Chandigarh June 30, 2022
- कैनवे कॉलेज ऑफ एजुकेशन, अबोहर व डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ ने “एक भारत श्रेष्ठ भारत” का जश्न मनाया – प्रोफेसर राजकुमार
- विभिनता व अखंडता ही भारत की विशेषता है – प्रोफेसर अंजू सूरी
- कैनवे में एक भारत श्रेष्ठ भारत के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन – डॉ सुशीला नारंग ।
आज स्थानीय कैनवे कॉलेज ऑफ एजुकेशन ने विभिन्न अध्यापक शिक्षण संस्थानों से हुए समझौता ज्ञापन के अंतर्गत शिक्षा विभाग, हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी (शिमला), शिक्षा विभाग टाटिया, यूनिवर्सिटी (श्रीगंगानगर) बुद्धा कॉलेज ऑफ एजुकेशन (करनाल) चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ एजुकेशन(मोहाली) गुरु रामदास बी.एड.कॉलेज (जलालाबाद) जे. डी. कॉलेज ऑफ एजुकेशन (श्री मुक्तसर साहिब), संत दरबरा सिंह कॉलेज आफ एजुकेशन फॉर विमेन (लोपों) संत बाबा हरी सिंह मेमोरियल खालसा कॉलेज ऑफ एजुकेशन (माहिलपुर) के संयोजन से एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया। कार्यक्रम का आरंभ कॉलेज के एल्यूमनाई श्री रवि प्रकाश द्वारा सरस्वती वंदना से किया गया। प्राचार्या डॉ सुशीला नारंग ने सभी अतिथियों का अभिवादन करते हुए अपने संदेश में कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत का मुख्य उद्देश्य भारतीय एकता और विविधता को अखंड करना, भावनात्मक बंधन के ताने-बाने को मजबूत करना व राज्यों की परस्पर भागीदारी को बढ़ाना है। इसलिए आज पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा व राजस्थान के संयुक्त आयोजन से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है इसके साथ-साथ दिल्ली के श्री गुरु नानक देव खालसा कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ मैथमेटिक्स के सहायक प्रोफ़ेसर की भागीदारी ने इस अखंडता को और मजबूत किया है और आशा है कि इस आयोजन से एक भारत श्रेष्ठ भारत के उद्देश्य की पूर्ति की जा सकेगी। हम विभिन्न राज्यों के इस प्रतिनिधित्व के माध्यम से भारत का एक अलग ही रंग देखेंगे। कार्यक्रम के मुख्य सरंक्षक प्रोफेसर राजकुमार, वाइस चांसलर पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ ने अपने संदेश में कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित कॉलेज ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं यह अपने आप में सराहनीय बात है, और मैं यह उम्मीद करता हूं कि भविष्य में भी इस संयुक्त सहयोग से ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन होता रहेगा। कार्यक्रम के संरक्षक प्रोफेसर अंजू सूरी, डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ ने अपने संदेश में कहा कि भारत सांस्कृतिक विविधताओं से भरा देश है और यही विविधताएं व विभिन्नताएं अपने आप में भारतीय एकता व अखंडता का एहसास कराती है। हमें एक दूसरे के संस्कृति सभ्यता को न केवल जानने सीखने की आवश्यकता है बल्कि उसके साथ आत्मीयता भी रखने की आवश्यकता है। तभी हम एक भारत श्रेष्ठ भारत को साबित कर पाएंगे। मुख्य अतिथि जे पी पचौरी, वाइस चांसलर हिमालयन यूनिवर्सिटी उत्तराखंड ने अपने संदेश के दौरान एक भारत श्रेष्ठ भारत की पृष्ठभूमि के बारे में समझाते हुए कहा कि भारत में लगभग 565 रियासतें थीं उनको जोड़ना व एक ही संविधान के अंतर्गत लाने काम सरदार वल्लभ भाई पटेल ने किया था। उसी उद्देश्य का फिर से एहसास दिलाने के लिए इसी मुहिम को चलाया गया है। इसी एकता व अखंडता को कायम रखने के लिए ऐसे प्ररेक कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता है। डॉ तृप्ता परमार प्रिंसिपल एसजीएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन फॉर विमेन (लोपों) ने अतिथियों का धन्यवाद करते हुए अपने संदेश में कहा कि जहां हर चीज में विभिन्नता व अखंडता का नारा है वह भारत वतन हमारा है। और इसी विभिनता और अखंडता को हम अपनी आंखों में बसा के रखते हैं डॉ राजेंद्र गोदारा डीन टाटिया यूनिवर्सिटी (श्रीगंगानगर) ने अपने संदेश में कहा कि जिस प्रकार हमने पाश्चात्य संस्कृति जैसे कि खान-पान पहरावा इत्यादि को हमने व हमारी पीढ़ियों ने अपना लिया है वैसे ही हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को अपने देश की विभिन्न राज्यों की संस्कृति , रीति रिवाज परंपराओं से रूबरू कराएं ताकि हम अपनी एकता और अखंडता को और अधिक सबल व सुदृढ़ कर सकें।डॉक्टर सरबजीत कौर प्रिंसिपल गुरु रामदास बी.एड. कॉलेज (जलालाबाद) ने भारत को श्रेष्ठ बनाने में पंजाब के योगदान के बारे में बताया उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल दस गुरुओं व पीरों, फकीरों की वाणी भारत की एकता और अखंडता का जीता जागता सबूत है। डॉक्टर मंजीत कौर प्रिंसिपल जेडी कॉलेज ऑफ एजुकेशन श्री मुक्तसर साहिब ने अपने संदेश में पंजाबी साहित्य में प्रस्तुत विभिन्न कृतियां के बारे में बताया जो कि भारत की श्रेष्ठता को बयान करती हैं। इसी कॉलेज के एक भावी अध्यापक लवकरण सिंह ने ‘प्यार तेरे नाल हो गया मैं की सुनावा बोल के’ ग़ज़ल द्वारा समा बांधा। डॉ गीतिका खुंगर डिपार्टमेंट ऑफ मैथमेटिक्स श्री गुरु नानक देव खालसा कॉलेज (दिल्ली ) ने बताया कि एक भारत श्रेष्ठ भारत का एहसास करने के लिए भारत की विभिनता को समझना तथा सराहना होगा। उनकी सुपुत्री यशिका खुंगर ने कथक प्रस्तुति द्वारा सबका



















