चंडीगढ़, 3 जनवरी
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार ने ऐसा कार्य किया है, जो इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाएगा। भाजपा सरकार ने जो तीनों काले कानून बनाए हैं यह काले पन्नों में दर्ज होंगे। 50 से ज्यादा किसान इस आंदोलन में अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। भाजपा सरकार अहंकार में चूर है। इतिहास बताता है कि अहंकार का हमेशा अंत होता है। समय के साथ बड़े-बड़े शासकों को झुकाया गया है। बड़े बड़े शासकों को जमीन पर आना पड़ा है।
यह बातें हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने पलवल के गांव अटोहा में चल रहे किसान आंदोलन में किसानों को संबोधित करते हुए कहीं। कुमारी सैलजा रविवार को पलवल में किसान आंदोलन को अपना समर्थन देने पहुंची थीं। इसके उपरांत कुमारी सैलजा ने पलवल के विश्राम गृह में एक पत्रकार वार्ता को भी संबोधित किया।
कुमारी सैलजा ने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार बातचीत का ढोंग करती है और दूसरी तरफ कहती है कि हम झुकेंगे नहीं। लोकतंत्र में सरकार जो कह रही है कि हम झुकेंगे नहीं, यह अहंकार है। लोकतंत्र में जनता के सामने झुकना पड़ता है। झुकने में बड़प्पन है और ना झुकने में अहंकार है। भाजपा सरकार द्वारा लाए गए कृषि विरोधी काले कानूनों से कृषि क्षेत्र पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। आज हमारा किसान और मजदूर खतरे में है। किसान और मजदूर खतरे में होगा तो देश तरक्की नहीं कर सकता है। देश का किसान और मजदूर यह बखूबी जानता है कि यह सरकार उसे पूजीपतियों के हाथों बेच रही है। सरकार को किसान और मजदूर की पीड़ा दिखाई नहीं दे रही है। उनका दर्द नहीं दिखाई नहीं दे रहा है। सरकार को सिर्फ अपने कुछ साथी पूंजीपति दिखाई दे रहे हैं। सरकार सिर्फ पूंजीपतियों का फायदा पहुंचाना चाहती है। कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी जी ने बहुत पहले ही देश को आगाह किया था कि यह सरकार पूंजीपतियों की सरकार है। इस सरकार का मकसद सिर्फ पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाना है। आज वह बात लगातार साबित हो रही हैं। आज देशवासी सरकार के इस षड्यंत्र को समझ चुके हैं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि 50 से ज्यादा किसान इस आंदोलन में अपनी जान गवां चुके हैं। लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। भीषण ठंड के साथ बारिश के बीच भी पलवल में हजारों की संख्या में किसान मजबूती से डटे हुए हैं। किसानों पर तरह-तरह के अत्याचार इस सरकार के द्वारा किए गए, लेकिन किसानों ने अपना संयम नहीं खोया। किसानों का यह संघर्ष व्यर्थ नहीं जाएगा। सरकार को किसानों के सामने झुकना ही होगा। सरकार को यह काले कानून निरस्त करने ही होंगे और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का कानून बनाना ही होगा।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय में भी किसान और मजदूर अपनी आवाज उठाते थे। उस वक्त कांग्रेस सरकार सभी की आवाज सुनती थी और समाधान करती थी। न्यूनतम समर्थन मूल्य कांग्रेस पार्टी ने ही दिया था। मुख्य विपक्षी पार्टी होने के नाते कांग्रेस पार्टी का कर्तव्य बनता है कि वह सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाए। कांग्रेस पार्टी सरकार के इन कृषि विरोधी काले कानूनों के खिलाफ हर स्तर पर लड़ाई लड़ रही है। कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई में किसान और मजदूरों के साथ मजबूती से खड़ी है। कांग्रेस पार्टी का एक-एक सदस्य किसानों के साथ है।
इस दौरान उनके साथ विधायक नीरज शर्मा, पूर्व सीपीएस रामकिशन गुर्जर, पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल, पूर्व विधायक उदयभान, पूर्व विधायक रघुवीर सिंह तेवतिया, कांग्रेस नेता विजय प्रताप सिंह, पंडित योगेश गौड़, हरियाणा कांग्रेस प्रवक्ता सुमित गौड़, योगेश ढींगड़ा, हरियाणा कांग्रेस कोऑर्डिनेटर गौरव ढींगडा, किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राकेश भड़ाना, पार्टी नेता सत्यवीर डागर, मोहम्मद बिलाल, वरुण तेवतिया, पलवल महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सविता चौधरी, कांग्रेस नेता राजन ओझा, हेतराम पहलवान, राजेंद्र नंबरदार, उदय सौरोत, मेजर नंबरदार ,डॉ सौरभ शर्मा, अनीश पाल, संजय सोलंकी, अशोक रावल, हरि सिंह रावत, राकेश तंवर, दीपक कपूर, नितिन पटवारी, समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।





















