चंडीगढ़: नॉर्थ इंडिया टूरिज्म एक्सपो एंड कॉन्क्लेव (एनआईटीसी) 2026 के पहले संस्करण का आज चंडीगढ़ में भव्य शुभारंभ हुआ। इस आयोजन ने उत्तर भारत के पर्यटन बोर्डों, ट्रैवल एसोसिएशनों, हॉस्पिटैलिटी ब्रांड्स, इवेंट प्रोफेशनल्स, टूर ऑपरेटर्स, एमआईसीई (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस एवं एग्जीबिशन) योजनाकारों, ट्रैवल एजेंट्स और पर्यटन उद्योग से जुड़े अन्य हितधारकों को एक साझा मंच पर एकत्रित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्रीय पर्यटन सहयोग को मजबूत करना और नए व्यावसायिक अवसरों को बढ़ावा देना है।
आईसीएम ग्रुप द्वारा आयोजित इस एक्सपो और कॉन्क्लेव का लक्ष्य उत्तर भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के पर्यटन को प्रोत्साहित करना है। साथ ही यह आयोजन ट्रैवल एवं टूरिज्म उद्योग से जुड़े लोगों के लिए नेटवर्किंग और व्यापारिक संभावनाओं को बढ़ाने का अवसर भी प्रदान कर रहा है।
कॉन्क्लेव की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन समारोह के साथ हुई, जिसमें पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियों और उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। समारोह में मुख्य रूप से भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त महानिदेशक एवं क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर) अरुण श्रीवास्तव, लेफ्टिनेंट जनरल कमलजीत सिंह (पीवीएसएम, एवीएसएम एवं बार), चैंबर फॉर सर्विस इंडस्ट्री के महानिदेशक मेजर डॉ. गुलशन शर्मा, एडीटीओआई के पूर्व अध्यक्ष एवं जीएईएचपी के सलाहकार पी.पी. खन्ना, इंडिया गोल्फ टूरिज्म एसोसिएशन के अध्यक्ष राजन सहगल, ग्लोबल एसोसिएशन ऑफ इवेंट्स एंड हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल्स (जीएईएचपी) के अध्यक्ष राजेश आर्य, इंडिया वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के चेयरमैन नीरज धवन, दिल्ली पर्यटन विभाग के पूर्व अधिकारी सुधीर सोबती, टीएएआई पंजाब चैप्टर के चेयरमैन हरराज सिंह सिद्धू, टीएसीटी के अध्यक्ष विनोद शर्मा, एडीटीओआई हरियाणा चैप्टर के चेयरमैन गुलशन बंगा तथा विभिन्न राज्य पर्यटन बोर्डों के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।आईसीएम ग्रुप के प्रबंध निदेशक श्री अजय गुप्ता ने अपने संबोधन में पर्यटन क्षेत्र के सहयोगात्मक विकास, बेहतर कनेक्टिविटी, प्रभावी डेस्टिनेशन मार्केटिंग, सतत पर्यटन (सस्टेनेबल टूरिज्म) को बढ़ावा देने तथा भारत की पर्यटन विकास गाथा में उत्तर भारत की बढ़ती भूमिका के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में पर्यटन उत्पादों, प्रमुख पर्यटन स्थलों, होटलों, डेस्टिनेशन मैनेजमेंट कंपनियों (डीएमसी), पर्यटन बोर्डों और ट्रैवल सेवा प्रदाताओं की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। इसके साथ ही ज्ञानवर्धक सत्र, नेटवर्किंग अवसर और व्यावसायिक बैठकें आयोजित की गईं, जिनका उद्देश्य यात्रा एवं आतिथ्य क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों के बीच साझेदारी और सहयोग को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर विभिन्न पर्यटन एवं ट्रैवल संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि उत्तर भारत को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप), क्षेत्रीय सहयोग और नवाचार आधारित पर्यटन प्रचार रणनीतियों को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है।

नॉर्थ इंडिया टूरिज्म एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2026 एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है, जहां पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारक अपने विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं, नए व्यावसायिक अवसरों की तलाश कर सकते हैं, उद्योग के उभरते रुझानों पर चर्चा कर सकते हैं तथा क्षेत्र में पर्यटन के भविष्य को आकार देने में योगदान दे सकते हैं।
एक दिवसीय इस कॉन्क्लेव में बड़ी संख्या में ट्रैवल ट्रेड पेशेवरों, हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के विशेषज्ञों, इवेंट आयोजकों, डेस्टिनेशन मार्केटिंग विशेषज्ञों और पर्यटन नीति निर्माताओं के शामिल होने की उम्मीद है। यह आयोजन उत्तर भारत में पर्यटन और व्यावसायिक आयोजनों के प्रमुख केंद्र के रूप में चंडीगढ़ की बढ़ती अहमियत को भी रेखांकित करता है।




























