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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

बंगाल में हुई राजनीतिक हिंसा की सीबीआई जांच कराई जाए और दोषियों की गिरफ्तारी कर उन्हें जेल में डाला जाए, साथ ही हम बंगाल की सरकार को भंग कर राष्ट्रपति शासन लगाने: कटारिया

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पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए हिंसक हमलों के विरोध में आज भाजपा पंचकूला ने विरोध प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जताया

प्रदर्शन के दौरान COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया

पंचकुला 05 मई: पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए हिंसक हमलों के विरोध में आज भाजपा पंचकूला ने विरोध प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जताया।जिला अध्यक्ष अजय शर्मा के नेतृत्व में किए गए विरोध प्रदर्शन में केंद्रीय राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया, पंचकूला के महापौर कुलभूषण गोयल, ज़िला महामंत्री वरेंद्र राणा, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, पूर्व जिला अध्यक्ष दीपक शर्मा के साथ वरिष्ठ कार्यकर्ता श्याम लाल बंसल मौजूद रहे। केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर देशभर में आज टीएमसी के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के चलते पंचकुला में बेला विस्टा चौराहा सेक्टर-2 पर प्रदर्शन किया गया। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश अनुसार विरोध प्रदर्शन के दौरान COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया।
केंद्रीय जल शक्ति एवं सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्यमंत्री रतन लाल कटारिया ने इस मौक़े पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा की बंगाल में हुई राजनीतिक हिंसा का मंजर बिल्कुल उसी प्रकार का है, जैसा भारत विभाजन के समय हुआ था l उन्होंने कहा कि चुनाव के पश्चात हुई हिसंक घटनाओं में भाजपा के 16 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई और अनेकों घायल हैं l
कटारिया ने कहा यह घटनाएं दर्शाती हैं की ममता बनर्जी को लगता है कि उनकी जमीन खिसक चुकी है, हिंसा की घटना यह भी दिखाती है कि राज्य में कानून व्यवस्था खत्म हो चुकी है और अराजकता और असहिष्णुता कायम है l उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी राजनीतिक बहस की जरूरत नहीं है, जिस तरह से ममता सरकार काम कर रही है वह भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत है और साफ तौर पर दिखाती है कि असहिष्णुता का दूसरा नाम ममता सरकार है। हमारे ख़िलाफ़ यह जो हरकते हुई हैं ऐसी हजार हरकतें हो फिर भी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं, हम बंगाल के हर क्षेत्र में जाएंगे और अपने विचार रखेंगे l मैं भाजपा कार्यकर्ताओं को सलूट करता हूं कि किस तरह से आज उनको पीटा गया, मारा गया और उनके आशियानो को आग लगा दी गई, लेकिन हमारा एक-एक कार्यकर्ता लड़ने को तैयार है l भाजपा का कार्यकर्ता बंगाल में फिर से प्रजातंत्र की बहाली के लिए काम करेगा l
कटारिया ने कहा पिछले साल भी भाजपा के 130 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई थी, मुझे याद है 10 दिसंबर 2020 को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रवास के दौरान उनके काफिले पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और उनके गुंडों ने हमले किए थे l भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवम् पश्चिम बंगाल के प्रभारी श्री कैलाश विजयवर्गीय की गाड़ी पर पत्थरों से हमले किए गए थे l इन सब घटनाओं को देखकर लगता है की ममता बनर्जी का रिमोट कंट्रोल अब कहीं और है l माटी और बेटी की बात करने के नाम पर उन्होंने बंगाल का कण-कण, तिनका¬तिनका बिचौलियों, बलात्कारियो, गुंडों, कालाबाजारी करने वालों और सिंडीकेट के हवाले कर दिया है, जो पश्चिम बंगाल की मूल सोच के विरुद्ध है और पश्चिम बंगाल की परंपरा के विरुद्ध है l
भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के मूल में ही बंगाली चिंतन है-
भारतीय जनता पार्टी वह पार्टी है जिसकी स्थापना की प्रेरणा बंगाल के महान सपूत डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी हैं,
भाजपा वह पार्टी है जिसके विचारों में बंगाल की महक है,
भाजपा वह पार्टी है जिसके डीएनए में बंगाल का सूत्र है,
भाजपा वह पार्टी है जिस पर बंगाल का अधिकार है,
भाजपा वह पार्टी जिस पर बंगाल का कर्ज है,
भारतीय जनता पार्टी यह कर्ज कभी चुका नहीं सकती लेकिन बंगाल की माटी का तिलक लगाकर उसे विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाना चाहती है l
कटारिया ने कहा हम मांग करते हैं कि बंगाल में हुई राजनीतिक हिंसा की सीबीआई जांच कराई जाए और दोषी लोगों की गिरफ्तारी कर उन्हें जेल में डाला जाए, साथ ही हम बंगाल की सरकार को भंग कर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करते हैं और मानवाधिकार आयोग से भी मांग करते हैं कि वह इन सब घटनाओं का संज्ञान लें l