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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

ऑस्ट्रेलिया में सभी ने अपनी काबिलियत साबित की

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खेल डेस्क. महेंद्र सिंह धोनी ने क्रिकेट की बुलंदियों से उतरकर जिस तरह प्रतिष्ठा हासिल की है, वह एक उल्लेखनीय कहानी है, जिसे लगातार याद किया जाएगा। और उनके संन्यास के बाद आगे आने वाली पीढ़ियों को यह कहानी सुनाई जाएगी। हालांकि, यह भविष्य की बात है। वर्तमान में वनडे सीरीज में उन्होंने अपने प्रदर्शन से न केवल आलोचकों को हैरानी में डाल दिया, बल्कि वर्ल्ड कप के लिए टीम में अपनी जगह पक्की कर ली। सच कहूं, तो धोनी की बल्लेबाजी में कुछ भी रहस्यपूर्ण नहीं है।

शुरू के कुछ सालों को छोड़ दिया जाए तो वे कभी भी धमाकेदार बल्लेबाज नहीं रहे। वे तो टीम को आकार देने और जिताना ज्यादा पसंद करते हैं। वे अभी भी भारतीय टीम के सबसे अच्छे विकेटकीपर के अलावा बेस्ट रन चेजर हैं। कार्तिक, जाधव और ऋषभ पंत (जो मेरी वर्ल्ड कप टीम में निश्चित ही जगह बनाएंगे), जो फिनिशर की भूमिका में बढ़ रहे हैं। लेकिन, धोनी अभी भी बेस्ट मैच फिनिशर हैं।

सिराज और खलील में से एक वर्ल्डकप खेल सकता है
यह जीत कई अन्य खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के कारण भी हुई। रोहित, कोहली, कार्तिक, जाधव की बल्लेबाजी और भुवनेश्वर, शमी, चहल की गेंदबाजी टॉप क्लास थी। मोहम्मद सिराज और खलील अहमद में से कोई एक तो वर्ल्ड कप की टीम में जगह बना सकता है। दौरे पर एकमात्र निराशा अंबाती रायडू के रूप में थी। उनके पास न्यूजीलैंड दौरे पर खुद को साबित करने का मौका है।

कोहली ने सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज का अपना कद बढ़ाया
पुजारा ने बड़ा स्कोर करने की क्षमता को फिर हासिल कर लिया। बुमराह सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाज के रूप में उभरे। कोहली ने अपना सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज का कद और बढ़ा लिया। कुलदीप ने साबित किया कि उन्हें टेस्ट टीम में नियमित गेंदबाज के रूप में शामिल किया जा सकता है। टेस्ट और वनडे में जीत जबकि टी20 सीरीज में ड्रॉ ने दिखा दिया कि भारत के पास कितने सारे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। कुलदीप टेस्ट में बतौर स्पिनर पहली पसंद नहीं थे। लेकिन मौका मिलते ही उन्होंने इसे भुनाया।

भुवनेश्वर ने वनडे में अपनी काबिलियत दिखाई
भुवनेश्वर को टेस्ट में जगह नहीं मिली तो उन्होंने वनडे में काबिलियत दिखाई। चहल और जाधव को आखिरी मैच में मौका मिला तो उन्होंने खुद को साबित किया। इस दौरे पर पंड्या और राहुल के रूप में एकमात्र ऑफ-फील्ड विवाद रहा। दोनों वर्ल्ड कप टीम के लिए दावेदार हैं। वर्ल्ड कप से पहले भारत को अभी 10 मैच खेलने हैं। इन दोनों की अनुपस्थिति से सिलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट की वर्ल्ड कप की रणनीति पर असर पड़ सकता है।

पंड्या-राहुल को कड़ी फटकार के बाद मामले को बंद करना चाहिए
पंड्या ने करण जौहर के शो पर जो कुछ भी कहा, वह पिछले कुछ हफ्तों से बहस का मुद्दा बना हुआ है। मेरा मानना है कि दोनों को कड़ी फटकार लगाकर इस मामले को जल्द से जल्द बंद कर देना चाहिए। दोनों ने माफी मांग ली है। वनडे सीरीज से बाहर कर इन्हें सजा भी दे दी गई है। मेरे हिसाब से सीओए को इस मामले को जल्द निपटा लेना चाहिए।

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