- दो कोरोना पेशेंट मिलने के बाद सील किए ममीदी निवासी युवती की खारवन निवासी युवक से हुई शादी, युवती का भाई नहीं हो पाया शादी में शामिल
- तीन माह पहले से तय थी शादी, मोनिका के ससुराल वाले चाहते थे कि शादी तय तारीख में ही हो, प्रशासन ने दी थी परमिशन
दैनिक भास्कर
Apr 18, 2020, 06:12 AM IST
यमुनानगर. कोरोना की महामारी के बीच हुए लॉक डाउन में रस्में और रिवाज बदल गए। शादी हो या फिर खुशी का अन्य मौका। इजहार के तरीके भी बदल गए। ऐसा ही देखने को मिला गांव ममीदी में मोनिका की शादी में। इस गांव में दो कोरोना पेशेंट (अब ठीक हो चुके) मिलने के बाद पूरे एरिया को सील कर दिया गया। मोनिका की शादी खारवन निवासी से 17 अप्रैल को तीन माह पहले से तय थी। मोनिका के ससुराल वाले चाहते थे कि शादी तय तारीख में ही हो।
हुआ भी वही। प्रशासन ने एरिया सील होते हुए भी शादी की परमिशन दी और शुक्रवार को मोनिका की शादी वहीं पर हुई। गांव से लगती जम्मू कॉलोनी के कम्यूनिटी हाॅल में शादी हुई। दो घंटे में ही शादी की सभी रस्में अदा कर दी गई। इस शादी में रिश्तेदारों का आना तो दूर, परिवार के सभी सदस्य भी शामिल नहीं हो पाए। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में शादी हुई। इस दौरान दूल्हा-दुल्हन से लेकर फेरे कराने पहुंचे पंडित और अन्य ने मास्क लगाया हुआ था।
प्रशासन ने परमिशन दिलाने में एरिया पार्षद निर्मल चौहान ने अहम भूमिका निभाई। वे शादी के दौरान मौके पर ही रही। दुल्हन का भाई भी मौके पर नहीं आ पाया| यह शादी ऐसी थी कि दुल्हन का भाई भी मौके पर नहीं आ पाया। हालांकि वह कहीं शहर से बाहर नहीं था। वह घर पर ही था, लेकिन जहां पर फेरे होने थे वहां पर ज्यादा लोगों के पहुंचने की मनाही थी। इस पर दुल्हन का भाई नहीं आया। जब डोली वाली कार चलने लगी तो भाई अपनी बहन को देखने के लिए सड़क पर ही मिला।
हर शादी इस तरह से बिना खर्च व दिखावे के होनी चाहिए
दूल्हा-दुल्हन ने इस दौरान कहा कि एक तरह से लॉक डाउन में हो रही शादियां ठीक भी हैं। लड़का और लड़की के परिवार को शादी पर काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। हर शादी ऐसे ही बिना ज्यादा खर्च व दिखावे के हाेनी चाहिए।



















