Mirror 365 - NEWS THAT MATTERS

Dear Friends, Mirror365 launches new logo animation for its web identity. Please view, LIKE and share. Best Regards www.mirror365.com

Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

मानसून से पहले जीएमडीए की सख्ती: दो लापरवाह एजेंसियों पर कार्रवाई, जलभराव रोकने के लिए सीईओ जीएमडीए पी सी मीणा ने तय की समयसीमा

0
13

 

* बसई फ्लाईओवर के नीचे डी-सिल्टिंग कार्य में लापरवाही पर एजेंसी के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई के निर्देश।*
* सेक्टर-17 एयरफोर्स स्टेशन के सामने लंबित ड्रेन परियोजना में देरी पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश।
* शेष ड्रेन कार्य किसी अन्य सक्षम एजेंसी से जल्द पूरा कराने के निर्देश।*
* सेक्टर-4, 7, 9 और लक्ष्मण विहार क्षेत्र में जलभराव से राहत के लिए रेलवे लाइन के साथ बन रही कच्ची ड्रेन 20 जून तक पूरी करने की समयसीमा तय।*
* सीआरपीएफ चौक, सीतला माता रोड और पालम विहार रोड पर मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा।*
* प्रमुख जलभराव संभावित स्थलों पर विशेष निगरानी और सुधारात्मक कार्यों के निर्देश।*
* अतिरिक्त पंपिंग व्यवस्था सुनिश्चित कर जलनिकासी क्षमता बढ़ाने पर जोर।*
* मानसून से पहले सभी महत्वपूर्ण ड्रेनेज कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश।
* जनहित के कार्यों में लापरवाही और देरी के प्रति जीएमडीए की जीरो टॉलरेंस नीति।
* सीईओ जीएमडीए द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में लगातार फील्ड निरीक्षण और मॉनिटरिंग जारी।

गुरुग्राम, 04 जून। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी. सी. मीणा ने आज शहर के विभिन्न जलभराव संभावित स्थलों, ड्रेनेज नेटवर्क तथा चल रहे डी-सिल्टिंग एवं जलनिकासी कार्यों का निरीक्षण कर मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं कार्यकारी एजेंसियों को सभी आवश्यक कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने तथा जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान बसई फ्लाईओवर के नीचे किए जा रहे डी-सिल्टिंग कार्यों की समीक्षा के समय यह पाया गया कि संबंधित एजेंसी द्वारा ड्रेन से निकाली गई सिल्ट एवं मिट्टी को निर्धारित स्थल पर ले जाने के बजाय ड्रेन के किनारे ही छोड़ दिया गया था। सीईओ ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कहा कि इससे पुनः सिल्ट ड्रेन में जमा होकर जलनिकासी क्षमता प्रभावित हो सकती है। इस पर उन्होंने संबंधित एजेंसी के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।

सेक्टर-17 स्थित एयरफोर्स स्टेशन के सामने निर्माणाधीन ड्रेन कार्य के निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि संबंधित एजेंसी द्वारा कार्य को लंबे समय से लंबित रखा गया है। परियोजना में अनावश्यक देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए सीईओ ने संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने तथा शेष कार्य को किसी अन्य सक्षम एजेंसी के माध्यम से शीघ्र पूरा कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त, सीईओ जीएमडीए ने सेक्टर-4, सेक्टर-7, सेक्टर-9 एवं लक्ष्मण विहार क्षेत्र का निरीक्षण कर जलनिकासी व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेलवे लाइन के समानांतर विकसित की जा रही कच्ची ड्रेन का कार्य 20 जून तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इस ड्रेन के पूर्ण होने से इन क्षेत्रों से वर्षा जल की निकासी में सुधार होगा तथा सेक्टर-4, सेक्टर-7, सेक्टर-9 और लक्ष्मण विहार में जलभराव की समस्या से प्रभावी राहत मिलेगी।

सीईओ जीएमडीए ने सीआरपीएफ चौक, सीतला माता रोड तथा पालम विहार रोड का भी निरीक्षण कर मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में जलभराव संभावित बिंदुओं की पहचान कर सभी आवश्यक सुधारात्मक कार्य समय रहते पूरे किए जाएं। साथ ही ड्रेनेज नेटवर्क, वर्षा जल निकासी व्यवस्था एवं पंपिंग व्यवस्थाओं को पूरी तरह कार्यशील रखने के निर्देश दिए, ताकि मानसून के दौरान यातायात बाधित न हो और नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

निरीक्षण के दौरान विभिन्न पंपिंग व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त पंपों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग एवं एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

श्री पी. सी. मीणा ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक देरी अथवा गुणवत्ता में कमी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड स्तर पर नियमित निगरानी बनाए रखने तथा सभी ड्रेनेज एवं जलनिकासी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जीएमडीए द्वारा शहर के प्रमुख जलभराव संभावित स्थलों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और मानसून के दौरान नागरिकों को अधिकतम राहत प्रदान करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।