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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

नियमों के खिलाफ प्राइवेट स्कूल मांग रहे फीस

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  • आईएसए ने प्रशासक बदनोर को लिखा लेटर, कहा- फीस न लेने का फैसला वापस लें

दैनिक भास्कर

Apr 14, 2020, 05:00 AM IST

चंडीगढ़. यूटी एजुकेशन डिपार्टमेंट के नोटिस देने के बाद भी शहर के प्राइवेट स्कूल फीस लेने से पीछे नहीं हट रहे। शहर के 3 स्कूलों ने पेरेंट्स को फीस जमा करवाने की ऑप्शन दे रखी है। यही नहीं फीस जमा करने की आखिरी तारीख तक घोषित कर दी गई है। इन स्कूलों में शामिल हैं सेंट स्टीफंस स्कूल सेक्टर-45, न्यू पब्लिक स्कूल सेक्टर-18 और विवेक हाई स्कूल सेक्टर-38। सेंट स्टीफंस ने 15 मई फीस जमा करवाने की आखिरी तारीख रखी है। 
पेरेंट्स को यह मैसेज भेजा जा चुका है। स्कूल ने तीन महीने की फीस मांगी है जो कि नियमों के हिसाब से पूरी तरह गलत है। न्यू पब्लिक स्कूल सेक्टर-18 ने फीस जमा करवाने की आखिरी तारीख 31 मई रखी है। स्कूल ने 1 अप्रैल से 15 मई तक गर्मियों की छुट्टियां घोषित की हैं। ऐसे में स्कूल का कहना है कि छुटिट्यों के दौरान पेरेंट्स को फीस जमा करवाने के लिए नहीं कहा गया, लेकिन सवाल यह है कि 31 मई आखिरी तारीख नहीं रखी जा सकती। विवेक स्कूल सेक्टर 38 ने अपने सर्कुलर में यह माना है कि स्कूल खुलने के बाद एक महीने तक फीस जमा करवा सकते हैं। इसके साथ ही यह भी लिखा है कि जो पेरेंट्स आज के समय में फीस जमा करवाना चाहते हैं उन्हें 5 परसेंट का डिस्काउंट दिया जाएगा।

फीस नहीं मिली तो मई में टीचर्स की सैलरी नहीं दे पाएंगे

शहर के प्राइवेट स्कूलों की इंडिपेंडेंट स्कूल्स एसोसिएशन (आईएसए) की ओर से प्रशासक वीपी सिंह बदनोर को लेटर लिखा गया है। लेटर में कहा गया है कि चंडीगढ़ प्रशासन अपने ऑर्डर को वापस ले जिसमें कहा गया है कि जब तक स्कूल बंद रहेंगे तब तक पेरेंट्स को फीस नहीं देनी है और स्कूल खुलने के बाद 30 दिन के फीस जमा करवानी है। यह फीस 1 अप्रैल से ही लागू होगी। एसोसिएशन के प्रेसिडेंट एचएस मामिक की ओर से लिखे गए इस लेटर में कहा गया है कि स्कूल एक नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन हैं और फीस ही एकमात्र जरिया है जिसके तहत उनके पास कोई पैसा आता है।

ऐसे में अगर अप्रैल के महीने की फीस नहीं आएगी तो मई में टीचर्स को जो सैलरी दी जानी है वह देनी मुमकिन नहीं होगी। इसके अलावा क्लास फोर की सैलरी भी नहीं दी जा सकेगी। ऐसे में एजुकेशन डिपार्टमेंट वह सभी ड्यूज क्लियर करे जो उनके पास पेंडिंग हैं। जिनमें कि ईकोनॉमिकली वीकर सेक्शन के तहत दी जानी वाली एडमिशन की रीइंबर्समेंट शामिल है। इसके अलावा बस कॉन्ट्रैक्टर्स को भी यह परमिशन दी जाए कि वह 50 परसेंट फीस ले सकें।

यह हैं नियम

नियम के मुताबिक कोरोना वायरस के चलते शहर का कोई प्राइवेट स्कूल अपने स्टूडेंट्स से फीस नहीं मांग सकता। जब यह स्कूल खुल जाएंगे तो उसके 30 दिनों के अंदर फीस जमा करवानी होगी। अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि स्कूल कब खुलेंगे तो फिर कैसे फीस जमा करवाने की आखिरी तारीख तय हो सकती है।