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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद ने पानी की दरों में की गई बढ़ोतरी को 31 मार्च 2022 तक स्थगित किए जाने का स्वागत किया व शहर वासियों के लिए अन्य आर्थिक राहतो की भी मांग की

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चंडीगढ़ 25 मई ।
भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने प्रशासक द्वारा पानी की बढ़ी हुई दरों को 31मार्च 2022 तक लागू न किए जाने के फैसले का स्वागत किया है तथा इसे भारतीय जनता पार्टी के प्रयासों से लोगों के हितों में लिया गया एक सराहनीय फैसला बताया है ।साथ ही साथ करोना महामारी के चलते शहर वासियों के लिए अन्य आर्थिक राहतो की भी मांग की है ।
आज यहां जारी एक बयान में अरुण सूद ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा शहरवासियों की भलाई के लिए काम करती है तथा इसी कड़ी में पानी की बढ़ी हुई दरों पर रोक लगवाने में कामयाब रही है। अरुण सूद ने बताया कि दिसंबर 2019 में जब पानी के रेट बढ़ाने का एजेंडा नगर निगम हाउस में आया तो कांग्रेसी पार्षद उस पर पर बहस करने की बजाय अपनी जिम्मेवारी से भाग गए । उसके बाद फरवरी 2020 में भाजपा पार्षदों द्वारा ही हाउस में इस एजेंडे को रिव्यू किया गया तथा बढ़ी हुई दरों में कटौती करने का एजेंडा पास करके प्रशासन को भेजा गया तत्पश्चात को कोविड की वजह से इस मामले में फैसला नहीं लिया जा सका। लेकिन भारतीय जनता पार्टी लगातार इस मामले में प्रशासन पर फैसला लेने का दबाव बनाए हुए थी तथा भाजपा नेताओं ने समय-समय पर प्रशासक व सलाहकार से मिलकर यह मामला उठाया। अंततः प्रशासक ने इस मामले पर राहत दी है जिससे पूरे शहर में खुशी की लहर है ।
अरुण सूद ने मांग की है कि पानी बिलों में बढ़ोतरी पर लगाई गई रोक के लिए 31मार्च 2022 की तारीख फिक्स ना की जाए बल्कि इस रोक को जब तक कोविड का मामला पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाता तब तक रोक लगाई जानी चाहिए । इसके अलावा जिन लोगों ने पानी की बढ़ी हुई दरों के हिसाब से बिल जमा करवाया दिए हैं उनके पैसे आने वाले बिलो में एडजस्ट किये जाए । तथा सीवरेज सेस चार्जेस भी 30 % से घटाकर 5% किया जाना चाहिए ।
अरुण सूद ने यह भी मांग की है कि केंद्र सरकार की राहत की नीतियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को भी बिजली के बिलों, सरकारी दुकानों के किराए, प्रोपर्टी टैक्स, लीज मनी , ब्याज आदि सभी प्रकार की सरकारी देनदारियों में राहत दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासक की अध्यक्षता में सोमवार को हुई वार रूम की बैठक में शहर वासियों को आर्थिक राहत देने बारे अलग से विचार कर फैसला लिए जाने का प्रस्ताव आया है उसके अनुसार अब अलग से बैठक करके शहर वासियों को आर्थिक राहत भी दी जानी चाहिए।