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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

देश-विदेश में आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के लिए धन की कोई कमी समस्या नहीं है : बनवारी लाल पुरोहित

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देश-विदेश में आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के लिए धन की कोई कमी समस्या नहीं है : बनवारी लाल पुरोहित
चण्डीगढ़ : अखिल भारतीय आयुर्वेदिक कांग्रेस, नई दिल्ली द्वारा श्री धनवंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल सेक्टर 46, चण्डीगढ़ में भारत के आयुष मंत्रालय नई दिल्ली के द्वारा प्रायोजित आयुर्वेद पर्व का आयोजन किया गया जो 12 नंबम्बर से आरम्भ हुआ व 14 नंबम्बर तक चलेगा।

पर्व का उद्घाटन पंजाब के माननीय राज्यपाल व प्रशासक, चण्डीगढ़ बनवारी लाल पुरोहित द्वारा किया गया और डॉ. राज कुमार वेरका, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान मंत्री, पंजाब ने उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता की। इसके इलावा पदमश्री वैद्य देवन्दर त्रिगुणा, अध्यक्ष अखिल भारतीय आयुर्वेदिक कांग्रेस, आलोक शेखर प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, यंशपाल गर्ग आईएएस, सचिव, आयुष और स्वास्थ्य, चण्डीगढ़, वैद्य जंयत देवपुजारी, अध्यक्ष, भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार वैद्य मनोज नेसरी, सलाहकार, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार, डॉ. तनुजा मनोज नेसरी, निदेशक, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली ने इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और दर्शकों को संबोधित किया। स्वागत भाषण में डा. राकेश शर्मा, अध्यक्ष, राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार, जो वैद्य सभा चंडीगढ़ के अध्यक्ष भी हैं, ने गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और आयुर्वेद महासम्मेलन के कामकाज और इतिहास के बारे में बताया और बताया कि वर्ष 1907 से आयुर्वेद का देश-विदेश में प्रचार प्रसार कर रहा है।

वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा ने माननीय राज्यपाल और माननीय मंत्री  से एक मात्र सरकारी आयुर्वेदिक महाविद्यालय पटियाला में कर्मचारियों की कमी के चलते उन्नयन करने का अनुरोध किया। पिछले कई वर्षों में कोई नियमित नियुक्ति नहीं होने के कारण और इस महाविद्यालय में शिक्षकों के अधिकाशं पद खाली पड़े रहने के कारण, उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय आयुष मिशन की विभिन्न योजनाओं की धनराशि आयुर्वेद विभाग पंजाब के पास लंबित है, जिसे शीघ्र व्यय करने की आवश्यकता है। उन्होंने माननीय मंत्री से मोहाली में आयुर्वेदिक महाविद्यालय शुरू करने का अनुरोध किया जहा सरकारी एलोपेथिक महाविद्यालय और सरकारी दंत चिकित्सा महाविद्यालय पहले से ही स्थापित किये जा चुके हैं। उन्होंने माननीय राज्यपाल से एक सरकारी आयुर्वेदिक महाविद्यालय चंडीगढ़ में भी स्थापित करने का अनुरोध किया। आयुष मंत्रालय जिसके लिए पहले ही धन राशि प्रदान कर चुका है उन्होंने प्रशासक से यूटी चंडीगढ़ में आयुष सेवाओं की बेहतर स्थापना के लिए आयुष निर्देशालय के लिए अलग से तकनीकी निर्देशक नियुक्त करने का अनुरोध किया।

पंजाब के माननीय राज्यपाल और यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने दर्शकों को संबोधित किया और छात्रों को आश्वासन दिया कि भविष्य उनका है। उन्होंने कहा कि जहां तक केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ का संबंध है, आयुर्वेद के लिए धन की समस्या नहीं है और यदि प्रशासन में किसी भी स्तर पर  कोई प्रशासनिक मामला लंबित है तो उसे तुरंत दूर किया जाएगा। उन्होंने छात्रों से आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने को कहा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में महाविद्यालय के लिए जमीन का पता लगाएं और फाईल को तुरंत मंजूरी दी जाएगी। राज कुमार वेरका ने कहा कि मोहाली में आयुर्वेदिक महाविद्यालय की स्थापना का काम कल से ही शुरू कर दिया जाएगा, उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी आयुर्वेदिक महाविद्यालय पटियाला में रिक्त पदों के मामले को देखने के लिए एक समिति पहले ही गठित की जा चुकी है।

आलोक शेखर ने बताया कि पंजाब सरकार ने वर्ष 2008 से वर्ष 2020 तक पंजाब भर में 14 आरोग्य मेलों का भी आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व डीन कॉलेज डॉ राकेश शर्मा का चयन बोर्ड ऑफ एथिक्स एंड रेगुलेशन, राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग आयुष मंत्रालय नई दिल्ली के अध्यक्ष के रूप में किया गया है और डॉ ईश शर्मा, पूर्व परिक्षा नियंत्रक गुरु रविदास आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जिन्हें मॉरिशस में आयुर्वेद का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रतिनियुक्त किया गया है। यह हमारे आयुर्वेदिक विभाग, पजांब सरकार के लिए गर्व की बात है। श्री मनोज नेसरी जी ने आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयुष के प्रचार-प्रसार के लिए देश और विश्व में शुरू की गई विभिन्न योजनाओं का वर्णन किया। डॉ तनुजा नेसरी ने अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली में कोविड प्रबंधन की सफलता की कहानी सुनाई। जयंत देवपुजारी  ने बताया कि सरकारी आयुर्वेदिक महाविद्यालय बनाने का कोई प्रस्ताव है तो आयोग से तुरंत अनुमति मिल जाएगी।

पर्व में लोगों को आयुर्वेदिक व योग विशेषज्ञों द्वारा निःशुल्क परामर्श व निःशुल्क दवाईयों का वितरण किया गया। पर्व में औषध कंपनियों द्वारा स्थापित आयुर्वेदिक स्टालों का लोगों ने दौरा किया। पर्व में प्रवेश निःशुल्क था। आम लोगों  और छात्रों के लिए भी जाने-माने आयुर्वेदिक विशेषज्ञों द्धारा स्वास्थ्य के मुद्दों पर व्याख्यान दिए गए।
वैद्य देवेद्रं त्रिगुणा जी के मार्गदर्शन में पूरे पर्व का आयोजन किया गया। डॉ संजीव गोयल, रजिस्ट्रार, आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा प्रणाली, पंजाब, डॉ नरेंद्र भारद्वाज, संयुक्त निर्देशक, आयुष, यूटी चंडीगढ़, आयुर्वेद महासम्मेलन के सचिव वैद्य अनिल भारद्वाज जी ने सभी हित धारकों के साथ सम्न्चय किया। अंत में डॉ. नरेश मित्तल, सचिव श्री धन्वंतरी एजुकेशन सोसाइटी, चंडीगढ़ ने सभी गणमान्य व्यक्तियों को उनकी सम्मानित उपस्थिति के लिए धन्यवाद दिया।