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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

रीमा दास की फिल्म 'द विलेज रॉकस्टार' बनी असम की अंग्रेजी टैक्स्ट बुक का हिस्सा, 2019 में ऑस्कर भेजी गई थी

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Dainik Bhaskar

Feb 13, 2020, 08:30 AM IST

बॉलीवुड डेस्क. रीमा दास की राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता असमी फिल्म द विलेज रॉकस्टार अब बच्चों को पढ़ाई जा रही है। फिल्म की कहानी असम के पाठ्यक्रम में कक्षा 7 की अंग्रेजी की किताब में शामिल की कई है। चैप्टर धुनु की गिटार फिल्म की जर्नी और उसकी कहानी को बयां करता है। फिल्म 2019 में भारत की ओर से ऑस्कर के लिए पिछले साल ऑफिशियल एंट्री के तौर पर भेजी गई थी। 

रीमा से ज्यादा परिवार है खुश : फिल्म द विलेज रॉकस्टार ने चार नेशनल अवॉर्ड जीते थे। जिनमें बेस्ट फीचर फिल्म, बेस्ट एडिटिंग, बेस्ट ऑडियोग्राफी और बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता था। रीमा ने फिल्म की कहानी टैक्स्ट बुक में शामिल किए जाने पर खुशी जताई। वे कहती हैं- मेरे पिता एक स्कूल टीचर थे और मेरी मां प्रिंटिंग प्रेस चलाती थीं। मेरी सारी उपलब्धियों में से सबसे ज्यादा गर्व मेरे पैरेंट्स को इस पर ही हुआ है, इसलिए इस बात ने मुझे बेहद खुशी दी है। हमारी पूरी विलेज रॉकस्टार की टीम बहुत खुश है। 
 
रीमा आगे कहती हैं- मैं अपने आपको बहुत खुशनसीब मानती हूं, क्योंकि असम के बच्चे नए आइडिया खोजेंगे साथ ही मेरी फिल्म मेकिंग यात्रा के बारे में भी जानेंगे। मैं उम्मीद करती हूं कि असम से फिल्म मेकर्स की एक नई पीढ़ी बन रही है। सबसे बड़ा धन्यवाद टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का जिसने हम पर भरोसा जताकर हमारी फिल्म का प्रीमियर किया था।   

फिल्म की अन्य उपलब्धियां : विलेज रॉकस्टार 15 जनवरी 2020 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है। इसने दुनिया भर के करीब 80 से ज्यादा फिल्म फेस्टिवल्स में प्रीमियर हासिल किए हैं और 44 अवॉर्ड भी जीते हैं। यह हाल के कुछ सालों में भारत की सबसे ज्यादा ट्रेवल करने वाली फिल्म है। फिल्म 10 साल के धुनु की है जो असम के एक गरीब परिवार से है और अपना खुद का गिटार होने का सपना संजोए है। 

इस तरह हुआ फाइनल : अप्रैल 2019 में एससीईआरटी टीम मिडिल स्कूल के लिए नई टैक्स्ट बुक्स बनाने की तैयारी कर रही थी। जिसमें मुख्य चयनकर्ता के रूप में डॉ. मीजो पोर्वा बोराह शामिल थे। प्रो. पद्मिनी बरुआ ने महसूस किया कि असम के बच्चों को रीमा के सफर से सीखना चाहिए। और उस असम से अधिक परिचित हो सकते हैं जिसे उनकी फिल्म सामने लाई थी। उन्होंने रीमा से मुलाकात की और रीमा मान गईं। मीजो बैड्यू ने एससीईआरटी के डायरेक्टर डॉ. निरादा देवी के साथ मिलकर आधिकारिक प्रक्रिया पूरी की और यह निर्णय समाने आया।