राष्ट्रीय कवि संगम, चंडीगढ़ प्रांत की तरफ से सेक्टर 8 स्थित डॉ. सन्तोष गर्ग के निवास स्थान पर एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें वरिष्ठ साहित्यकारा श्रीमती किरण आहूजा जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति रहीं। इनके कर कमल द्वारा दीप प्रज्वलन के बाद गोष्ठी का शुभारंभ कवयित्री अमिता गुप्ता मगोत्रा ने मात शारदा की वंदना से किया। इस बहुभाषीय काव्य गोष्ठी का सन्चालन प्रांतीय महासचिव अनिल ‘चिंतक’ ने किया। संस्था सचिव बिजेंद्र सिंह चौहान एवं मोहाली इकाई अध्यक्ष रंजन मगोत्रा भी उपस्थित रहे।
इस गोष्ठी में संतोष गर्ग, किरण आहूजा, अनिल शर्मा, रंजन मगोत्रा, अमिता मगोत्रा, बिजेंद्र चौहान, गौरव शर्मा, राजेश भाटिया, प्रियंका बिश्नोई, गरिमा गर्ग, सुनीता गर्ग, संगीता पुखराज, पुष्पा हंस ट्राई सिटी के रचनाकारों द्वारा हिंदी, पंजाबी, हरियाणवी, डोगरी व अनेक भाषाओं पर रचनाएं प्रस्तुत की गईं।
कमला क्षत्रीय, विक्की, सीमा सैनी व रोशनी जी का विशेष सहयोग रहा। अंत में प्रोफेसर डॉ. एस.एल. गर्ग ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया।इस बहुभाषीय कवि गोष्ठी में रचनाकारों की चंद पंक्तियाँ:
*बात दिल की अगर बता देते, फूल राहों में हम बिछा देते – किरण आहूजा
*ओ पंछी कुथ्थे गई मेरी जान – डोगरी भाषा में रंजन मगोत्रा
*जहां बैठोगे तुम माधो, वहीं हम बैठ जाएंगे – संगीता पुखराज
आज जवान कल हम बुड्ढे हो जाएंगे। ये दिल के रिश्ते और भी गूढ़े हो जाएंगे-
राजेश भाटिया
*जो करै गीता का मनन, पावै परम सत्कार सै – हरियाणवी लेखक विजेंदर चौहान
*दिल उसी दिन से मेरा परेशान है, उसके नैनों में जब से नमीं देख ली- सुनीता गर्ग
*की गल्ल सुनावां तैनू रंगा दी अड़िए, गल्ला दा सिरा कित्थों फड़िए- अमिता मगोत्रा भारतीय जनता पार्टी मुसलमान
*सात जन्मों की बात करता था, कितनी जल्दी मुकर गया है वो। मेरे दिल से उतर गया है वो – गौरव शर्मा
*सताओ न हमें दिलवर, हमें दिल की बीमारी है- गरिमा गर्ग
*सब रिश्ते बदल जाते हैं, पर मां का प्यार कभी नहीं बदलता
– नवोदित कवयित्री प्रियंका बिश्नोई




















