चंडीगढ़ । देश के बेहतरीन स्वास्थ्य संस्थानों में शुमार पीजीआइ चंडीगढ़ पर मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, इसके मुकाबले सुविधाएं नहीं बढ़ रहीं। बेड, डॉक्टर और वेंटिलेटर की संख्या उतनी ही है। ठंड में अक्सर मरीजों को इमरजेंसी के बाहर सोते देखा जा सकता है। पिछले एक साल की तुलना में ही हर माह करीब 17500 मरीज बढ़े हैं।
साल 2016 में 12 महीने में कुल 2515466 मरीज आए और मरीजों का मासिक औसत 209622 था, तो साल 2017 में 14 सितंबर तक 1930555 मरीज आए हैं। इस साल का मासिक औसत 227124 मरीज रहा। अगर अंतर निकालें तो हर महीने 17502 मरीज पिछले साल की तुलना में बढ़े हैं। पीजीआइ पर पड़ोसी राज्यों के मरीजों का दबाव लगातार भारी पड़ रहा है।
अकेले पंजाब से करीब 10 लाख मरीज हर साल आते हैं, तो इस मामले में हरियाणा दूसरे स्थान पर है। ऐसे में सुविधाएं भी बढ़ना जरूरी हैं ताकि बेहतर इलाज मिल सके। दूसरी तरफ कई बड़े प्रोजेक्ट लटके हुए हैं। कुछ प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जिनको संबंधित मंत्रालय द्वारा अप्रूव कर दिया गया है, लेकिन काम ही शुरू नहीं हो रहा है। प्रोजेक्ट कागजी कार्रवाई के चक्कर में लटक गए हैं।




















