
स्वर्णजीत सिंह अश्क | फतेहगढ़ साहिब
गांव बहलोलपुर का प्रगतिशील किसान उमांशु पुरी मशरूम की खेती की अलख जगा रहा है। बतौर उमांशु, उसने बीटैक और एमबीए के बाद दो साल प्राइवेट फर्म में नौकरी की। आगे बढ़ने की चाह में दोस्त के पिता, जो मशरूम की खेती कर रहे थे, के साथ काम शुरू किया। उसने कृषि विज्ञान केंद्र फतेहगढ़ साहिब, पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी लुधियाना और डायरेक्टोरेट ऑफ मशरूम रिसर्च सोलन से मशरूम की पैदावार की सिखलाई ली। पहले दो साल उसने सीजनल खेती की। 2015 में उसने काम को बढ़ाकर एक एकड़ में किया। इसके लिए राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड से एक करोड़ 35 लाख रुपए कर्ज लिया। उसे 30 लाख सब्सिडी मिली। गर्मियों में एयर कंडिशनर लगाने से लागत बढ़ गई जिससे कमाई कम हो गई। सर्दियों में लागत घटने के कारण एक किलो खुंब पर 40 रुपए लागत आती है जो बाजार में 80 रुपए से 85 रुपए प्रति किलो बिकती है।
अब उसने बीज तैयार करना शुरू किया। इससे भी वह अच्छी आजीविका कमा रहा है। उमांशु का कहना है कि मशरूम की खेती के लिए ज्यादा जमीन की जरूरत नहीं होती। इसे सर्दियों में झोपड़ी बनाकर भी शुरू किया जा सकता है। शादियों के सीजन में मशरूम की कीमत 250 रुपए प्रति किलो हो जाती है, इस सीजन में ज्यादा लाभ होता है। उसने बताया कि वह साल में 120 से 150 मीट्रिक टन तक मशरूम उत्पादन करता है।
मशरूम की खेती पर 20 लाख तक सब्सिडी
उमांशु का कहना है कि पंजाब का युवा जितना पैसा खर्च कर विदेश जा रहा है। उतने में यहीं वहां के बराबर काम किया जाए तो अच्छा पैसा कमाया जा सकता है। डिप्टी डायरेक्टर बागवानी स्वर्ण सिंह मान ने कहा कि विभाग की तरफ से मशरूम की खेती के लिए 55 लाख तक का कर्ज दिया जाता है जिस पर 20 लाख रुपए सब्सिडी के रूप में वापस आ जाता है। अगर किसान इस धंधे को खेती के सहायक धंधे के तौर पर अपना लें तो उनकी आर्थिकता मजबू हो सकती है।
इधर; दो कमरों में मशरूम उगाकर 20 हजार महीना कमा रही मनप्रीत
मनप्रीत कौर कभी स्कूल नहीं गईं पर मशरूम की खेती की हैं मास्टर
सतपाल गर्ग | लंबी
देवीगढ़ के पास गांव मिशीगन की मनप्रीत कौर कभी स्कूल नहीं गईं, मशरूम की खेती कर बाकी गृहणियों के लिए मिसाल बनी हैं। अपने कच्चे घर के दो कमरों में मशरूम उगाकर वह 8 साल से परिवार को पाल रही हैं। बतौर मनप्रीत वह महीने में 15 से 20 हजार रुपए कमा लेती हैं। मनप्रीत ने बताया कि उसके घर में चार कमरे हैं जिनमें से 1 कमरा पक्का और तीन कच्चे हैं। दो कच्चे कमरों में वह मशरूम उगाती हैं। अधिकतर काम वह खुद करती हैं। मशरूम की संभाल से लेकर इसकी तुड़ाई करके वह खुद इसे मार्केट में बेचकर आती हैं। मनप्रीत कौर मशरूम की 2 किस्मों बटन और ढींगरी मशरूम की खेती कर रही हैं। उसने अपने कमरों में बांस की लाठियां, लकड़ी के बाले व रस्सियों से रैक बनाए हैं।





















