चंडीगढ़, 20 अप्रैल: सेक्टर-39 स्थित आम आदमी पार्टी कार्यालय में आज आयोजित प्रेस वार्ता में अध्यक्षता करते हुए विजयपाल सिंह ने पत्रकार साथियों का स्वागत किया और कहा कि पार्टी शहर के अहम जन-समस्याओं को लगातार उठाती रही है।
इस दौरान ओमकार सिंह औलख (जनरल सेक्रेटरी), हरदीप सिंह (पार्षद), योगेश ढींगरा (मुख्य प्रवक्ता) ने विस्तार से प्रेस को संबोधित किया, जबकि विक्रांत ए. तनवर (स्टेट मीडिया इंचार्ज) भी उपस्थित रहे।
ओमकार सिंह औलख ने कहा कि चंडीगढ़ में चल रही डेमोलिशन कार्रवाई सुनियोजित तरीके से लोगों पर दबाव बनाने का माध्यम बन गई है। “5 तारीख से शुरू हुई यह कार्रवाई सेक्टर दर सेक्टर बढ़ती गई—पहले सेक्टर 48, फिर 45—और चौथे दिन अचानक भाजपा के मेयर का पहुंचना केवल दिखावा था। जब तक लोग खुद संघर्ष नहीं कर रहे थे, तब तक कोई सामने नहीं आया,” उन्होंने कहा।
औलख ने आरोप लगाया कि शुरू से ही आम आदमी पार्टी के पार्षद मौके पर डटे रहे, जबकि अन्य दल बाद में “क्रेडिट लेने” के लिए पहुंचे। “386 नोटिस जारी होना बताता है कि यह कोई अलग-अलग कार्रवाई नहीं, बल्कि एक प्लान्ड ड्राइव है,” उन्होंने जोड़ा।
हरदीप सिंह ने इस पूरी कार्रवाई को “इलेक्शन स्टंट” बताते हुए कहा कि हर चुनावी साल में इस तरह की तोड़फोड़ क्यों तेज हो जाती है। “पिछले 10 साल भाजपा और उससे पहले कांग्रेस—दोनों ने लोगों को सिर्फ वादे दिए, समाधान नहीं। अब फिर वही डर का माहौल बनाकर राजनीति की जा रही है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी किसी भी अवैध निर्माण के पक्ष में नहीं है, लेकिन “चुनिंदा कार्रवाई कर लोगों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है।”
योगेश ढींगरा ने कहा कि केंद्र और भाजपा सरकारों के पुराने वादे आज पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। “जहां लोगों को घर देने की बात की गई थी, वहीं अब वर्षों से बसे परिवारों को उजाड़ा जा रहा है। रोज-रोज के नोटिस से लोगों की नींद छीन ली गई है और एक स्थायी डर का माहौल बना दिया गया है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया जरूरत के नाम पर किए गए छोटे-छोटे बदलावों को भी “वायलेशन” बताकर लोगों को परेशान करने का जरिया बन गई है।
नेताओं ने बताया कि प्रशासन द्वारा 386 मकानों को तोड़ने के नोटिस जारी किए गए हैं और अब सेक्टर-29 व 30 में भी 38 नए नोटिस देकर लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब पहले डेमोलिशन शुरू हुआ, तब आप के पार्षद लगातार चार दिन तक लोगों के साथ खड़े रहे, जबकि भाजपा और कांग्रेस के प्रतिनिधि बाद में पहुंचे।
आप ने भाजपा और कांग्रेस पर अंदरखाने मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले कार्रवाई होने दी जाती है, फिर मौके पर जाकर सहानुभूति दिखाई जाती है—यह साफ तौर पर राजनीतिक ड्रामा है।
पार्टी ने प्रशासन से मांग की:
386 डेमोलिशन नोटिस तुरंत वापस लिए जाएं
लोगों को बार-बार नोटिस देकर परेशान करना बंद किया जाए
एक स्पष्ट और न्यायसंगत नीति लागू की जाए
आप नेताओं ने कहा कि पार्टी शुरू से लोगों के साथ खड़ी है और आगे भी हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।
अंत में चेतावनी दी गई कि अगर यह कार्रवाई नहीं रोकी गई, तो आने वाले समय में चंडीगढ़ की जनता इसका कड़ा जवाब देगी।




















