चण्डीगढ़ : भारत विकास परिषद (भाविप), चंडीगढ़ द्वारा टैगोर थिएटर में आयोजित साक्षरता 2026 के दौरान लगभग 450 जरूरतमंद और मेधावी छात्रों को शैक्षिक सहायता प्रदान की गई। इस कार्यक्रम मे चंडीगढ़ के 70 स्कूलों के लाभार्थियों को स्कूल बैग, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म और जूते दिए गए। गुलाब चंद कटारिया, पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे और उन्होंने लाभार्थियों को सहायता वितरित की। अपने संबोधन में प्रशासक ने शैक्षिक नींव को मजबूत करने और मूल्यों को विकसित करने में भारत विकास परिषद के प्रयासों की सराहा व विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप देश के आने वाले भविष्य हो। शिक्षा के जरिए देश की पूरी दिशा बदली जा सकती है, इसलिए शिक्षा ग्रहण करता अति आवश्यक है। बीता हुआ पल और अवसर जीवन में दोबारा कभी नहीं लौटते इसीलिए वर्तमान का सदुपयोग और समय की कद्र ही सफलता की असली कुंजी है। ज्ञान एक ऐसी पूंजी है जो बांटने से हमेशा बढ़ती है। गुरु ही किसी भी व्यक्ति के जीवन मे ज्ञान, संस्कार, और सही दिशा प्रदान करता है। उन्होंने सरकारी स्कूलों को और अधिक सशक्त बनाने, छात्रों की सहभागिता बढ़ाने और व्यवस्था को सुदृढ़ करके शिक्षा में और अधिक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान पर भी जोर दिया। इससे पूर्व परिषद के नैश्नल चेयरमैन (सेवा) अजय दत्ता ने मुख्य अतिथि और अतिथियों का स्वागत करते हुये परिषद् की गतिविधियों से अवगत करवायाा। भारत विकास परिषद चंडीगढ़ प्रांत के अध्यक्ष एम. के. विरमानी ने स्वागत भाषण दिया।
इससे पहले, भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठनात्मक सचिव सुरेश जैन ने छात्रों को ज्ञान निर्माण के लिए प्रयास करने हेतु प्रोत्साहित किया। उन्होंने पिछली परीक्षा में 90% से अधिक अंक प्राप्त छात्रों को बधाई दी और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।


साक्षरता मिशन के निदेशक अशोक कुमार गोयल ने बताया कि यह परियोजना 1987 में जरूरतमंद और मेधावी बच्चों की सहायता के लिए शुरू की गई थी ताकि आर्थिक तंगी के कारण छात्रों को अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़ें। इस सत्र से, चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा इस समारोह में विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकें निशुल्क उपलब्ध कराई गईं व भारत विकास परिषद ने लाभार्थी विद्यार्थियों को दी जाने वाली सहायता में संशोधन किया और प्रतियोगिता व सहायता पुस्तकें एवं प्रति वर्ष 5,000 रूपये की छात्रवृत्ति प्रदान की। कक्षा 11 विद्यार्थियों को आर्थिक मानदंडों को पूरा करने और व्यक्तित्व विकास कक्षाओं में भाग लेने के परियोजना में शामिल किया जाएगा।
भारत विकास परिषद चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव अनिल कौशल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों की भूमिका की सराहना की एवं गणमान्य व्यक्तियो और दानदाताओं का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम मे परिषद के महासचिव मंजित सिंह, सुमन गुप्ता, मीना राणा, गीता टंडन, पी के शर्मा, राकेश सहगल, सोमनाथ, टी आर वधवा, नवनीत गौड़ सहित समस्त परिषद सदस्य उपस्थित रहे।




























