चंडीगढ़, सुनीता शास्त्री। प्राचीन कला केन्द्र तीन दिवसिय हेमन्तोत्सव का आज यहाँ टैगोर थियेटर में भव्य समापन हो गया जिसमें दिल्ली से आये सधे हुए सरोद वादक जयदीप घोष और प्रसिद्ध कथक नृतयांगना कविता ठाकुर ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरजंन किया । आज के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संगीत नाटक अकादमी के चैयरमैन कमल अरोरा ने शिरकत कीआज की दो प्रस्तुतियों मे पहले मशहूर सरोद वादक पंडित जयदीप घोष ने अपने मधुर सरोद वादन की प्रस्तुति दी । जयदीप ने सगीत की प्रारभिक शिक्षा पंडित अनिल रायचौधरी से प्राप्त की उपरांत संगीताचारय राधिका मोहन पद्मभूषन बुद्धदेव दासगुप्ता से संगीत की बारिकियाँ सीखी । इन्होने ने देश ही नही विदेशों मेंभी अपनी कला का बखूबी प्रदर्शन किया ।दुसरी ओर डॉ कविता ठाकुर लखनऊ सब्से प्रतिभाशाली एवम कुशल कत्थ्क न्रतयांगना हैंकविता ने सगीत कि शिक्ष गुरु मुन्ना शुक्ला से प्राप्त की है। आज के कार्यक्र्म कि शुरुआत राग हेम कल्याण से किया जिस में आलाप के बाद जोड़ की सुन्दर प्रस्तुति देकर जयदीप ने दर्शकों को सहज ही अपने संगीत से बान्ध लिया उपरात राग सांझ सरावलि राग में निबद्ध दो गत्ेंा पेश कीइस मोहक प्रस्तुति के पशचात डॉ कविता ठाकुर ने मचं सम्भाला इन्होने सबसे पहले साँई भजन प्रस्तुत करके क्रायक्र्म कि भक्तिमई शुरुआत की उपरात एकल प्रस्तुति मे कविता ने छौताल में पारम्परिक न्रित्य पेश किया इसके पशचात कविता के समूह द्वारा उल्लास प्रस्तुत किया गया जिस में भाव और पारम्परिक नृतय का मोहक प्रदर्शन करके दर्शको की खूब तालियाँ बटोरी कार्यक्र्म का समापन नृतय नाटिका गंगा से किया जिस मे इन्होने गंगा के पावन रुप को एवम इसे क गुणों की खूबसूरत प्रस्तुति नृतय के मध्यम से पेश करके दर्शको को मन्त्रमुगध कर दिया कविता के समूह में अभिशेक खिची मयुख भटाचार्य एवम सुजाता गावे ने साथ दियाक्रार्यकर्म के समापन पर केन्द्र कि रजिसटरार डॉ शौभा कोसेर एवम सचिव सजल कोसेर ने कलाकारो को सम्मानित किया।

























