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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

एसएसीसी के सक्षम एक्सेलेरेटर डेमो डे के तहत असिस्टिव टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स को 15 लाख रुपये का पुरस्कार

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चंडीगढ़, 14 अप्रैल 2026: देशभर से प्राप्त 200 से अधिक आवेदनों के साथ, स्टार्टअप एक्सेलेरेटर चैंबर ऑफ कॉमर्स (एसएसीसी) द्वारा संचालित सक्षम 2.0 असिस्टिव टेक्नोलॉजी क्षेत्र में कार्य कर रहे स्टार्टअप्स को समर्थन देने की एक केंद्रित पहल के रूप में उभरा है।

इस कार्यक्रम का समापन हाल ही में आयोजित टाई कॉन चंडीगढ़ 2026 में एक प्रभावशाली डेमो डे के साथ हुआ, जहां नौ होनहार स्टार्टअप्स ने ऐसे समाधान प्रस्तुत किए जो दिव्यांगजनों के लिए दैनिक जीवन को अधिक सुलभ, स्वतंत्र और गरिमापूर्ण बनाने की दिशा में कार्यरत हैं। उल्लेखनीय है कि एसएसीसी के कॉर्पोरेट कार्यालय मोहाली और चंडीगढ़ में स्थित हैं।

विजेताओं में, ऐश्वर्या कर्नाटकी द्वारा स्थापित ग्लोवाट्रिक्स ने 5 लाख रुपये का प्रथम पुरस्कार जीता। इस स्टार्टअप ने हाई-टेक ग्लव्स विकसित किए हैं, जो रियल-टाइम इंडियन साइन लैंग्वेज को स्पीच में तथा स्पीच को आईएसएल में परिवर्तित करने में सक्षम हैं, जिससे श्रवण और वाणी बाधित व्यक्तियों के लिए संचार सहज हो जाता है।

दूसरा पुरस्कार 2 लाख रुपये प्रवीन कुमार द्वारा स्थापित डेक्स्ट्रोवेयर डिवाइसेस को दिया गया। इस स्टार्टअप ने ऐसे वियरेबल समाधान विकसित किए हैं, जो गतिशीलता में बाधा वाले व्यक्तियों को सहज गतिविधियों के माध्यम से उपकरणों के साथ इंटरैक्ट करने में सक्षम बनाते हैं। श्रद्धा अग्रवाल द्वारा स्थापित साइनसेतु ने 2 लाख रुपये का तीसरा पुरस्कार प्राप्त किया। यह एक मोबाइल ऐप है, जो बधिर समुदाय के लिए शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

नेटस्मार्ट्ज ग्रुप के को-फाउंडर एवं सीईओ तथा एसएसीसी इंडिया के अध्यक्ष मणिपाल धारीवाल ने कहा, “यहां सबसे खास बात यह है कि संस्थापकों को जिन समस्याओं का समाधान करना है, उनकी गहरी समझ है। ये समाधान संवेदनशीलता के साथ बनाए गए हैं, जो उनकी प्रस्तुति में भी स्पष्ट झलकता है।”

वी एक्सेल सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के को-फाउंडर एवं एसएसीसी इंडिया के वाईस प्रेसिडेंट नितिन मोंगा ने कहा, “इस क्षेत्र में काम करना निरंतर प्रयास की मांग करता है। सक्षम कार्यक्रम सही समय पर सही प्रकार का समर्थन प्रदान कर रहा है, जिससे संस्थापक स्पष्टता के साथ आगे बढ़ सकें।”

एसएसीसी इंडिया के सीईओ विनीत खुराना ने नेटस्मार्ट्ज ग्रुप, वी एक्सेल सॉफ्टवेयर, ईवाई ग्लोबल डिलीवरी सर्विसेज और आईडीएस इन्फोटेक जैसे साझेदारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सक्षम के माध्यम से एसएसीसी का उद्देश्य किफायती, स्वदेशी असिस्टिव टेक्नोलॉजी के विकास को बढ़ावा देना है, जिससे लगभग 40,000 करोड़ रुपए के विदेशी आयात को कम किया जा सके।

इसके अतिरिक्त, एसएसीसी ने शेष छह स्टार्टअप्स को उनकी क्षमता को पहचानते हुए 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। सक्षम 2.0 के तहत कुल 15 लाख रुपये की अनुदान राशि वितरित की गई।

यह कार्यक्रम उन चुनौतियों का समाधान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। बातचीत सुनना, स्थानों में मार्गदर्शन प्राप्त करना, शिक्षा तक पहुंच बनाना या डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ संवाद करना—ये सभी कार्य दिव्यांगजनों के लिए बाधा बन सकते हैं।