रविवार को गाजीपुर के गोल्डन सैंड अपार्टमेंट में रेजिडेंट्स की मीटिंग हुई। इसमें रेजिडेंट्स ने कहा कि गाजीपुर और ढकोली एरिया में आना और यहां से बाहर निकलना इस एरिया की पब्लिक के लिए सबसे बड़ा चैलेंज बना हुआ है। एक ओर ढकोली में रेल फाटक बंद होने पर यहां किलोमीटर तक ट्रैफिक जाम लग जाता है। वहीं, फाटक के आगे ओल्ड अंबाला रोड पर टी-प्वॉइंट का ट्रैफिक पूरी तरह से रुक जाता है। पुलिस थाने के सामने इस टी-प्वॉइंट पर ट्रैफिक लाइट लगाने की जरूरत है। रात के समय करीब 7 बजे दो से तीन ट्रेनें थोड़ी-थोड़ी देर के बाद चलती हैं।
इस दौरान फाटक को बंद रखा जाता है। तब ओल्ड अंबाला रोड पर ट्रैफिक जाम हो जाता है। इस टी-प्वॉइंट पर न तो ट्रैफिक लाइट्स हैं और न ही पक्के तौर पर यहां ट्रैफिक कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इसलिए लोगों को अपने ही घरों में आने के लिए आधा से एक घंटे का समय इसी फाटक और टी-प्वॉइंट के बीच में लग जाता है। पुलिस भी तब यहां ट्रैफिक कंट्रोल के लिए पहुंचती है, जब सैकड़ों की संख्या में गाड़ियां यहां लग जाती हैं।
रेल फाटक की जगह अंडरपास बनाने में लग सकते हैं 2 साल…रेलवे की ओर से अंबाला से लेकर चंडीगढ़ तक सभी रेल फाटकों की जगह अंडरपास बनाने की योजना पर काम हो रहा है। इसके लिए कई फाटकों को बंद कर उनकी जगह अंडरपास बन चुके हैं। ढकोली के रेल फाटक को भी अंडरपास में बदलने के लिए सर्वे हो चुका है। अंडरपास के लिए अलाइनमेंट और जमीन एक्वायर करने समेत इसके निर्माण में करीब दो साल का समय लग सकता है। दूसरी ओर ढकोली, गाजीपुर, किशनपुरा, नगला, मुबारकपुर, पीरमुछल्ला समेत पूरे रीजन का ट्रैफिक जब इस फाटक से गुजरता है तो रात के समय ट्रैफिक अनकंट्रोल हो जाता है। दूसरी ओर यहां पुलिस की पक्की ड्यूटी भी नहीं लगाई गई है। इसलिए लोगों की मांग है कि यहां ट्रैफिक लाइट लगाकर पक्के तौर पर ट्रैफिक कर्मचारियों या थाना पुलिस की ड्यूटी लगाई जाए।
}शाम 5 बजे से लेकर रात 9 बजे तक यहां ज्यादा परेशानी | जीरकपुर से ढकोली के लिए यह मुख्य रोड है। फाटक पर ट्रैफिक जाम लगने की वजह से कई लोग जीरकपुर से पंचकूला रोड पर आगे ग्रीन सिटी में निकलते हैं। इसके बाद रॉन्ग साइड से आगे ओल्ड अंबाला रोड की तरफ निकलते हैं। यह रास्ता भी आगे फाटक के पास टी-प्वॉइंट पर ट्रैफिक से जाम रहता है। इसलिए इस एरिया के लोगों को हर तरफ से यहां ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है। लोग जाम में घंटों तक फंसे रहते हैं। इसके चलते लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
चंडीगढ़ तक सभी रेल फाटकों की जगह अंडरपास बनाने की योजना पर काम हो रहा है। इसके लिए कई फाटकों को बंद कर उनकी जगह अंडरपास बन चुके हैं। ढकोली के रेल फाटक को भी अंडरपास में बदलने के लिए सर्वे हो चुका है। अंडरपास के लिए अलाइनमेंट और जमीन एक्वायर करने समेत इसके निर्माण में करीब दो साल का समय लग सकता है। दूसरी ओर ढकोली, गाजीपुर, किशनपुरा, नगला, मुबारकपुर, पीरमुछल्ला समेत पूरे रीजन का ट्रैफिक जब इस फाटक से गुजरता है तो रात के समय ट्रैफिक अनकंट्रोल हो जाता है। दूसरी ओर यहां पुलिस की पक्की ड्यूटी भी नहीं लगाई गई है। इसलिए लोगों की मांग है कि यहां ट्रैफिक लाइट लगाकर पक्के तौर पर ट्रैफिक कर्मचारियों या थाना पुलिस की ड्यूटी लगाई जाए।
शहर के मेन रोड पर ट्रैफिक पुलिस तैनात रहती है। अंदर की सड़कों पर अभी ट्रैफिक पुलिस तैनात नहीं कर सकते, क्योंकि मेन हाईवे पर ही ट्रैफिक संभालना चैलेंज है। यहां थाने की पुलिस लोगों की मदद के लिए तैनात रहती है।
-संजीव कुमार, ट्रैफिक इंचार्ज, जीरकपुर


























