Mirror 365 - NEWS THAT MATTERS

Dear Friends, Mirror365 launches new logo animation for its web identity. Please view, LIKE and share. Best Regards www.mirror365.com

Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

क्या वर्ल्ड कप हार का दोष बांगर पर आ रहा?

0
357

  • ‘बांगर के योगदान को अनदेखा नहीं कर सकते’
  • ‘वर्ल्ड कप की हार से पहले बांगर को लगातार तारीफ भी मिलती रही है’

अयाज मेमन

अयाज मेमन

Aug 25, 2019, 09:27 AM IST

खेल डेस्क. रवि शास्त्री को टीम इंडिया का हेड कोच चुना जा चुका है। अब बारी सपोर्ट स्टाफ की है। गेंदबाजी कोच भरत अरुण और फील्डिंग कोच आर श्रीधर अपनी पोजीशन बरकरार रख सकते हैं। जबकि बल्लेबाजी कोच संजय बांगर शॉर्टलिस्ट हुए कैंडिडेट में भी शामिल नहीं हैं। ये बात थोड़ी समझ से परे है। भारत को चैंपियंस ट्रॉफी-2017 के फाइनल और वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल जैसे दो अहम मैचों में हार मिली है, लेकिन टीम ने पिछले दो साल में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। इसकी वजह सिर्फ गेंदबाजी और फील्डिंग ही नहीं है।

बल्लेबाजों ने अच्छे रन बनाए होंगे, तभी गेंदबाज उसे डिफेंड करने में सफल हुए।

इस लिहाज से बांगर के योगदान को अनदेखा नहीं कर सकते। लेकिन शास्त्री, भरत अरुण और श्रीधर को शॉर्टलिस्ट या फाइनल लिस्ट में रखते हुए बांगर को हटाने का फैसला ये संकेत देता है कि जैसे दो बड़ी हार में अकेले बांगर की ही गलती थी। जबकि वर्ल्ड कप की हार से पहले बांगर को लगातार तारीफ भी मिलती रही है।

सपोर्ट स्टाफ चुनने की प्रक्रिया में क्रिकेट सलाहकार समिति को शामिल रहना चाहिए
दो बातें बांगर के खिलाफ जाती दिखती हैं। पहली- वे वनडे टीम में नंबर-4 का बल्लेबाज तैयार नहीं कर सके। दूसरी- सेमीफाइनल में एमएस धोनी को नंबर-7 पर भेजने का फैसला, लेकिन इसमें ये समझना जरूरी है कि वह फैसला अकेले बांगर का नहीं रहा होगा। मुझे लगता है कि सपोर्ट स्टाफ चुनने की प्रक्रिया में हेड कोच रवि शास्त्री, चीफ सेेलेक्टर एमएसके प्रसाद और क्रिकेट सलाहकार समिति को शामिल रहना चाहिए। फिर फैसला जो भी हो, इसमें पर्याप्त पारदर्शिता रहेगी।

DBApp