दोनों नेताओं की घंटों बात हुई। दोनों ने पार्टी की अंदरुनी राजनीति पर चर्चा की। दोनों नेता पार्टी के पहली पंक्ति के नेताओं द्वारा उन्हें हाशिये पर धकेलने को लेकर अाहत हैं। दोनों की मुलाकात के बाद चंडीगढ़ में राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।
धवन के मुताबिक उन्हें चंडीगढ़ भाजपा में नजरअंदाज किया गया है। उन्हें पूरी तरह से साइड लाइन कर दिया गया है। इसी तरह शत्रुघन सिन्हा और पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। धवन ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज करके पार्टी हाशिये पर जा रही है और शत्रुघन सिन्हा भी इससे सहमत दिखे।
धवन के मुताबिक सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर उन नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है, जो कि असल में पार्टी के लिए काम करना चाहते हैं और कमियों को दूर करने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन पार्टी में कुछ ऐसे नेताओं पर हावी हो गए हैं। वे बुराई नहीं सुनना चाहते।
बकौल धवन उन्होंने शत्रुघ्न सिन्हा व यशवंत सिन्हा के साथ बैठक तय की थी, लेकिन यशवंत सिन्हा के व्यस्त होने के कारण वे इसमें शामिल नहीं हो पाए। जल्द ही वे बैठकर रणनीति तय करेंगे। धवन ने कहा कि यशवंत और शत्रुघ्न सिन्हा दोनों ही उनके पुराने मित्र हैं, क्योंकि उन्होंने इनके साथ काम किया है। यही कारण है कि तीनों नेताओं ने पार्टी की वर्तमान स्थिति पर इकट्ठे बैठने का फैसला लिया था।
धवन ने कहा कि न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि शहर में भी पार्टी के कार्यकर्ताओं में रोष है, क्योंकि पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजरअंदाज किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगर पार्टी में कार्यकर्ताओं की ही सुनवाई नहीं होगी तो आम जनता का क्या हाल होगा।




























